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निगम:वार्ड की सालाना मेनटेनेंस के एस्टीमेट पर मेयर ने चलाई कैंची, तकनीकी समस्या के चलते रोक लगाई : मेयर

जालंधरएक महीने पहले
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निगम हाउस की मीटिंग कोरोना वायरस के कारण बीते 6 माह से नहीं हो पाई है। इसी चक्कर में वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट भी अब तक पास नहीं हो पाया है। ऐसे में हाल ही में निगम से बाहर कहीं मैरिज पैलेस में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हाउस की मीटिंग की योजना को लेकर मेयर जगदीश राजा ने पार्षदों को अपने वार्ड में डेवलपमेंट के एस्टीमेट तैयार कराने को कहा था, ताकि हाउस से मंजूरी के बाद टेंडर कराया जा सके।  इसी कड़ी में पार्षदों की मांग पर मेयर ने वार्ड स्तर पर बीएंडआर ब्रांच के सालाना मेनटेनेंस के 10 लाख के होने वाले टेंडर को बढ़ाकर 20 लाख रुपए की लिमिट करने का भरोसा दिलाया था। मेयर के कहने पर अधिकांश पार्षदों ने 20-20 लाख रुपए का एस्टीमेट तैयार करवा लिया, लेकिन अब मेयर के आदेश पर एस्टीमेट पर कैंची चलाकर उसे 10 लाख ही करने को लेकर कांग्रेस के ही कई पार्षद नाराज हैं।

बीते सप्ताह पार्षद शमशेर सिंह की बीएंडआर एडहॉक कमेटी के चेयरमैन जगदीश गग के साथ बहस भी हुई थी। हेल्थ एंड सेनिटेशन कमेटी के चेयरमैन पार्षद बलराज ठाकुर ने कहा कि अगर 10 लाख के काम के ही टेंडर लगने थे, तो फिर पार्षदों को इतना परेशान करने की जरूरत क्या थी। उधर, मेयर का कहना है कि सालाना मेनटेनेंस के नाम पर 10 लाख से ज्यादा के टेंडर नहीं हो सकते। इसको लेकर कई तकनीकी समस्या आने के कारण ही रोक लगाई गई है। 

गग के 20 लाख के एस्टीमेट से पार्षदों में पनपी नाराजगी
कांग्रेस के अधिकांश पार्षदों की नाराजगी बीएंडआर एडहॉक कमेटी के चेयरमैन जगदीश गग के वार्ड के 20 लाख के एस्टीमेट बनाने को लेकर है। पार्षद शमशेर सिंह खैहरा ने कहा कि अगर मेयर ने कटौती की है, तो सभी वार्ड में ऐसा होना चाहिए। वार्ड नंबर 12 के लिए 20 लाख का एस्टीमेट क्यों बनाया गया है। इसको लेकर और भी कई पार्षद नाराज हैं, लेकिन अभी मेयर के फैसले के इंतजार में खुलकर बोलने से परहेज कर रहे हैं।

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