ट्राॅली माफिया पर पुलिस मेहरबान:सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रहीं ओवरलोडेड व कंडम ट्रैक्टर- ट्राॅलियां, किसी पर भी नहीं लगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट

जालंधर2 महीने पहले
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सड़क पर कंडम हालत में खड़ी एक ट्रैक्टर ट्राॅली। - Dainik Bhaskar
सड़क पर कंडम हालत में खड़ी एक ट्रैक्टर ट्राॅली।
  • खेती के लिए खरीदी गई ट्रैक्टर-ट्राॅली का इस्तेमाल रेत, ईंट व अन्य सामान ढोने के लिए हो रहा
  • नाकों पर दूसरे वाहनों के काटे जाते हैं चालान, पर ट्राॅली माफिया पर पुलिस मेहरबान

शहर में अवैध रूप से चल रही ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राॅलियों पर न तो ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई कर रही है और न ही कमिश्नरेट पुलिस। जिस कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं और लोगों की जान तक जा रही है। इसके बावजूद सड़कों पर ओवरलोड और कंडम हालत में ट्रैक्टर ट्राॅलियां सारा दिन दौड़ती रहती हैं। नाकों पर हर एक वाहन को रोककर चेकिंग की जाती है, लेकिन ट्रैक्टर के न तो कागजात चेक किए जाते हैं और न ही उसकी नंबर प्लेट। सिटी की सड़कों पर दौड़ने वाले ट्रैक्टर-ट्राॅलियों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भी नहीं लगी होगी। अगर किसी ट्राॅली से हादसा होता है और चालक ट्राॅली लेकर मौके से फरार हो जाता है तो उसके बारे में आसानी से पता भी नहीं लगाया जा सकता।

ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की रजिस्ट्रेशन परिवहन विभाग खेती के लिए करता है। क्योंकि इसमें पंजीकरण आसान और सस्ता होता है। लेकिन इसका इस्तेमाल अन्य कामों में किया जा रहा है। कंडम और अवैध रूप से चलने वाले ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की शिकायत आरटीए संजय सहगल ने डीजीपी विजिलेंस को की है। मंगलवार को एमवीए (मोटर व्हीकल इंस्ट्रक्टर) को फगवाड़ा विजिलेंस ने पूछताछ के लिए बुलाया है। रजिस्ट्रेशन के बिना शहर में दौड़ने वाली ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के कारण प्रशासन को लाखों रुपए का चूना लग रहा है। किसी भी अधिकारी द्वारा आदेश नहीं जारी किए जाते कि इन ट्राॅलियों की रजिस्ट्रेशन और कागजात चेक की जाए। पुलिस की मिलीभगत से सारा दिन नाकों से बेखौफ ट्राॅलियां गुजरती रहती हैं, इसमें ज्यादातर पर रेत और ईंटों की ढुलाई होती है। टांडा रोड से लेकर पठानकोट चौक तक ऐसी कई ट्राॅलियां हैं, जो खस्ताहाल है लेकिन बावजूद इसके उन्हें बंद नहीं किया जा रहा है।

इन वाहनों से हर साल होते हैं 100 से अधिक हादसे

आरटीए संजय सहगल ने कहा कि इन ट्रैक्टर-ट्राॅलियां की वजह से एक साल में 100 से अधिक हादसे होते हैं। इन हादसों में कई लोग अपनी जान गंवाते हैं और कई अपाहिज हो जाते हैं। ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का इस्तेमाल गन्ना ढोने और अन्य फसल ढोने के लिए होना चाहिए। लेकिन इन पर रेता, बजरी, ईंटें, लकड़ी आदि ढोई जा रही हैं।

कंडम ट्राॅलियों के लगातार काटे जा रहे चालान

एडीसीपी ट्रैफिक गगनेश कुमार शर्मा ने बताया कि हर दूसरे दिन अब तीन से चार ट्राॅलियों के चालान किए जा रहे है और जब्त की जा रही हैं। किसी भी हालत में अब कंडम ट्राॅली को रोड पर चलने नहीं दिया जा रहा है।

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