बरसात का असर:फसलें खराब होने से बढ़े दाम, पिछले माह 30 रुपए किलो बिकने वाला मटर 150 में बिक रहा

जालंधर10 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
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  • अगले हफ्ते प्याज, नवंबर में सस्ते होंगे टमाटर-मटर
  • खीरा, हलवा कद्दू 3 गुणा तो गोभी, हरी मिर्च, भिंडी दोगुने दाम पर बिक रहे

बरसात के कारण दूसरे कई राज्यों में सब्जियों की फसलें खराब हो गई हैं। लोकल सब्जियां भी कम आ रही हैं, जिस कारण इनके दाम बढ़े हुए हैं। हालांकि अफगानिस्तान का प्याज अगले हफ्ते तक पहुंचने के बाद दाम कम होने की उम्मीद है, जबकि मटर, शिमला मिर्च और टमाटर के दाम अगले महीने से कम होंगे। फिलहाल तीनों पिछले महीने की बजाय चार गुणा दाम पर बिक रहे हैं।

हिमाचल में भी हुई बरसात का सबसे ज्यादा असर मटर की फसल पर पड़ा है। इस कारण नाममात्र मटर ही मंडी में पहुंच रहा है। पिछले महीने 40 रुपए किलो बिकने वाली शिमला मिर्च अब 150 रुपए किलो, 20 से 30 रुपए किलो बिकने वाला मटर 145 रुपए किलो से ज्यादा बिक रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गृहणियों के बजट पर पड़ा है। मंडी के आढ़तियों के मुताबिक अफगानिस्तान का प्याज अगले हफ्ते जालंधर पहुंच जाएगा, उसके बाद प्याज के दाम कम होंगे। वहीं, नवंबर में लोकल सब्जियां आनी शुरू हो जाएंगी, उसके बाद मटर, टमाटर, शिमला मिर्च व अन्य सब्जियों के दाम कम होने लगेंगे।

रेट बढ़ने से कारोबार पर भी पड़ा असर

सब्जी विक्रेता शंकर ने बताया कि जब से सब्जियों के दाम बढ़े हैं, ग्राहक भी जरूरत के मुताबिक ही सब्जी खरीद रहा है। पहले लोग हफ्ते का स्टाॅक ले जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। महाराष्ट्र में बरसात से फसल खराब होने के कारण वहां से आने वाली सब्जियां काफी महंगी हैं। िहमाचल में बारिश का असर मटर पर पड़ा है। हलका व दागी मटर 50 से 60 और बढ़िया मटर 145 रुपए प्रति किलो से ज्यादा में बिक रहा है। आढ़तियों के मुताबिक पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ गया है, इससे सब्जियां महंगी हुई हैं।

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