पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Jalandhar
  • Petrol Pump Dry Of A Corporation With A Budget Of 600 Crores Before The Light Day Of Shri Guru Ravidas Ji; Diesel Not Found To Lift 500 Tons Of Garbage

निगम का पंप ड्राई होने से नहीं उठा था कूड़ा:दिन में टूटी 600 करोड़ी बजट वाले निगम अफसरों की नींद, प्राइवेट पेट्रोल पंप से तेल डलवाकर शुरू कराई कूड़ा लिफ्टिंग

जालंधर5 महीने पहले
जालंधर में गुरुवार को प्राइवेट पेट्रोल पंप से तेल भरवाती निगम की कूड़ा लिफ्टिंग वाली गाड़िया।
  • श्री रविदास महाराज जी के प्रकाश पर्व से पहले कूड़ा न उठने से निगम अफसरों पर उठ रहे थे सवाल

करीब 600 करोड़ सालाना बजट वाले जालंधर नगर निगम के अफसरों की गुरुवार दोपहर नींद टूट गई। निगम का पंप ड्राई होने के बाद अफसरों ने स्काई लार्क चौक के नजदीक के प्राइवेट पेट्रोल पंप से अपनी गाड़ियों में तेल डलवाया। इसके बाद शहर से कूड़ा उठाने का काम शुरू हुआ। कूड़ा लिफ्टिंग अचानक बंद होने से निगम अफसरों की कारगुजारी पर सवाल खड़े हो रहे थे क्योंकि श्री रविदास महाराज जी का प्रकाश उत्सव की तैयारियां की जा रही हैं। शुक्रवार को शोभा यात्रा भी निकाली जानी है और सालाना जोड़ मेला भी बूटा मंडी में शुरू हो चुका है।

दैनिक भास्कर ने गुरुवार सुबह ही इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए अफसरों की नीयत व अदूरदर्शिता पर सवाल खड़े किए थे कि ऐसे महत्वपूर्ण मौके पर कूड़ा लिफ्टिंग बंद होने से रोजाना आने वाले 500 टन कूड़ा शहर में डंप हो जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी होगी। वहीं, शहर के लोगों का वीकेंड भी कूड़े के बीच गुजरेगा।

रोजाना 40 हजार लीटर डीजल चाहिए, हफ्ते में आता है सिर्फ 24 हजार लीटर, इसलिए सफाई नहीं होती

इस मामले में अब एक और पहलू सामने आया है कि अगर निगम की सफाई वाली सभी गाड़ियां काम करें तो उन्हें रोजाना 40 हजार लीटर डीजल की जरूरत है। निगम के पेट्रोल पंप में हफ्ते में सिर्फ दो बार 12-12 हजार लीटर डीजल आता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पर्याप्त डीजल न होने से शहर में गाड़ियां नहीं चलती, जिसकी वजह से शहर में सफाई नहीं होती और लोगों को हर तरह के टैक्स देने के बावजूद गंदगी में दिन गुजारने को मजबूर होना पड़ता है।

कुछ गाड़ियां रास्ते में रुकीं तो कुछ वर्कशॉप में खड़ी हो गई थी

निगम के पेट्रोल पंप में डीजल न होने से वीरवार सुबह कुछ गाड़ियाें को कम तेल दिया गया तो वो रास्ते में खड़ी हो गईं। इसके अलावा कुछ गाड़ियां वर्कशॉप में ही रह गईं। इस वजह से पूरे शहर में कूड़ा लिफ्टिंग ठप हो गई थी। शहर में रोजाना करीब 500 टन कूड़ा आता है, इसकी लिफ्टिंग न होने से परेशानी हो जानी थी, क्योंकि अगर गुरुवार को कूड़ा न उठता तो शुक्रवार को इतना ही कूड़ा सड़कों पर आ जाता, जिससे पूरा कूड़ा उठाना बड़ी चुनौती बनकर रह जाता।

अफसरों को बता दिया था, कर्मचारियों को बदनाम करने की साजिश

निगम की ड्राइवर व तकनीकी यूनियन नेता शम्मी लूथरा ने आरोप लगाया था कि बुधवार को ही अफसरों को बताया गया था कि पेट्रोल पंप में डीजल कम है। कूड़ा लिफ्टिंग प्रभावित होने की संभावना के बावजूद अफसरों ने डीजल का इंतजाम नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि शहर में बड़े धार्मिक आयोजन की तैयारी के दौरान इस तरह की कारगुजारी का ठीकरा कर्मचारियों के सिर फोड़ा गया तो वह काम बंद कर देंगे।

कांग्रेस पर उठ रहे थे सवाल, पहले गलत होर्डिंग लगाया और अब सफाई नहीं

कूड़ा लिफ्टिंग को लेकर बरती लापरवाही से श्री गुरु रविदास महाराज जी के प्रकाश दिवस की तैयारियां कर रहे श्रद्धालुओं में नाराजगी थी। कांग्रेस की तरफ से पहले आबादपुरा में श्री गुरु रविदास महाराज जी की फोटो के ऊपर अपने नेताओं की फोटो लगाई गई, जिसका रविदास समाज ने विरोध किया। जिसके बाद कांग्रेस पार्षद जसलीन सेठी की तरफ से लगाए इस होर्डिंग को हटाना पड़ा। अब इसी कांग्रेस पार्टी से जुड़े मेयर जगदीश राजा की अगुवाई वाले नगर निगम की तरफ से कूड़ा लिफ्टिंग करवाने में लापरवाही बरती गई थी।