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संडे बाजार में कोरोना की सेल:सात दिन में 2800 से ज्यादा संक्रमित, 29 की मौत और इधर

जालंधर5 महीने पहले
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काेराेना वायरस के 489 नए केस, 4 मरीजाें की हुई माैत। - Dainik Bhaskar
काेराेना वायरस के 489 नए केस, 4 मरीजाें की हुई माैत।

काेराेना के संक्रमित लगातार बढ़ रहे हैं। नया स्ट्रेन पहले से ज्यादा संक्रामक और खतरनाक है। रविवार काे काेराेना से 4 मरीजाें की माैत हाे गई और 489 नए संक्रमित मिले हैं। एक हफ्ते में 2800 से अधिक काेराेना के मामले आ चुके हैं। 29 मरीजाें की जान गई है। रविवार काे जिले में मिले कुल 489 संक्रमिताें में से 44 बाहरी हैं।

सेहत विभाग का कहना है कि रविवार काे जिन मरीजाें की माैत हुई है उन्हें हालत गंभीर हाेने पर अस्पताल लाया गया था। काेराेना के बढ़ते मामलाें के मद्देनजर रेलवे ने भी सख्ती बढ़ा दी है। अब बिना मास्क के सिटी स्टेशन के अंदर एंट्री नहीं हाेगी। बिना मास्क स्टेशन पर पकड़े जाने पर 500 रुपए के जुर्माने के आदेश दिए गए हैं। स्टेशन पर रविवार काे 114 यात्रियों के कोरोना टेस्ट लिए गए। 2 दिन में 244 यात्रियों के कोरोना टेस्ट करवाए गए।

भास्कर एक्सपर्ट : वार्ड वाइज बने टीकाकरण की प्लानिंग, सौ फीसदी टीकाकरण से ही हारेगा कोरोना

हेल्थ मॉनिटरिंग एंड प्लानिंग कमेटी के सेक्रेटरी सुरिंदर सैनी ने कहा कि जिला प्रशासन के दावाें के विपरीत अभी भी पर्याप्त टेस्ट नहीं हो रहे। कई संदिग्ध बीमारी को छिपाकर घर में बैठे हैं। प्रशासन काे इन छिपे हुए बीमाराें को अस्पताल पहुंचाना एक बड़ी चुनाैती है। कई लोग बीमार होने के बावजूद यहां-वहां इलाज करवा रहे हैं।

जब ज्यादा गंभीर हाेते हैं ताे सैंपलिंग करवाने पहुंच रहे हैं। ऐसे में उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत लगती है और मौतें हो रही हैं। इस बीच वे कई लोगों काे संक्रमित भी कर चुके होते हैं। ऐसे में जरूरत है कि डोर-टू-डोर सर्वे शुरू करवाकर संदिग्धों की घरों में जाकर ही सैंपलिंग की जाए। शहर में 80 वार्ड हैं।

प्रत्येक वार्ड में 12 से 14 एरिया आते हैं और इनकी आबादी औसतन 15 हजार है। इनमें से हर दिन कम से कम दो-दो वार्ड में 100 फीसदी टीकाकरण करवाया जाए। इसके लिए 3 से 5 टीमें बनाई जाएं। तीन मेडिकल की और दाे सर्वे की टीमें। सबसे पहले सर्वे टीम दोनों वार्ड में सर्वे कर मेडिकल की टीम को सूची दे, जिसमें यह जानकारी रहेगी कि आयु के मापदंड के आधार पर वार्ड में कितने लोगों काे टीका लगना बाकी है।

टीके नहीं लगवा रहे लाेग
1. 45 साल की आयु पूरी हाेने के बावजूद कुछ लोग घर से निकल टीकाकरण नहीं करवा रहे।
2. घर-घर जाकर टीकाकरण से क्षेत्र विशेष में संक्रमण व अन्य बीमारियों की स्थिति पता चलेगी।
3. इससे यह भी पता चलेगा कि कितने लोग टीका लगवाने से बच रहे हैं और क्याें?
4. इस प्लान से टीकाकरण में तेजी आएगी और जल्द लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलेगी।
5. इससे सबसे बड़ा फायदा संक्रमण को रोकने में भी सहयोग मिलेगा।

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