डॉक्टर्स की सलाह:बुखार-पेट दर्द के मरीज बढ़े, पर डॉक्टर्स के पास जाने से कतरा रहे

जालंधरएक वर्ष पहले
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  • बुखार का कारण वायरल इंफ्केशन, बाहर का खाना बंद करें और पानी उबाल कर ही पीएं

कोरोना वायरस के साथ-साथ इस समय लोग वायरल इंफेक्शन से भी जूझ रहे है। लेकिन फिर भी डॉक्टर्स के पास नहीं जा रहे और खुद ही दवाई ले रहे है। डॉक्टर्स का कहना है कि वायरल इंफेक्शन के चलते क्लीनिक और अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को ज्यादातर सुबह-शाम का बुखार और पेट दर्द से जुड़ी शिकायतें है।

इसका मुख्य कारण मौसम में बदलाव है, क्योंकि बारिश के बाद जब धूप निकलती है तो हवा में नमी की मात्रा बढ़ने के चलते उमस होती है। जिस कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स कम होते है। लेकिन लोग इसे समझ नहीं पा रहे है और घर बैठे ही दवा ले रहे है। जब तबीयत ज्यादा ज्यादा खराब होती है तो डॉक्टर के पास पहुंच रहे है।

वहीं, चेस्ट के डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोनावायरस के बाद कई लोगों में सौर थ्रोट की दिक्कत भी हो रही है। जिसके चलते पहले गले में भारीपन महसूस होता है और फिर दर्द होने लगती है। जबकि बुखार के साथ नाक से पानी निकला शुरू हो जाता है। लेकिन डॉक्टर्स का कहना यह सब वायरल इंफेक्शन का ही हिस्सा है।

छह लोगों में हो चुकी है डायरिया की पुष्टि
बरसाती मौसम में लोगों को सबसे अधिक पीने के पानी का परहेज करना होगा। क्योंकि गंदा पानी पीने से 6 लोगों में डायरिया की पुष्टि हो चुकी है। यह रिपोर्ट सेहत विभाग की है। वाटर बोर्न डिसीज की नोडल अफसर जिला एपिडिमोलॉजिस्ट डॉ. शोभना बांसल का कहना है कि टीमों की तरफ से सर्वे किया जा रहा है। वीरवार तक टीमों ने 100 से अधिक घरों के सैंपल लेकर चंडीगढ़ लैब से टेस्ट करवाए है। पानी में बैक्टीरिया की मात्रा ज्यादा आने के बाद नगर निगम को लिखा जा रहा है। डाॅ. परविंदर बजाज ने बताया कि क्लीनिक में पहुंचने वाले मरीजों को बुखार के साथ खांसी की भी शिकायत आ रही है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

जरूरी नहीं बुखार है तो कोविड ही होगा
डॉ. कश्मीरी लाल ने बताया कि बदलते मौसम के बीच वायरल इंफेक्शन होना लाजमी है, लेकिन कोविड के चलते लोगों को थोड़ा ज्यादा ध्यान देना होगा। जबकि हल्का बुखार होने के बाद अगर पेट दर्द और ज्यादा टायलेट आ रही है तो तुरंत स्पेशलिस्ट के पास जाएं। टेस्ट के बाद ही पता चलेगा कि मरीज को इंफेक्शन है या मलेरिया है।​​​​​​​

केवल पौष्टिक आहार का ही सेवन करें
डॉ. परविंदर बजाज का कहना है कि वायरस और बैक्टीरियल इंफेक्शन के चलते मरीजों की इम्युनिटी में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। जिसे दुरूस्त करने के लिए आयुष के काढ़े का प्रयोग कर सकते है, जबकि सब्जियों की बजाए दालें ज्यादा खाए, क्योंकि सब्जियों के ऊपर किया स्प्रे भी हानिकारक है।

लैबोरेट्री में सीबीसी और टीएलसी के टेस्ट बढ़े
सिविल की लेबोरेट्री में रोजाना 10 से 15 लोगों की सीबीसी जांच हो रही है। जबकि प्राइवेट लैब में डॉक्टर इंफेक्शन का रेट पता करवाने के लिए टीएलसी का टेस्ट करवा रहे है। वहीं, सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार जून के मुकाबले जुलाई में 100 ब्लड यूनिट लोगों को ज्यादा इश्यू किए गए है। वहीं, सिविल अस्पताल की बात करें तो अस्पताल में भी वायरल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
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