बस्ती पीरदाद-लेदर कॉम्प्लेक्स रोड पर निगम का एक्शन:रिहायशों में दुकानें चलाने वाली सात इमारतों को जड़े ताले; लगाई सील

जालंधर4 महीने पहले
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दुकानों को सील करते नगर निगम के अधिकारी। - Dainik Bhaskar
दुकानों को सील करते नगर निगम के अधिकारी।

जालंधर में प्रॉपर्टी टैक्स दिए बिना रिहायशों में ही दुकानें बनाकर सरकारी खजाने को चूना लगाने वालों पर नगर निगम जालंधर ने शिकंजा कसा है। निगम के प्रॉपर्टी टैक्स विभाग ने बस्ती पीरदाद-लेदर कॉम्प्लेक्स रोड पर ऐसी सात इमारतों पर ताले जड़कर सील कर दिया। सभी बिना प्रॉपर्टी टैक्स दिए इमारतों का कॉमर्शियल यूज कर रहे थे।

नगर निगम के सुपरिंटेंडेंट महीप सरीन और राजीव ऋषि ने इंस्पेक्टर हौसला प्रसाद के साथ इलाके में कार्रवाई की। यहां पर मेन रोड पर रिहायशी इमारतों में ही कई लोगों ने दुकानों बना रखी हैं। यह लोग प्रॉपर्टी टैक्स भी नहीं दे रहे हैं। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई ऐसे ही किसी की शिकायत पर नहीं की गई। बल्कि निगम ने इससे पहले अपने स्तर पर सर्वे करवाया कि शहर में कितनी ऐसी इमारतें हैं जो रिहाइशी इलाकों में हैं और बिना प्रॉपर्टी टैक्स दिए इनका कॉमर्शियल यूज हो रहा है। निगम टीम ने बस्ती पीरदाद रोड पर सर्वे में जिन-जिन लोगों ने टैक्स नहीं जमा करवाया था, उनके खिलाफ कार्रवाई की। इन सभी से प्रॉपर्टी टैक्स लेने के बाद ही सील खोली जाएगी। नगर निगम कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने प्रॉपर्टी टैक्स के जरिए निगम की आय बढ़ाने पर टारगेट किया है।

बता दें कि नगर निगम के नई कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने मंगलवार को प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के चारों सुपरिंटेंडेंट के साथ मीटिग की थी। उन्होंने निर्देश दिया कि कॉमर्शियल, अस्पताल, होटल और मॉल का डोर-टु-डोर सर्वे किया जाए। बहुत सारे ऐसे भवन हैं जो निगम को प्रॉपर्टी टैक्स नहीं दे रहे हैं। यदि प्रॉपर्टी टैक्स निगम को मिलना शुरू हो जाए तो इससे निगम का खजाना भरेगा और विकासात्मक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। नगर निगम कमिश्नर ने रिहायशी इमारतों और फ्लैटों के सर्वे भी करवाने का फैसला लिया है। निगम पिछले 15 दिनों में 1200 से ज्यादा डिफाल्टरों को नोटिस जारी कर चुका है। महीप सरीन ने कहा कि सीलिंग की कार्रवाई शुरू होने के बाद निगम की आय में बढ़ोतरी हुई है।