भास्कर एनालिसिस:1 से बरसेगा मानसून, सर्वाधिक बारिश यही हुई थी; लंबी ब्रेक के आसार कम

जालंधर5 महीने पहले
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पेड़ों पर टंगे छाते जो मानसून में भी साथ देंगे। - Dainik Bhaskar
पेड़ों पर टंगे छाते जो मानसून में भी साथ देंगे।

चिलचिलाती गर्मी और उमस से जालंधरियों को जल्द छुटकारा मिलने वाला है। इस बार मानसून सटीक समय पर है। 30 जून व 1 जुलाई की बारिशें मानसून की हैं। जबकि 29 की बारिशों को प्री मानसून माना जाएगा। मौसम केंद्र के डायरेक्टर मनमोहन सिंह ने बताया कि एक हफ्ते से चल रही तीखी गर्मी से 2-3 दिन की बारिश राहत देगी। टेंपरेचर 2-4 डिग्री तक गिरेगा। मानसूनी बारिशें पहाड़ी क्षेत्रों में भी होंगी जिससे पड़ोसी जालंधरियों को ठंडक महसूस होगी। इस बार लंबी ब्रेक के आसार कम हैं और अच्छी बारिश की संभावना ज्यादा है। वहीं, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन ने बताया कि 41 डिग्री के करीब पारा पहुंचा है।

सारा दिन गर्म हवाएं चलीं। उमस का प्रभाव भी है। दूसरी तरफ, जिले में बारिशों का तुलना करें तो इकलौता जुलाई का महीना है जब बादल खूब बरसते हैं। सर्दी के महीनों में बारिशों का ग्राफ गिरा है। अब लोकल स्तर की बारिशें कम होने लग गई हैं। पिछले साल 573.1 एमएम की सामान्य बारिश की तुलना में 706.9 एमएम पानी बरसा था।

जुलाई ऐसा माह जब अच्छी बारिश
जुलाई, 2019 में 106.3 एमएम बारिश हुई थी। 2020 में 123.8 एमएम, 2021 में 170 एमएम बारिश रही थी। 2014 में 200 एमएम रिकॉर्ड हुई। सबसे सूखे महीने अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर हैं। स्थानीय स्तर की बारिशें कम होने के कारण सर्दियों के महीने बिना बूंदों के गुजरे।

पिछले साल 133 एमएम ज्यादा बारिश
2021 में नॉर्मल 573.1 एमएम की तुलना में 706.9 बारिश रही थी जिससे जालंधर को लार्ज एक्सेस वाले जिलों में रखा गया। बठिंडा, फरीदकोट, कपूरथला में 22 से 59 फीसदी तक ज्यादा बारिश रही थी।

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