जालंधर में कोरोना के 2181 एक्टिव केस:3 की मौत और 7 ओमिक्रॉन के मरीज; शिक्षण संस्थानों में पहुंची महामारी, चिकित्सक भी संक्रमित

जालंधर9 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

पंजाब के जालंधर जिले में कोरोना अब घातक होने लगा है। पिछले 8 दिन में तीन कोरोना मरीजों की जान जा चुकी है। जबकि बुधवार को टेस्टिंग बढ़ने पर कोरोना विस्फोट हुआ। बुधवार को 12 दिन में सबसे ज्यादा 626 कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए। इसके साथ ही जिले में काेरोना के 2181 एक्टिव केस हो गए। जिले में इससे पहले 10 और 12 प्रतिशत के बीच मामले बढ़ रहे थे, लेकिन बुधवार को सीधे 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। जनवरी महीने के शुरुआती दिनों में यही दर पौने 2 प्रतिशत के करीब थी।

कोरोना ने जिले के शिक्षण संस्थानों और चिकित्सकों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी, डीएवी इंस्टीट्यूट आफ फीजियोथेरैपी एंड रिहेबिलिटेशन और सरकारी नर्सिंग स्कूल व हॉस्टल में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 9 चिकित्सक भी लोगों का इलाज करते हुए पॉजिटिव हो गए हैं। इन्हें इनके घरों में ही आइसोलेट किया गया है।

जिले में अधिकतर मामले तो डेल्टा वैरिएंट के हैं, लेकिन ओमिक्रॉन के मामले भी बढ़ने लगे हैं। वैसे तो जिले में इनकी संख्या 7 पर पहुंच गई है, लेकिन इसमें प्रशासन का एक बड़ा लैप्स भी सामने आया है। टेस्टों के रिजल्ट देरी से आने कारण इंग्लैंड से आया एक व्यक्ति ओमिक्रॉन पॉजिटिव पाया गया। लेकिन उसकी रिपोर्ट तब आई, जब वह वापस जा चुका था। बहरहाल इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है और उसने परिवार को घर में ही आइसोलेट कर दिया है और सभी के सैंपल लेकर फिर से टेस्ट के लिए भेजे हैं।

जनसंख्या के हिसाब से बहुत कम है वैक्सीनेशन

2021 की जनगणना के अनुसार, जालंधर जिले की आबादी 2,33,4,908 है। इसमें से अभी तक 26 लाख को ही कोरोना की डोज लग पाई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ज़िले में 15,42,333 पहली और 10,55,913 लोगों को दूसरी ख़ुराक दी जा चुकी है। 15 से 18 साल की उम्र के 5000 हजार किशोरों को अभी तक को-वैक्सिन की पहली डोज दी गई है। जहां तक बूस्टर डोज का सवाल है, यह अभी तक 2020 लोगों को ही दी गई है। अभी तक जिले में 60 प्रतिशत लोगों को ही डबल डोज लग पाई है। जबकि विभाग का दावा है, सिंगल डोज 90 प्रतिशत लोगों को लगाई जा चुकी है।

अब बढ़ाई कोरोना टेस्टिंग की रफ्तार

स्वास्थ्य विभाग की जिले में पहले टेस्टिंग की एवरेज 2700 से लेकर 2800 के बीच थी। लेकिन अब दो दिनों से स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लेने की रफ्तार बढ़ा दी है। अब प्रतिदिन 3 से 4 हजार सैंपल लेकर जांच करने के लिए भेजे जा रहे हैं। बुधवार को 4193 लोगों के सैंपल लिए गए थे। अब जैस-जैसे सैंपल बढ़ रहे हैं, कोरोना के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। बढ़ते मामलों और मरीजों के मरने के सिलसिले को देखते हुए लोगों में फिर से कोरोना की दहशत बढ़ने लगी है।

घरों में खुद कर रहे टेस्ट, नहीं डाल रहे साइट पर रिपोर्ट

कोरोना टेस्ट के लिए अब मार्केट में टेस्टिंग किट भी उपलब्ध है। बहुत सारे लोग अस्पतालों या फिर कोरोना टेस्टिंग केंद्रों पर जाने की बजाय घरों पर ही टेस्ट कर रहे हैं। लेकिन विडंबना यह है कि वह इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग की कोविन साइट पर नहीं डाल रहे हैं। यदि पॉजिटिव आ जाते हैं तो फिर अस्पताल में जाने की बजाय घर पर ही इलाज शुरू कर देते हैं। इससे बहुत सारे लोगों के पॉजिटिव आने पर भी पता नहीं चल पा रहा है। टेस्टिंग किट पर बाकायदा कंपनियों ने क्यूआर कोड दे रखा है, जिसे मोबाइल से स्कैन करने पर वह सीधा स्वास्थ्य विभाग की साइट पर ले जाता है। वहां व्यक्ति को अपनी रिपोर्ट की जानकारी देनी होती है। इसके बाद अपने आप ही व्यक्ति की रिपोर्ट जनरेट हो जाती है। लेकिन एेसा वही लोग कर रहे हैं, जिन्हें कहीं जाना है और टेस्ट की रिपोर्ट अर्जेंट चाहिए होती है।

खबरें और भी हैं...