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विजिलेंस ट्रैप में फंसा रिश्वतखोर:जालंधर में विरासती इंतकाल चढ़ाने के बदले 10 हजार की रिश्वत मांगने वाला पटवारी रंगेहाथ गिरफ्तार

जालंधरएक महीने पहले
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विजिलेंस की गिरफ्त में रिश्वतखोरी का आरोपी पटवारी। - Dainik Bhaskar
विजिलेंस की गिरफ्त में रिश्वतखोरी का आरोपी पटवारी।
  • बहन की मौत के बाद भाई के बेटों के नाम पर चढ़ाई जानी थी जमीन

बहन की मौत के बाद भाई के बेटों के नाम पर विरासती इंतकाल चढ़ाने के बदले 10 हजार रिश्वत लेते पटवारी को विजिलेंस ने रंगेहाथ पकड़ लिया। विजिलेंस ट्रैप के दौरान गवाहों की मौजूदगी में उससे रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। पटवारी के खिलाफ एंटी करप्शन एक्ट का केस दर्ज कर लिया गया है।

बहन लिखकर गई थी वसीयत, मेरी मौत के बाद भतीजों के नाम हो उनके हिस्से की जमीन

फिल्लौर के गांव डल्लेवाल के रहने वाले चरनजीत सिंह ने बताया कि वह खेतीबाड़ी व लेबर का काम करता है। उसकी बहन जोगिंदर कौर की शादी गांव ढंडवाड़ के अवतार सिंह से हुई थी। जीवित रहते हुए उसकी बहन अपनी वसीयत उसके बेटों के नाम पर कर गई थी। जिसे जॉइंट सब रजिस्ट्रार गोराया ने तस्दीक किया था। उसमें जोगिंदर ने स्पष्ट लिखा था कि उसकी मौत के बाद उसके मायके की जायदाद को उसके भतीजों के नाम पर कर दिया जाए। उसकी जायदाद गोराया व डल्लेवाल में है। बहन की 28 मई 2020 को मौत हो गई। उसके हिस्से की संपत्ति का विरासत इंतकाल करवाने के लिए वह रेवेन्यू हलका गोराया के पटवारी विपन कुमार से मिला। उसने कहा कि पहले जोगिंदर कौर के बच्चों से भी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लानी होगी।

चरनजीत ने पटवारी को कहा कि जोगिंदर के बच्चे विदेश में रहते हैं। फिर पटवारी विपन कुमार ने कहा कि इंतकाल चढ़ाने के लिए 15 हजार रुपए रिश्वत देनी पड़ेगी। चरनजीत की मिन्नतें करने के बाद वह 10 हजार लेकर काम करने को राजी हो गया।

कुछ दिन बाद पटवारी उसे मिला और कहा कि उसका इंतकाल दर्ज हो गया है। जब चरनजीत ने फर्द निकलवाई तो उसे पता चला कि पटवारी विपन कुमार ने डल्लेवाल में पड़ती जमीन का इंतकाल तो दर्ज कर दिया लेकिन गोराया वाली संपत्ति का इंतकाल दर्ज नहीं किया।वह पटवारी से मिला तो उसने कहा कि 10 हजार में सिर्फ डल्लेवाल वाली जमीन का इंतकाल चढ़ाने की बात हुई थी, पहले वो पैसे दो, वरना तहसीलदार को कहकर उसे कैंसिल करवा देगा। चरनजीत ने पटवारी को 10 हजार रुपए दे दिए लेकिन गोराया की जमीन के इंतकाल के लिए वह 10 हजार की रिश्वत और मांगने लगा। इसके बाद चरनजीत वापस लौट आया और विजिलेंस को इसकी शिकायत कर दी।

विजिलेंस ब्यूरो के SSP दलजिंदर सिंह ढिल्लो ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद इंस्पेक्टर दलजीत कौर ने टीम बनाई और गवाहों के साथ पटवारी को 10 हजार रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

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