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  • Now International Driving License Will Be Able To Be Renewed From India While Sitting Abroad, The Central Government Started The Process

नोटिफिकेशन जारी:अब विदेश में बैठे-बैठे भारत से रिन्यू करवाया जा सकेगा इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्र सरकार ने शुरू किया प्रोसेस

जालंधर8 महीने पहले
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  • केंद्र सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन, जालंधर से हर साल बनते हैं 500 से ज्यादा इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस
  • विदेश में पढ़ने, टैक्सी ड्राइवर और निजी वाहनों पर सफर करने वालों को मिलेगा फायदा

हर साल कनाडा और दूसरे देशों में पढ़ाई के लिए जाने वाले विद्यार्थी इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर साथ ले जाते हैं ताकि विदेश में गाड़ी चलाने में कोई परेशानी न आए। अकसर कनाडा की अथॉरिटी वहां का स्थानीय ड्राइविंग लाइसेंस अप्लाई करने से पहले भारत के परिवहन विभाग से पहले बनाए गए ड्राइविंग लाइसेंस की अटेस्टेड कॉपी मंगवाने के लिए कहती है।

ऐसे में केंद्र सरकार ऐसा सिस्टम बनाने पर विचार कर रही है, जिसमें अगर कोई विदेश में रह रहा हो और उसके इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस की आखिरी तारीख क्रॉस हो जाए तो वह विदेश बैठे-बैठे ही अगली अवधि का लाइसेंस ले सके।

एक्सपर्ट व्यू : नई व्यवस्था से मिलेगी राहत

जो लोग फॉरेन से स्थानीय ड्राइविंग लाइसेंस लेकर भारत आते हैं, उनके लिए प्रोसीजर बनाने पर भी विचार चल रहा है। केंद्र सरकार तब सक्रिय हुई है, जब महसूस किया गया कि जो लोग इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर विदेश जाते हैं, उनके लिए लाइसेंस रिन्यू कराने का सिस्टम ही नहीं बनाया गया है।

ऐसे में केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दी है। जालंधर के परिवहन कार्यालय की बात करें तो औसतन सालाना 500 से ज्यादा इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनते हैं। इस बारे एडवोकेट जसलीन कौर बताती हैं कि नई व्यवस्था बनने के बाद लोगों को बहुत आसानी होगी क्योंकि अकसर भारतीय इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि पूरी होने के बाद लोगों को विदेश रहते हुए स्थानीय लाइसेंस बनाने के लिए तकलीफों का सामना करना पड़ता था। जो लोग कम समय के लिए विदेश में रहना चाहते हैं, उन्हें भी लोकल फीस देनी पड़ती थी।

लोगों की मांग- प्लास्टिक के डेटा चिप वाले बनाए जाएं लाइसेंस

उधर, लाइसेंस बनाने वाले लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि प्लास्टिक के डेटा चिप वाले इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनाने चाहिए। अभी जो लोगों को ए4 साइज के कागज पर ड्राइविंग लाइसेंस प्रिंट निकाल कर दिया जाता है। इसे एक साल के लिए संभाल कर रखना मुश्किल होता है।

संदीप कौशल कहते हैं कि उनके भाई प्लास्टिक में लेमिनेशन करके इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस कनाडा लेकर गए थे। जब उसका एक साल का समय पूरा हुआ तो स्थानीय अथॉरिटी ने भारतीय लाइसेंस की अटेस्टेड कॉपी परिवहन विभाग से लेने के लिए कहा था। इसकी आधिकारिक फीस 90 रुपए होती है और दस्तावेजों की कॉपी मिल जाती है।

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