प्रीत नगर का टिंकू हत्याकांड:लल्ली ने कत्ल के तुरंत बाद कांग्रेसी कौंसलर दीपक शारदा को की थी कॉल

जालंधर4 महीने पहलेलेखक: सतपाल
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पुनीत शर्मा। - Dainik Bhaskar
पुनीत शर्मा।
  • राजनीतिक पेंच में लटक रही जांच, 93 दिन बाद भी पुलिस ने कौंसलर को जांच में नहीं किया शामिल, पुलिस का जवाब- जांच जारी है
  • कत्ल के बाद नरिंदर लल्ली ने 7 कॉल्स की, पिता और जीजा से कहा- भाग जाओ, कौंसलर से बात पर रहस्य बरकरार

सोढल के प्रीत नगर में 6 मार्च की दोपहर गोलियां मारकर कत्ल किए गए बिजनेसमैन गुरमीत सिंह टिंकू के मामले में बड़ा राजनीतिक पेंच पुलिस जांच को लटका रहा है। 93 दिन से फरार हत्यारोपी नरिंदर लल्ली ने कत्ल के तुरंत बाद वार्ड-62 के कांग्रेसी कौंसलर दीपक शारदा से बात की थी।

दोनों के बीच आधा मिनट से ज्यादा बात हुई। यह कॉल क्राइम सीन से कुछ ही दूरी की लोकेशन से की गई थी। लल्ली ने 7 कॉल्स में से दूसरी हरियाणा में रहते जीजा, तो पांचवीं पिता को की थी। वह कत्ल की साजिश में रेकी का आरोपी है। पुलिस जीजा के घर हरियाणा स्थित पहुंची, मगर वहां न लल्ली मिला न ही फैमिली मेंबर। पुलिस के दबाव में जीजा-पिता तो जांच के हिस्सा बने।

उनका कहना था कि लल्ली ने काॅल करके भाग जाने को कहा था। दूसरी तरफ पुलिस ने क्राइम सीन से कुछ ही दूरी पर सोढल नगर में रहते कांग्रेसी कौंसलर दीपक शर्मा को बुलाया तक ही नहीं। लल्ली की कॉल डिटेल में कत्ल से एक दिन पहले पांच मार्च को भी लल्ली ने कौंसलर को कॉल की थी। दोनों आपस में चचेरे भाई है, मगर कौंसलर किसी भी रिश्तेदारी से इनकार कर रहे हैं।

बड़ा सवाल: हथियार देने वाला कौन था और लुधियाना में पुनीत और लल्ली को लेने कौन आया था

केस में अब भी सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर टिंकू को मारने के लिए इस्तेमाल किए गए वेपन कहां से आए थे। वह कौन था, जो पहले से ही पुनीत शर्मा और लल्ली का लुधियाना में एक अन्य कार में इंतजार कर रहा था। टिंकू कत्ल केस में रेकी से लेकर हत्यारों को उनकी मंजिल पर लेकर जाने वाले दो आरोपी ट्रेस हो चुके हैं, मगर उनकी गिरफ्तारी में देरी पुलिस की काबिलियत पर सवाल उठा रही है।

थ्री-स्टार कॉलोनी के पास रुके थे हत्यारे

पुलिस की जांच में यह बात आ चुकी है कि टिंकू की मर्डर एक बड़ी साजिश है। हत्यारे कत्ल से तीन दिन पहले सिटी में आए थे। पुनीत ने थ्री-स्टार कॉलोनी के पास एक मकान में इनके रुकने का इंतजाम किया था।

यहां पर हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी मल्ल सुरिंदर सिंह दोनों वासी फिरोजपुर और शूटर हैप्पी भुल्लर रुके थे। कत्ल से पहले एरिया की रेकी की गई थी और एरिया को अच्छी तरह से जानने वाले एक ड्राइवर बुलाया गया था।

