जालंधर में गलत प्लॉट आवंटन का मामला:विजिलेंस के पास पहुंचा; करोड़ों के घोटाले में नपेंगे इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के अधिकारी-कर्मचारी

जालंधर6 महीने पहले
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जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट, जिसमें घोटालों की भरमार है। - Dainik Bhaskar
जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट, जिसमें घोटालों की भरमार है।

जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट में प्लॉट के आवंटन को लेकर हुए घपलों की जांच विजिलेंस ब्यूरो के पास पहुंच गई है। प्लॉट आवंटन में हेराफेरी करके करोड़ों रुपए डकारने वाले इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के अधिकारियों और कर्मचारियों में अब हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि घोटाले में ऊपर से नीचे तक कई लोग नपेंगे।

लोकल बॉडी विभाग ने गलत प्लॉट आवंटन का मामला जांच के लिए विजिलेंस ब्यूरो के पास भेज दिया है। विजिलेंस ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि प्लॉट के आवंटन में बहुत मोटा खेल खेला गया है। यह करोड़ों रुपए का घोटाला है। घोटाला स्थानीय स्तर पर विस्थापित हुए लोगों को LDP (Local Displaced People) के तहत मिलने वाले प्लॉट के आवंटन में हुआ है।

जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बहुत से विस्थापित परिवारों को प्लॉट नहीं मिले, बल्कि उनके हक मारते हुए प्लॉट किसी और को ही दे दिए गए। इस तरह से जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है। बता दें कि पिछले गुरुवार को इसी तरह का मामला विजिलेंस ब्यूरो ने लुधियाना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के खिलाफ भी दर्ज किया है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस तरह से गलत प्लॉट आवंटन करके पंजाब के इम्प्रूवमेंट ट्रस्टों और नगर सुधार ट्रस्टों में करीब एक हजार करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। पंजाब के सभी इम्प्रूवमेंट ट्रस्टों और नगर सुधार ट्रस्टों की जांच के बाद जो डाटा सामने आया, उसकी जांच विजिलेंस से करवाने के लिए लोकल बाडी विभाग के मंत्री इंद्रबीर सिंह निज्जर से भी स्वीकृति ले ली गई है।

इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट में विस्थापित लोगों को तो रियायती दर पर प्लॉट दिए ही जाते हैं। साथ ही उन्हें भी एक-एक प्लॉट रियायती दरों पर दिया जाता है, जिनकी भूमि को इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट कॉलोनी के लिए एक्वायर करता है। इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट को जमीन देने वाले भी एक प्लॉट के हकदार होते हैं, लेकिन इन्हीं रियायती प्लॉट में अधिकारियों औऱ कर्मचारियों ने कुंडली मारकर इन्हें दूसरे लोगों को बेच डाला।

जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट में जो 120 फाइलें गायब हो गई थीं और जो बाद में दफ्तर में ही मिल गई थीं। इनमें से भी बहुत सारी फाइलें LDP के केसों से जुड़ी हुई थीं। यह घोटाले कांग्रेस के शासनकाल में हुए। अब सत्ता में आई आम आदमी पार्टी ने इन सबकी जांच शुरू करवा दी है। सरकार इम्प्रूवमेंट ट्रस्टों में गाड़ियों, गैजेट्स और अन्य सामान पर हुई फिजूलखर्ची की भी जांच करवाने जा रही है।

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