जोनिंग पॉलिसी:पुराने बाजारों में प्रॉपर्टी के नक्शे पास होंगे, विस चुनाव से पहले आएगी पाॅलिसी

जालंधरएक वर्ष पहले
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  • दुकानों-इमारतों का डेटा तैयार कर रहा निगम
  • सिटी के 80 वार्डों में संकरी सड़कों पर बनी दुकानों और व्यापारिक इमारतों के मालिकों को मिलेगी बड़ी राहत

विधानसभा चुनाव से पहले सिटी के 80 वार्डों में संकरी सड़कों पर बनी दुकानों और दूसरे व्यापारिक इमारतों के मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। नगर निगम की जोनिंग पाॅलिसी चुनाव से पहले रिलीज हो जाएगी। इसके लिए नगर निगम की बिल्डिंग शाखा-टाउन प्लानिंग से जुड़े लोग इन दिनों सभी सड़कों का सर्वे कर रहे हैं।

वे हर रोड की चौड़ाई, लंबाई और व्यापारिक इमारतों की स्थिति का डेटा तैयार कर रहे हैं। इसके बाद फाइनल ड्राफ्ट आएगा। जिन सड़कों की लिस्ट लोकल बाडीज विभाग देगा, वहां की दुकानों के नक्शे 60 फीट से कम चौड़ी सड़क पर होने के बावजूद पास होंगे। अभी हजारों दुकानों के मालिकों को दोबारा निर्माण करने, छत बदलने, शटर बदलने, नई मंजिलें बनाने का काम या तो छिपकर करना पड़ता है और या फिर पैनल्टी लगती है।

पुरानी इमारतों के मालिकों को राहत मिलेगी लेकिन जिसने नई इमारत बनानी है, उसके लिए क्या नियम होंगे? इस सवाल का जवाब पूरी पाॅलिसी तय होने पर मिलेगा। नगर निगम के जानकार बताते हैं कि सिटी में 80 हजार के करीब दुकानें हैं। जहां जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने काॅलोनी बनाई है या फिर पुडा ने काॅलोनी बनाई थी तो वहां पर व्यापारिक एरिया चौड़ी रोड पर हैं लेकिन पुराने शहर में सड़कें ही औसतन 30-40 फीट हैं, शहर का 90 फीसदी व्यापार इनमें चलता है।

ऐसे में वहां पर जो नक्शे बनाना बंद हो गया था, उसे नियमानुसार खोला जाएगा। दो साल पहले वेस्ट हलका के विधायक सुशील रिंकू ने जोनिंग पाॅलिसी की मांग रखी थी, जिसे विधायक परगट सिंह, विधायक राजिंदर बेरी और बावा हैनरी ने भी सरकार के सामने उठाया था। अब दो साल डंप पड़ी फाइल पर सक्रियता से काम किया जा रहा है।

उधर, मेयर जगदीश राज राजा कहते हैं कि जो इमारतों की रेगुलेराइजेशन की पाॅलिसी आनी है, उसके साथ ही जोनिंग का लाभ शहर को मिलेगा, ये मुद्दा हमने सरकार के सामने रखा है। बिल्डिंग रेगुलेराइजेशन पाॅलिसी भी रिलीज होगी।

जोनिंग पाॅलिसी में ये होगा
1. पुराने शहर में दुकानें जहां हैं, के आधार पर नक्शे पास करा सकेंगी।
2. निगम का रेवेन्यू बढ़ेगा। नक्शा फीस मिलेगी।
3. अवैध इमारतों के नाम पर अलग-अलग ग्रुप जो लोगों को तंग करते हैं, इससे निजात मिलेगी।

सारा स्टाफ सर्वे पर
निगम दफ्तर में बिल्डिंग स्टाफ की ब्रांच पूरी तरह से खाली है। सारे का सारा स्टाफ अाजादी दिवस से पहले सर्वे फाइनल करने में जुटा हैं।

यहां जोनिंग की जरूरत

सेंट्रल विधानसभा रैनक बाजार, अटारी बाजार तक के सारे पुराने बाजार। यहां पर 10 हजार से ज्यादा दुकानें और गोदाम हैं। ये सिटी का सबसे बड़ा व्यापारिक इलाका है। जीटी रोड, सिविल लाइंस, जेल चौक आदि।

नार्थ विधानसभा माई हीरां गेट, अड्डा टांडा, दोमोरिया पुल, रेलवे रोड, दोआबा चौक एरिया, प्रिंटिंग और किताबों के बाजार।

वेस्ट विधानसभा हलका बस्ती क्षेत्र के सारे बाजार, पीरदाद रोड, कपूरथला रोड, बस्ती गुजां मार्केट, कोट बाजार सहित तमाम इलाके।

कैंट विधानसभा हलका गढ़ा, अर्बन एस्टेट से सटी काॅलोनियां, कैंटोनमेंट बोर्ड से बाहर के निगम की हद के सभी इलाके।

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