सिद्धू के समर्थन एक मंत्री समेत 3 का इस्तीफा:मत्री रजिया सुल्ताना, कैशियर चहल और महासचिव ढींगरा ने पद छोड़ा, सिद्धू को मनाने में जुटे लोकल नेता; सीएम चन्नी ने कल सुबह बुलाई कैबिनेट मीटिंग

जालंधर22 दिन पहले

पंजाब कांग्रेस के भीतर नया सियासी भूचाल आया है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने दोपहर बाद 3 बजे अपना इस्तीफा हाईकमान के नाम ट्वीट किया। उनके समर्थन में पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त कोषाध्यक्ष गुलजार इंद्र सिंह चहल ने त्याग पत्र दे दिया। सिद्धू के इस्तीफे करीब तीन घंटे बाद कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना ने भी मंत्री पद छोड़ दिया। सुल्ताना ने मंगलवार को ही मंत्री पद संभाला था। शाम सवा सात बजे पंजाब कांग्रेस के महासचिव योगेंद्र ढींगरा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उधर सिद्धू का इस्तीफा नामंजूर करते हुए हाईकमान ने कहा है कि राज्य स्तर पर मामला सुलझाया जाए। इसके बाद लोकल लीडरशिप सक्रिय हो गई है।

रजिया सुल्ताना के इस्तीफे के बाद अब सिद्धू के दूसरे करीबी मंत्रियों पर भी समर्थन दिखाने का दबाव बढ़ गया है। वहीं इस मामले को लेकर सीएम चरणजीत चन्नी ने मंत्रियों की आपात बैठक बुला ली। हाईकमान के संकेत के बाद सिद्धू के करीबी मंत्री परगट सिंह, वर्किंग प्रधान कुलजीत नागरा और सुखविंदर डैनी, विधायक कुलबीर जीरा सिद्धू से मिलने पटियाला पहुंच गए हैं।

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चन्नी ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई, तय करेंगे कि सिद्धू को मनाएं या नहीं

पंजाब के CM चरणजीत चन्नी ने बुधवार शाम को ही इमरजेंसी बैठक बुलाई है। बैठक में सभी कैबिनेट मंत्रियों को बुलाया गया है। सिद्धू के इस्तीफे से पैदा हुए हालात को लेकर चर्चा होगी। सूत्रों के मुताबिक, मीटिंग में यह भी तय होगा कि सिद्धू को मनाया जाएगा या नहीं।

पूर्व DGP मुस्तफा की पत्नी हैं रजिया

मुख्यमंत्री को संबोधित इस्तीफे में रजिया सुल्ताना ने लिखा है कि मैं अपने नवजोत सिंह सिद्धू और कांग्रेस के सैकड़ों कार्रकर्ताओं के समर्थन में अपने पद से त्याग पत्र दे रही हूं। मैं भविष्य में एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में पंजाब के हितों के लिए कार्य करती रहूंगी। रजिया सिद्धू के रणनीतिक सलाहकार और पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा की पत्नी हैं।

बाजवा का दावा- कल तक हल हो जाएगा मसला
पंजाब कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान से नवजोत सिंह सिद्धू की बात हो रही है। कल तक मसला हल हो जाएगा। उन्होंने सिद्धू को पार्टी का पंजाब प्रधान बताते हुए कहा कि इसके बारे में वो ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे।

सिद्धू ने अपने इस्तीफे की वजह नहीं बताई है, लेकिन माना जा रहा है कि वे CM न बनाए जाने से नाराज चल रहे थे। इसके बाद मंत्री पद और मंत्रालयों के बंटवारे में भी सिद्धू की नहीं चली। मंगलवार को मंत्रालय बांटे गए, सिद्धू के विरोध के बावजूद गृह विभाग सुखजिंदर रंधावा को दे दिया गया। इसके बाद दोपहर में ही सिद्धू का इस्तीफा सामने आ गया।
इससे पहले नवजोत सिद्धू ने सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेजा है, जिसमें लिखा है कि वे पंजाब के भविष्य से समझौता नहीं कर सकते। समझौता करने से इंसान का चरित्र खत्म होता है। मैं कांग्रेस के लिए काम करता रहूंगा। सिद्धू को 18 जुलाई को ही पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था।
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष को भेजा गया नवजोत सिंह सिद्धू का इस्तीफा।
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष को भेजा गया नवजोत सिंह सिद्धू का इस्तीफा।

अमरिंदर बोले- सिद्धू की मानसिक स्थिति ठीक नहीं
नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की प्रतिक्रिया आई है। कैप्टन ने कहा, "मैंने पहले ही कहा था कि सिद्धू स्थिर आदमी नहीं है। वह पंजाब जैसे बॉर्डर स्टेट के लिए फिट नहीं है।"

