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कोविड अपडेट:45 दिन बाद संक्रमित 300 से कम, संक्रमण दर 3.37% पर आई, प्राइवेट में मरीजों की गिनती घटी

जालंधर25 दिन पहले
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आप घर पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करेंगे तो ये बेड ऐसे ही खाली रहेंगे। - Dainik Bhaskar
आप घर पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करेंगे तो ये बेड ऐसे ही खाली रहेंगे।
  • जिले में 299 नए संक्रमित, 8 की मौत, 3761 एक्टिव केस

जिले में 45 दिन बाद कोरोना से कुछ राहत मिली है। 14 अप्रैल के बाद 29 मई को संक्रमितों की गिनती 300 से कम दर्ज हुई है। जिले में सेहत विभाग की टीमें रोज 7500 से ज्यादा सैंपल ले रही हैं। इससे यह क्लियर है कि सैंपलिंग कम नहीं हो रही, बल्कि कोरोना घट रहा है। उधर, शनिवार जिले में कुल 299 मरीजों की पुष्टि हुई, जिनमें से 45 बाहरी जिलों में रहने वाले हैं। वहीं, 8 मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जिले में कोरोना संक्रमितों की कुल गिनती 59649 और मृतकों का आंकड़ा 1367 तक पहुंच गया है।

फिलहाल जिले में 3761 एक्टिव केस हैं। वर्तमान में होम आइसोलेशन में 2940 मरीज जबकि अस्पतालों में 617 मरीज दाखिल हैं। सिविल अस्पताल की ओपीडी में दाखिल होने वाले मरीजों की गिनती में कमी आई है। पहले कोरोना से संबंधित करीब 70 मरीज रोज आते थे, जिनमें से करीब 60 को ऑक्सीजन की जरूरत होती थी और 50 फीसदी का कोविड टेस्ट पॉजिटिव आता था, लेकिन वर्तमान में अस्पताल में दाखिल होने वाले मरीजों की गिनती 20 से 30 तक रह गई है। इनमें 5 से 10 मरीज ही पॉजिटिव आ रहे हैं।

दूसरी तरफ प्राइवेट अस्पतालों में कोविड के लेवल-2 की श्रेणी में मरीज कम दाखिल हो रहे हैं, जबकि आईसीयू में‌ दाखिल होने वाले मरीजों की संख्या अभी पहले के मुकाबले 20 फीसदी ही कम हुई है। रिपोर्ट के अनुसार जालंधर में बाहरी राज्यों से आने वाले मरीजों में कमी आई है।

सिविल में डिमांड घटी, 400 की जगह रोज लग रहे 256 सिलेंडर

जिले में कोविड के इलाज के लिए करीब 68 अस्पताल को सूचीबद्ध किया गया है। इन सभी अस्पतालों में से सबसे अधिक मरीज सिविल अस्पताल में दाखिल रहे, लेकिन वर्तमान में जिले में रोजाना आने वाले मरीजों में गिरावट के बाद संक्रमण की दर भी 2 फीसदी के पास आ गई है।

सिविल अस्पताल की बात करें तो अस्पताल में पिछले महीने एक दिन में करीब 400 ऑक्सीजन के सिलेंडर लग रहे थे, जबकि वर्तमान में रोज 256 अॉक्सीजन के सिलेंडर इस्तेमाल हो रहे हैं। सिविल अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट से लेवल-2 के मरीजों को डायरेक्ट सप्लाई दी जा रही है।

सिविल अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड, जहां एक हफ्ता पहले रोज करीब 70 कोरोना मरीज आते थे लेकिन अब रोज 20 से 30 मरीज आ रहे हैं। राहत की बात है कि दोपहर करीब एक बजे इमरजेंसी वार्ड में कोई मरीज नहीं था।

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