ठगी का मकड़जाल:गोल्ड किट्‌टी स्कैम वाली OLS कंपनी ने बनाई थी डिजिटल करंसी, कैश या गोल्ड न देने के बदले बनवाए जाते थे मेंबर

जालंधर10 महीने पहले
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गोल्ड किट्‌टी स्कैम करने वाली इस कंपनी के फ्रॉड के शिकार हुए लोग लगातार पुलिस के पास पहुंचकर नए खुलासे कर रहे हैं। - Dainik Bhaskar
गोल्ड किट्‌टी स्कैम करने वाली इस कंपनी के फ्रॉड के शिकार हुए लोग लगातार पुलिस के पास पहुंचकर नए खुलासे कर रहे हैं।
  • डिजिटल करंसी सिर्फ कंपनी के ही आती थी काम
  • रकम वापसी के लिए नए मेंबर बनाने को कहते थे आरोपी

शहर के बहुचर्चित गोल्ड किट्‌टी स्कैम में PPR मार्केट स्थित OLS विज प्रा. लि. कंपनी के फ्रॉड करने का एक और तरीका सामने आया है। आरोपियों ने अपनी डिजिटल करंसी बना ली थी। लोगों से कैश लेने के बाद वो उसकी डिजिटल करंसी शो कर देते थे। अगर कोई पैसा वापस मांगता या गोल्ड देने को कहता तो उसे नए मेंबर बनाकर उनसे पैसे लेकर इसे एडजस्ट करने को कहा जाता। इसी वजह से जो एक बार कंपनी से जुड़ गया, वो कभी बाहर नहीं निकल सका और अपने पैसे के चक्कर में दूसरों को भी ठगी के इस मकड़जाल में फंसाता चला गया। ऐसी ही एक शिकायत सेंट्रल टाउन की रहने वाली पूनम रानी ने पुलिस को दी।

गोल्ड किट्‌टी के नाम पर पैसे लेकर बना देते डिजिटल करंसी

पूनम रानी के मुताबिक यह कंपनी पहले 1 या 2 हजार रुपए लेकर उसके बदले घरेलू सामान देते थे, फिर उन्होंने गोल्ड किट्‌टी शुरू कर दी। इसमें 11 महीने लोगों ने किश्त देनी थी, जबकि बारहवीं किश्त कंपनी ने उसमें डालनी थी और उन्हें उतनी कीमत का सोना देना था। कंपनी ने यहीं चालाकी बरती और जो पैसा लोगों से गोल्ड किट्‌टी के नाम पर लिया, उसकी डिजिटल करंसी बना दी।

खास बात यह थी कि यह डिजिटल करंसी सिर्फ उनकी कंपनी में ही इन्वेस्ट हो सकती थी। जब कोई उनसे पैसा मांगता तो वो कहते कि दूसरे मेंबर जोड़ो और उनसे जो पैसा मिले, उसके बदले डिजिटल करंसी को कंपनी में इन्वेस्ट कर दो। इसी वजह से वह भी 33 हजार रुपए के फ्रॉड का शिकार हो गई।

पुलिस के पास भटक रहे फरियादी

पूनम रानी ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि कंपनी चलाने वाले रणजीत सिंह, नवदीप कौर, गगनदीप सिंह, गुरमिंदर सिंह व मनदीप कौर ने लोगों से करोड़ों रुपए हड़पे। गोल्ड किट्‌टी स्कीम 2019 में शुरू की गई लेकिन उसके बाद किसी को पैसा नहीं मिला। पहले वो बिजनेस डाउन होने का बहाना बना पैसा इकट्‌ठा करते रहे और फिर सारा पैसा समेटकर दफ्तर को ताला लगा भाग निकले। पूनम के मुताबिक इस मामले में वो पहले भी पुलिस के पास जाती रही लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने अफसरों को शिकायत की तो अब आरोपियों के खिलाफ ठगी का केस दर्ज कर लिया है।