जेल जा चुके सुरिंदर ने माना है कि भुल्लर ने कहा था कि हम ने केवल टिंकू को गोलियां मार कर जख्मी करना है। वेपन देने के लिए कॉलोनी में एक शख्स आया था। उसने मास्क पहना था। वह स्थानीय नागरिक लग रहा था। सुरिंदर कहता है कि पुनीत और भुल्लर ने टिंकू को सीधी गोलियां मार दी। भुल्लर ने फिर कार में कहा था कि पुनीत नहीं चाहता है कि टिंकू जिंदा रहे।

कत्ल में राजनीति व जायदाद का खेल

टिंकू की मोटी जायदाद उसके फ्रेंड सर्किल के नाम पर ही है। टिंकू वैसे राजनीति में दखल नहीं देता था, मगर उसका एक दोस्त अपनी मार्केट की प्रधानगी को लेकर हमेशा चर्चा में रहा है। टिंकू के खेमे से जुड़े करीबी नार्थ की राजनीति में अंदर खाते दखल रहे थे।

टिंकू का करीबी नेता दोस्त भी उसका दुश्मन बन चुका था। पर्सनल लाइफ और जायदाद को लेकर दोस्त एेसा दुश्मन बना कि उसने राजनीतिक आका के बल पर टिंकू को कानूनी झंझट में फंसा दिया। नॉर्थ की राजनीति करने वाला एक नेता टिंकू का अंदरखाते दुश्मन बन चुका था।

उसने भी टिंकू पर पर्चा दर्ज करवाने के लिए ताकत लगा दी थी। टिंकू राजीनामे के लिए एक बड़े दरबार में हाजरी लगाने गया, मगर वहां पर उसे गोली दी गई। टिंकू को पता ही नहीं था कि उसके कत्ल की साजिश बन चुकी है। पुलिस जांच में यह बात आ चुकी है कि टिंकू की काफी प्रॉपर्टी दोस्तों के नाम पर है।

एक्सपर्ट बोले-

नोटिस भेज पूछताछ की जानी चाहिए

कत्ल जैसे संगीन केस में पुलिस हर शख्स को जांच के दायरे में लेकर आती है, चाहे वह कोई भी हो। पुलिस सीआरपीसी की धारा-160 के तहत नोटिस जारी कर पूछताछ कर सकती है। पूछताछ में तार जुड़ने पर शख्स को साजिश का आरोपी बनाया जा सकता है।

-एडवोकेट कर्णवीर कोहली

एक एसएचओ ने कहा मैं बदल चुका हूं, दूसरे ने कहा मैं अभी आया हूं, चेक कर लेता हूं

मेरे नोटिस में ऐसी बात नहीं है, मैं बदल चुका हूं। इसलिए कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। कार्यकाल के दौरान जांच में क्या निकला ये सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, क्योंकि अभी जांच चल रही है।

कमलजीत सिंह, पूर्व एसएचओ

​​​​​​​मैं चेक कर लेता हूं, क्योंकि मेरे कार्यकाल के दौरान यह कत्ल नहीं हुआ था। हत्यारे ने किसे कॉल की है कि यह बात मेरे नोटिस में नहीं है।

रविंदर कुमार, वर्तमान एसएचओ-8

यह एक अफवाह है

कौंसलर को हत्यारोपी की काॅल को लेकर जब एसीपी से बात की तो उन्होंने कहा- यह अफवाह है। लोग हवा में कुछ भी बोल देते हैं।

सुखजिंदर सिंह, एसीपी (नार्थ)

केस फाइल मेरे हाथ में नहीं

फाइल देखकर ही बता सकता हूं कि केस में क्या निकला। कॉल डिटेल को जांच करवा लूंगा। तभी कुछ कह पाऊंगा। जगमोहन सिंह, डीसीपी (लॉ एंड आर्डर)

उधर, कौंसलर शारदा बोले- मुझे कोई कॉल नहीं आई

दीपक शारदा बोले- मुझे किसी आरोपी ने कॉल नहीं की। उनसे पूछा गया कि लल्ली आपका रिश्तेदार है तो बोले- मेरी कोई रिश्तेदारी नहीं है।

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