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कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की मंगलवार को CM से मीटिंग:सिसवां फार्म हाउस के घेराव के बाद मिला न्यौता; जारी रहेगा सरकारी बसों का चक्काजाम, यूनियन बोली- मांग न मानी तो हाइवे करेंगे जाम

जालंधर10 महीने पहले
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हड़ताली बस कर्मियों को पंजाब सरकार ने फिर बातचीत का न्यौता दिया है। मंगलवार को उनकी चंडीगढ़ में CM कैप्टन अमरिंदर सिंह से बैठक होगी। शुक्रवार को सिसवां फार्म हाउस के बाहर प्रदर्शन के दौरान सरकार ने उन्हें इसकी सूचना दी। जिसके बाद यूनियन ने वहां का धरना खत्म कर दिया है। सभी कर्मचारी अपने-अपने डिपो में लौट गए हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अभी सरकारी बसों का चक्काजाम जारी रहेगा। इसे तभी खोला जाएगा, जब सरकार उनकी मांगे मान लेगी।

पनबस, पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी यूनियन के जालंधर के प्रधान गुरप्रीत सिंह ने कहा कि बातचीत का न्यौता मिला है लेकिन हमारी हड़ताल जारी रहेगी। अगर सरकार ने मंगलवार को भी मांग नहीं मानी तो फिर हाइवे जाम कर दिया जाएगा। इसके बारे में मंगलवार को CM से होने वाली बैठक के बाद फैसला लिया जाएगा।

सरकार व कर्मचारियों के बीच बढ़ गया था टकराव

वहीं, कैप्टन के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार से बातचीत फेल होने के बाद कर्मचारियों व सरकार से टकराव बढ़ गया था। सरकार ने उनके खिलाफ सख्ती करनी शुरू करते हुए काम पर लौटने के नोटिस भेज दिए थे। सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों को काम पर लौटने का नोटिस दे दिया था। सरकार ने सभी कर्मचारियों के घर के पते पर यह नोटिस भेजे थे। जिसमें उन्हें तत्काल काम पर लौटने के लिए कहा गया था। उन्हें कहा गया है कि कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक उन्हें हड़ताल का अधिकार नहीं है। अगर वो काम पर न लौटे तो उनका कांट्रैक्ट खत्म कर नौकरी से छुट्‌टी कर दी जाएगी। हालांकि यूनियन के पंजाब प्रधान रेशम सिंह ने कहा था कि हमें नोटिस मिले हैं लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। सरकार हमारी बात सुनने के बजाय कर्मचारियों के दमन की नीति अपना रही है।

सरकार व कर्मचारियों में शर्त की वजह से बातचीत फेल

कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने जब मंगलवार को CM के घेराव की घोषणा की तो सरकार ने यूनियन को बातचीत का न्यौता दे दिया। चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार के साथ बैठक हुई। यूनियन ने बैठक के बाद कहा कि उनके आगे शर्त रखी गई कि वो हड़ताल खत्म कर काम पर लौटें, तभी उनकी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात कराई जाएगी। जिससे यूनियन बिफर गई और सरकार व कर्मचारियों की बातचीत फेल हो गई।

8 हजार कर्मचारी हड़ताल पर, 2 हजार बसों के पहिए थमे

पंजाब रोडवेज, पनबस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन के बैनर तले पंजाब में करीब 8 हजार कर्मचारी 5 दिन से हड़ताल पर हैं। जिसकी वजह से पंजाब के करीब 28 डिपो में 2 हजार बसों के पहिए थमे हुए हैं। सरकारी बसें बंद होने से एक तरफ सवारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, महिलाओं को भी पंजाब सरकार की मुफ्त बस स्कीम का लाभ नहीं मिल रहा।

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