बादल बोले - सिद्धू मिस गाइडेड मिसाइल, वे पंजाब छोड़कर जाएं

SAD अध्यक्ष सुखबीर बादल बोले कि उन्होंने पहले कहा था कि सिद्धू एक 'मिसगाइडेड मिसाइल' है जिसका पता नहीं कि कहां जाएगी या किसे मारेगी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनकर पहले कैप्टन को तबाह किया फिर अपनी पार्टी कांग्रेस का सफाया कर दिया। पंजाब को बचाना है तो सिद्धू साहब से विनती है कि वह मुंबई चले जाएं

कांग्रेस सांसद बोले- शाह से मिलने वाले एक से बढ़कर दो न हो जाएं

लुधियाना से सांसद रवनीत बिट्‌टू ने कहा कि आज कांग्रेस में बड़ा अच्छा माहौल था। मंत्री कुर्सी संभाल रहे थे। कांग्रेस वर्कर भी खुश थे। यह चुनाव का वक्त है। अब किसी नाराज को कोई मनाएगा नहीं। कैप्टन की अमित शाह से मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर बिट्‌टू ने सिद्धू पर तंज कसा कि कहीं मुलाकात करने वाले एक की जगह 2 न हो जाएं।

पंजाब के CM चन्नी का दावा- सेटल हो जाएगा मामला
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने नवजोत सिद्धू के इस्तीफे के संबंध में कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। चन्नी ने कहा कि उन्हें नवजोत सिद्धू पर पूरा भरोसा है। अगर मुझसे या किसी और से नाराजगी है, तो उसे मिलकर सेटल कर लिया जाएगा।

सिद्धू के एडवाइजर ने कहा- वे सिद्धांतों की राजनीति कर रहे
इधर, सिद्धू के मीडिया एडवाइजर सुरिंदर डल्ला ने कहा कि नवजोत सिद्धू सैद्धांतिक राजनीति कर रहे हैं। नई सरकार ने कांग्रेस हाईकमान के नए 18 सूत्रीय फॉर्मूले पर कोई काम नहीं किया। पिछले 5 दिनों में नई सरकार में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला।

सिद्धू की बगावत के चलते कैप्टन को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी
नवजोत सिद्धू की अगुआई में पंजाब कांग्रेस में हुई बगावत के नतीजे के तौर पर 18 सितंबर को कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद 20 सितंबर को चरणजीत सिंह चन्नी को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया गया था। हालांकि उनके मंत्रिमंडल में अपनी राय को तरजीह न मिलने से सिद्धू नाराज बताए जा रहे थे।

CM बदलने के बाद भी सिद्धू को तरजीह नहीं मिल रही थी
नवजोत सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर को कुर्सी से हटाने के लिए पूरा जोर लगाया। माना गया कि पर्दे के पीछे रहकर सिद्धू ने पूरा खेल खेला। कैप्टन के बाद सिद्धू चाहते थे कि वो कैप्टन की जगह मुख्यमंत्री बनें। हालांकि पार्टी हाईकमान की पसंद सुनील जाखड़ थे, इसलिए सिद्धू पीछे हट गए। इसके बाद कुछ विधायकों ने सिख स्टेट-सिख CM का मुद्दा उठाया। जिसके बाद सुखजिंदर रंधावा का नाम चलने लगा। यह देख सिद्धू ने कहा कि अगर जट्‌ट सिख को CM बनाना है तो फिर उन्हें बनाया जाए। कांग्रेस हाईकमान इसके लिए राजी नहीं हुआ तो वो गुस्से में पर्यवेक्षकों और पंजाब इंचार्ज हरीश रावत वाले होटल से चले गए। यहां तक कि उन्होंने मोबाइल भी स्विच ऑफ कर लिया। इसके बाद रंधावा की जगह चरणजीत चन्नी CM बन गए।

सिद्धू चन्नी के साथ चले तो उन्हें सुपर CM कहा जाने लगा
इसके बाद सिद्धू चन्नी के साथ चलने लगे। हालांकि उन पर आरोप लगा कि वह सुपर CM की तरह व्यवहार कर रहे हैं। इसके बाद सिद्धू को पीछे हटना पड़ा। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान की तरफ से सिद्धू को इस बारे में टोका गया था। इसी वजह से वो पिछले कुछ दिनों से अलग हो गए थे।

4 चेहरों को मंत्री बनाए जाने के विरोध में थे सिद्धू
माना जा रहा है कि चन्नी सरकार में सिद्धू 4 चेहरों के विरोध में थे। सिद्धू का तर्क था कि उन पर पहले ही दाग लगे हुए हैं, इसलिए उन्हें शामिल नहीं किया जाए। इसके बावजूद उनका विरोध दरकिनार हो गया। सिद्धू ने एडवोकेट डीएस पटवालिया को पंजाब का नया एडवोकेट जनरल बनाने की सिफारिश की। इसके बावजूद अब एपीएस देयोल पंजाब के नए AG बन गए हैं। सिद्धू डिप्टी CM सुखजिंदर रंधावा को गृह विभाग देने के पक्ष में नहीं थे। वो चाहते थे कि CM चरणजीत चन्नी इसे अपने पास रखें। इसके बावजूद सिद्धू की नहीं सुनी गई। होम मिनिस्ट्री रंधावा को दे दी गई।

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