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एनपीए में कटौती का विरोध:पीसीएमएस डॉक्टर्स की 3 दिन और बढ़ी हड़ताल, 18 को चंडीगढ़ घेरने का एलान

जालंधर17 दिन पहले
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जालंधर। डॉक्टर बोले-कोरोना वॉरियर्स को प्रोत्साहन के बजाय परेशान किया जा रहा - Dainik Bhaskar
जालंधर। डॉक्टर बोले-कोरोना वॉरियर्स को प्रोत्साहन के बजाय परेशान किया जा रहा
  • 3 दिन में सरकारी अस्पतालों से लौट चुके 30 हजार मरीज

छठे पे कमीशन के विरोध में बुधवार को सूबे के पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के अधीन आते करीब 4 हजार डॉक्टर्स हड़ताल पर रहे। लगातार तीन दिन तक हड़ताल से सरकारी अस्पतालों से बिना इलाज कराए करीब 30 हजार मरीज लौट चुके हैं। पीसीएमएस एसोसिएयशन के सूबा वाइस प्रधान डॉ. हरीश भारद्वाज ने कहा कि अब वीरवार, शुक्रवार और शनिवार काे भी हड़ताल रहेगी। इसके बाद भी अगर सरकार ने डॉक्टरों की मांगे नहीं मानीं तो संघर्ष और तेज होगा। इसके साथ ही सरकारी अस्पताल में मिलने वाली लोगों को सेहत सुविधाओं पर पूर्ण तरीके से विराम लगा दिया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, अगर पीसीएमएस एसोसिएशन के डॉक्टरों की हड़ताल का शनिवार तक कोई फैसला नहीं निकलता तो 18 जुलाई को डॉक्टर्स चंडीगढ़ में सेहत मंत्री के घेराव की रणनीति बना रहे हैं। वहीं पीसीएमएस एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि उन्हें सूबे भर से सेहत विभाग के अन्य कमेटियों और एसोसिएशन का समर्थन मिल रहा है और वे भी अपनी सेवाएं बंद करने के लिए कह रहे हैं। लेकिन पीसीएमएस एसोसिएशन किसी भी कमेटी या एसोसिएशन को अपनी सेवाएं बंद करने के लिए नहीं कह रहे हैं।

मांगें नहीं मानीं तो संघर्ष तेज करेंगे- डॉक्टर सरकारी पर्ची नहीं काटेंगे, पर मरीजों को मुफ्त दवा देंगे : डॉ गगनदीप
पीसीएमएस एसोसिशन के अध्यक्ष डॉ गगनदीप सिंह ने कहा कि सरकार को मांगे पूरी करने को लेकर 3 दिन और दिए हैं। लेकिन संबंधित ड्यूटी पर तैनात डाॅक्टर सरकारी पर्ची नहीं काटेंगे यानि सरकारी फीस की वसूली नहीं की जाएगी, बल्कि लोग परेशान न हो इसलिए डाॅक्टर अपनी तरफ से मरीजों को दवाइयां भी मुफ्त देंगे।

इसलिए डाॅक्टर्स कर रहे विरोध...सरकारी अस्पतालों में पीसीएमएस डॉक्टर्स छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं जिसने एनपीए को मूल वेतन से अलग कर दिया है। इसके अलावा डाक्टरों का विरोध इस बात को भी लेकर है कि वेतन आयोग ने सिफारिश में एनपीए को 25 प्रतिशत से घटा कर 20 प्रतिशत कर दिया है।

इन जिलों के डॉक्टर रहे हड़ताल पर

  • लुधियाना 300
  • जालंधर 220
  • पटियाला 183
  • अमृतसर 250
  • बठिंडा 100
  • होशियारपुर 300
  • गुरदासपुर 150
  • फाजिल्का 69
  • मुक्तसर 80
  • पठानकोट 110
  • कपूरथला 130
  • संगरूर 183
  • मानसा 80
  • फिरोजपुर 71
  • फरीदकोट 59
  • रोपड़ 95
  • नवांशहर 77
  • फतेहगढ़ 70
  • मोगा 106
  • तरनतारन 45

नोट- 20 जिलों के 2678 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। मोहाली और बरनाला में भी डॉक्टराें ने की हड़ताल ।

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