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सरकार और राजस्व अधिकारियों के बीच टकराव:एफिडेविट, इंतकाल, इनकम, जाति, निवास व मैरिज प्रमाणपत्र बनवाने समेत कई काम ठप, सूबे में 31.24 लाख हुई पेंडेंसी

जालंधर5 महीने पहलेलेखक: अनुभव अवस्थी
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह। - Dainik Bhaskar
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह।
  • 8 मई तक तहसीलाें में राजस्व संबंधी काम सभी प्रकार के काम बंद रहेंगे

कोरोनाकाल में सरकार और राजस्व अधिकारियों में आपसी खींचतान चरम पर है। राज्यभर में बीते 12 दिन से एफिडेविट, इनकम, कास्ट व निवास सर्टिफिकेट, मैरिज सर्टिफिकेट, असलहों के अप्रूवल, इंतकाल, सभी प्रकार के पेंशन सहित राजस्व के सभी काम ठप हैं। इस वजह से सूबे में नागरिक सेवाओं से संबंधित आवेदन की पेंडेंसी 31.24 लाख तक पहुंच चुकी है। सोमवार से सभी 22 जिलों में रजिस्ट्रियां हाेनी बंद हाे जाएंगी। राजस्व अधिकारी संघ विजिलेंस की जांच और सब-रजिस्ट्राराें पर दर्ज हुए मुकदमाें काे लेकर सरकार से एक गाइडलाइन बनाने की मांग कर रहा है। फिलहाल दाेनाें की आपसी जंग में हर दिन सूबे की 2.20 लाख लाेग तहसील दफ्तराें के चक्कर लगा रहे हैं।

विजिलेंस जांच और कर्मियाें की सुरक्षा काे लेकर गाइडलाइन बनाने की मांग

  • राजस्व अधिकारी संघ की मांग
  • सभी राजस्व अधिकारियों आदि को वाहन उपलब्ध कराना और उचित सुरक्षा प्रदान करना।
  • सरकार ऐसे दिशा-निर्देश जारी करे, जिन पर पुलिस या विजिलेंस राजस्व अधिकारियाें की जांच कर सकती है।

यह निर्णय लेना कि राजस्व अधिकारियों के अर्द्ध-न्यायिक और न्यायिक निर्णयों के खिलाफ शिकायतों या आपराधिक कार्यवाही पर कार्रवाई करना, राजस्व अधिकारियों को अधिनियमों/कानूनों में प्रदान की गई सुरक्षा के बावजूद, या अपील, संशोधन और समीक्षा जैसे उपायों की उपस्थिति में मामला दर्ज किया।

प्रतिदिन एक जिले में अमूूमन 10 से 12 हजार लाेग डीसी कांप्लेक्स से लेकर तहसील कार्यालयाें काे अाते हैं।
प्रतिदिन एक जिले में अमूूमन 10 से 12 हजार लाेग डीसी कांप्लेक्स से लेकर तहसील कार्यालयाें काे अाते हैं।

ऐसे विजिलेंस कर रही परेशान

एक निर्णय डीआरओ मोहाली ने एसीओ के रूप में लिया और दूसरा तहसीलदार सेल्स जालंधर द्वारा। पहले मामले में फाइनेंस कमिश्नर के राजस्व कार्यालय ने 3 अधिकारियों यानी एक डीआरओ व दो नायब तहसीलदारों के खिलाफ आरोप पत्र जारी किए हैं। दूसरे मामले में राजस्व के आदेशों का पालन करने के लिए तहसीलदार के खिलाफ एक विजिलेंस में मामला दर्ज किया, जबकि पहले ही फाइनेंस कमिश्नर द्वारा क्लीन चिट देने के बावजूद विजिलेंस अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप कर रहा।

बिना कारण अधिकारियों को परेशान किया जा रहा

महासचिव, पंजाब राजस्व अधिकारी संघ सुखचरण सिंह चन्नी ने राजस्व अधिकारियों पर अकारण परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि राजस्व अधिकारियों के खिलाफ अनावश्यक चार्जशीट दाखिल करना, झूठी एफआईआर और सरकारी वाहनों और सुरक्षा जैसे मामले लंबे समय से लंबित हैं। इन मांगों को पूरा करने के लिए 3 सप्ताह पहले राजस्व विभाग को एक लिखित नोटिस जारी किया गया था, मगर सरकार की ओर से काेई कार्रवाई नहीं की गई है।

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