कोरोना से राहत:68 दिन बाद न नया केस और न ही मौत, अस्पतालों में भी 6 ही मरीज दाखिल

जालंधर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
यह डीसी काॅम्प्लेक्स है, जहां से ‘नो मास्क नो सर्विस’ का निर्देश जारी होता है, लेकिन लोग और मुलाजिम इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे। ऐसे ही चला तो कोरोना फिर बढ़ सकता है। - Dainik Bhaskar
यह डीसी काॅम्प्लेक्स है, जहां से ‘नो मास्क नो सर्विस’ का निर्देश जारी होता है, लेकिन लोग और मुलाजिम इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे। ऐसे ही चला तो कोरोना फिर बढ़ सकता है।
  • माइक्रो और कंटेनमेंट एरिया खत्म, मौतों का आंकड़ा भी घटेगा, क्योंकि लेवल 2 और 3 में मरीजों की संख्या कम हुई
  • जनवरी रहा ज्यादा खतरनाक- 17 से 21 तारीख तक 3700 से ज्यादा संक्रमित आए, जबकि 19-20 तारीख को 9 की मौत हुई

कोरोना की तीसरी लहर में बड़ी राहत बुधवार को मिली है कि कोरोना का कोई नया केस नहीं आया, जबकि किसी मरीज की कोरोना के कारण मौत भी नहीं हुई। इसके साथ ही जिले में कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 78192 और दम तोड़ने वालों की गिनती 1577 पर ही स्थिर रही है। संक्रमितों के मामले में ऐसी राहत 68 दिन बाद मिली है।

हालांकि जिले में कोरोना की सैंपलिंग का ग्राफ बीते दिनोंं में सबसे ज्यादा 77 फीसदी ही रहा है। जबकि विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि कोरोनावायरस के कारण अस्पतालों में दाखिल मरीजों की संख्या भी तेजी से कम हो रही है और नए संक्रमित मरीज अस्पतालों कम ही दाखिल हो रहे हैं। फिलहाल जिले में 6 मरीज ही अस्पतालों में दाखिल हैं।

संपर्क में आए संक्रमित भी घटे

सेहत विभाग की रिपोर्ट के अनुसार संक्रमितों के संपर्क में आने वाले मरीज भी तेजी से कम हो रहे हैं। जिले में कोरोना के परिवारों में भी एक से ज्यादा सदस्यों को संक्रमण की पुष्टि नहीं हो रही है। अब न तो शहर और देहात के किसी भी एरिया में कोरोनावायरस से जुड़ा कोई भी नया माइक्रो और कंटेनमेंट जोन नहीं बना है। उधर, बुधवार को जिले में 100 से अधिक वैक्सीनेशन सेंटरों पर 8 हजार से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई गई। वहीं डाॅक्टर्स का कहना है कि अब कोरोना में राहत है, फिर भी लोगों को मास्क पहनना ही चाहिए।

तीसरी लहर में 1259 से शून्य तक आया मरीजों का ग्राफ

जिले में कोरोना की तीसरी लहर में एक दिन में सबसे ज्यादा मरीज 17 जनवरी को आए थे। उस दिन 1259 को संक्रमण की पुष्टि हुई थी, जबकि एक दिन में सबसे ज्यादा पांच मरीजों की मौत भी उसी दिन हुई थी। जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या शून्य तीसरी लहर में बुधवार को ही दर्ज की गई है। साथ ही जनवरी और फरवरी के करीब 59 दिनों 10 हजार से अधिक संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। बुधवार को कोई मौत न होने के बाद विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मौत का ग्राफ नीचे ही आएगा। इसका कारण यह है कि शहर के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में लेवल 2 और लेवल 3 की श्रेणी में केवल 3-3 मरीज ही दाखिल हैं।

डाॅक्टर की सलाह- बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

जिला डेथ रिव्यू कमेटी के नोडल अफसर डाॅ. रमन गुप्ता का कहना है कि संक्रमितों की संख्या चाहे कम हो रही है, लेकिन बुजुर्गों का अभी ध्यान रखना होगा। कोमोरबिड यानी अन्य बीमारियों से पीड़ित बुजुर्ग संक्रमण का जल्दी शिकार हुए हैं और उनमें से ज्यादातर रिकवर भी नहीं कर पाए हैं।

खबरें और भी हैं...