मौसम की खबर:अगस्त में मानसून कमजोर, 20 तक मौसम साफ, आने वाले दिनों में बारिश संभव; अलग-अलग जगह बूंदाबांदी

जालंधरएक महीने पहले
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एक्यूआई सुधरने से फिर पहाड़ दिखे - Dainik Bhaskar
एक्यूआई सुधरने से फिर पहाड़ दिखे
  • 10 साल में केवल 2014 में 6.9 एमएम बारिश, अब 15 दिन में केवल 16 एमएम
  • केंद्र के डायरेक्टर मनमोहन सिंह ने कहा कि अभी मानसून फिर से सक्रिय होगा

तीखी धूप निकलने से जालंधर के लोग फिर से गर्मी का सामना कर रहे हैं। दोपहर 12 बजे ही टेंपरेचर 30 डिग्री पर पहुंच गया। सुबह बादल छाए रहे। साफ हवा के बीच हिमाचल-जम्मू के पहाड़ों की आभा जालंधर सिटी से नजर आई। सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स सिर्फ 50 रहा, जोकि दोपहर को 70 पर पहुंचा है। अभी 20 अगस्त तक मौसम साफ रहने के आसार हैं।

लोकल स्तर पर सीमित क्षेत्र में बारिश हो सकती है। मुख्य तौर पर फिलहाल मानसून कमजोर पड़ा है। मौसम केंद्र के डायरेक्टर मनमोहन सिंह ने कहा कि अभी मानसून फिर से सक्रिय होगा। सितंबर में भी अच्छी बारिशें होती हैं। जालंधर में अगस्त में अभी सिर्फ 20 एमएम बारिश हुई है, जबकि यह पहले 15 दिनों में ही अगस्त में जालंधर में 50 एमएम तक पानी गिर जाता है। पिछले 11 वर्षों की तुलना करें तो केवल 2014 में केवल 6.9 एमएम बारिश अगस्त में जालंधर हुई थी। इसके बाद इस साल पहले दो हफ्ते कमजोर मानसून में चले गए है।

भूजल पर धान की खेती की बढ़ रही निर्भरता

विस्तृत क्षेत्र की बजाय केवल सीमित क्षेत्रों वाली बारिशें मात्र हो रही हैं। इससे धान की खेती भूजल पर निर्भर रही है। लिद्दड़ां में किसान सतनाम सिंह ने कहा कि जुलाई में ट्यूबवेल चलाने की जरूरत नहीं पड़ी थी। बरसाती पानी से काम चल रहा था, लेकिन अगस्त में बारिशों ने लंबा इंतजार कराया है। पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी मौसम के अनुसार कामकाज का जो शेड्यूल जारी करती है, वह उसके अनुसार ही योजना बनाते हैं। दूसरी तरफ खेतीबाड़ी विभाग के माहिरों ने बताया कि अभी मानसून बरकरार है, मौसम बदलने की पूरी आस है। जालंधर में अगस्त में 2021 में 125 एमएम से ज्यादा बारिश हुई थी, जबकि 2020 में 100.1 एमएम, 2019 में 198 एमएम तथा 2018 में 57.3 एमएम पानी गिरा था। जबकि 2014 इकलौता है साल है, जब 50 एमएम से कम बारिश रही थी।

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