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पंजाब में SAD-BSP साथ लड़ेंगी लोकसभा चुनाव:मायावती के दरबार में पहुंचे सुखबीर-हरसिमरत, कहा- इलेक्शन में अच्छे आएंगे नतीजे

जालंधर4 महीने पहले
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शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल और उनकी पत्नी हरसिमरत कौर बादल गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती के दरबार में पहुंचे। दोनों ने मायावती के साथ लंच किया और गठबंधन को मजबूत बनाने पर चर्चा की। हालांकि मायावती ने पिछले दिनों एक पत्रकार वार्ता में कहा था कि बसपा 2023-24 में होने वाले सभी लोकसभा और विधानसभा चुनाव अपने बूते पर लड़ेंगी।

लेकिन गुरुवार की बैठक के बाद यह तय हो गया है कि बहुजन समाज पार्टी देश में चाहे कहीं पर भी किसी के साथ गठबंधन न करे, लेकिन पंजाब में लोकसभा चुनाव के दौरान उनका गठजोड़ कायम रहेगा। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने बसपा सुप्रीमो के साथ जालंधर में होने वाले लोकसभा उप-चुनाव को लेकर भी चर्चा की। इसकी जानकारी खुद उन्होंने ट्वीट के माध्यम से भी दी है।

मायावती के साथ सुखबीर और हरसमिरत कौर बादल
मायावती के साथ सुखबीर और हरसमिरत कौर बादल

पंजाब को छोड़कर कहीं वोट ट्रांसफर नहीं हुआ
मायावती ने कहा कि बसपा को अकाली दल के नेताओं पर पूरा भरोसा है कि वह भी बसपा की तरह अपना वोट हमारी पार्टी को ट्रांसफर कराने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे। ताकि गठबंधन का फायदा हो, ज्यादा से ज्यादा उम्मीदवार चुनाव जीत अच्छा मैसेज दे सकें। मायावती ने अकाली नेताओं को बताया कि चुनाव के दौरान राज्य स्तर पर अभी तक जो भी गठबंधन किए हैं उससे केवल पंजाब को छोड़कर, हमारी पार्टी की तरह उनका वोट हमें ट्रांसफर नहीं होने के कारण हानि हुई है।

गठबंधन के लोकसभा चुनाव में आएंगे अच्छे नतीजे
बसपा प्रमुख ने सुखबीर बादल और हरसिमरत कौर बादल से हुई मुलाकात के बाद लगतार तीन ट्वीट किए। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल व बहुजन समाज पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की दिल्ली में हुई बैठक में पंजाब में अगले लोकसभा चुनाव में पुराने आपसी गठबंधन की मज़बूती व बेहतर तालमेल आदि पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में आगे की रणनीति पर लाभकारी बातचीत हुई

शिअद व बीएसपी गठबंधन भरोसेमंद
उन्होंने आगे लिखा कि शिअद व बीएसपी गठबंधन भरोसेमंद, जिस पर जनता की नजर है। लोकसभा में इसके अच्छे रिजल्ट से देश की राजनीति में बेहतर तबदीली संभव हैं। पहले कांग्रेस और अब आप पार्टी सरकार के कार्यकलापों और वादा खिलाफी से जनता दुखी है। भाजपा की जुगाड़ वाली नेगेटिव राजनीति भी लोगों को नापसंद है।

शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक और पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की अच्छी सेहत व लंबी उम्र की कामना करते हुए कहा शिअद-बसपा गठबंधन को बनाने, उसे मजबूती प्रदान करने में उनका योगदान सराहनीय है। गठबंधन को उनका आशीर्वाद पहले की तरह ही पूरी मजबूती से बरकरार रखेगा।

मायावती के घर पर सुखबीर और हरसिमरत कौर बादल।
मायावती के घर पर सुखबीर और हरसिमरत कौर बादल।

खराब अनुभवों के कारण तोड़ा अन्य राज्यों में गठबंधन
मायावती ने कहा कि पंजाब को छोड़कर अब तक के ज्यादातर रहे खराब अनुभवों को ध्यान में रखकर बसपा ने अगले चुनावों में अकेले ही अपने बल पर लड़ने का फैसला किया है। जिसे अकाली नेताओं ने सराहा और बसपा के भरोसे पर खरा उतरने के लिए पूरी जी-जान से जमीनी स्तर पर काम करने का यकीन दिलाया।

लोगों ने नया प्रयोग किया पर रास नहीं आया
बैठक में चर्चा हुई कि पंजाब के लोगों ने कांग्रेस पार्टी से मुक्ति पाने के लिए एक नया प्रयोग किया, लेकिन वह अब लोगों को रास नहीं आ रहा है। उससे भी उन्हें मायूसी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का भरोसा अब वापस अकाली दल-बसपा गठबंधन की तरफ लौट रहा है। गठबंधन को आपस में पूरे मेल-जोल व तालमेल के साथ कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। लोकसभा में अच्छे रिजल्ट तथा उसके माध्यम से फिर देश की राजनीति में बेहतर तबदीली संभव हो सकती है।

सुखबीर ने कहा- लौट रहा अकाली दल-बसपा गठबंधन पर लोगों का भरोसा
सुखबीर बादल ने ट्वीट कर कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। आप सरकार किसानों, युवाओं और अनुसूचित जाति के लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। अब दोबारा फिर से अकाली दल-बसपा गठबंधन पर लोगों का भरोसा कायम हो रहा है। इस बार जनविरोधी कांग्रेस-आप और भाजपा की नकारात्मक राजनीति के खिलाफ लोग मतदान करेंगे।