इलाज में लापरवाही का आरोप:जालंधर में मरीज की मौत, आधी रात को रिश्तेदारों ने किया निजी अस्पताल में हंगामा; कहा- जूनियर डॉक्टर के हवाले छोड़ा था

जालंधर2 वर्ष पहले
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हंगामें के बाद अस्पताल पहुंची पुलिस मृतका के रिश्तेदारों के बयान दर्ज करती हुई। - Dainik Bhaskar
हंगामें के बाद अस्पताल पहुंची पुलिस मृतका के रिश्तेदारों के बयान दर्ज करती हुई।
  • अस्पताल प्रबंधन ने आरोप नकारे, पुलिस ने दर्ज किए रिश्तेदारों के बयान

इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा मरीज के रिश्तेदारों ने जालंधर में गुरुनानक मिशन चौक के पास स्थित निजी अस्पताल के बाहर हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मरीज की ओपन हार्ट सर्जरी के बाद सीनियर डॉक्टर देखने नहीं आए और तबीयत बिगड़ने पर मरीज को जूनियर डॉक्टर के हवाले छोड़ दिया गया। जिसकी वजह से मरीज की मौत हो गई।

उधर, हंगामा की सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने हंगामा कर रहे रिश्तेदारों के बयान दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में लापरवाही के आरोपों को नकारते हुए कहा कि जिस सीनियर डॉक्टर पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह इस मरीज का इलाज कर ही नहीं रहे थे।

चेकअप कराने ले गए तो हार्ट सर्जरी करवाने को कहा

रिश्तेदार ने बताया कि वो उमा बजाज नाम की मरीज को यहां दिखाने लाए थे। डॉक्टरों ने कहा कि उनकी ओपन हार्ट सर्जरी करनी पड़ेगी। मैंने थोड़ा समय मांगा लेकिन थोड़ी देर में एक कर्मचारी आया और उसने कहा कि सर्जरी बहुत जरूरी है। मैंने इसके लिए हां कर दी।

सर्जरी के बाद सिर्फ दो दिन डॉक्टर मरीज को देखने आया। इसके बाद शुक्रवार से लेकर रविवार तक डॉक्टर नहीं आया। मरीज की हालत बिगड़ती जा रही थी और उसे सिर्फ जूनियर डॉक्टर ही देख रहा था। सोमवार सुबह उन्होंने कहा कि मरीज की हालत ज्यादा खराब हो गई है और उसे वेंटिलेटर पर लगा रहे हैं।

हम पूछते रहे- सीनियर डॉक्टर कहां हैं, अस्पताल प्रबंधन बोला- हमें खुद नहीं पता

हमने कई बार पूछा कि अस्पताल के सीनियर डॉक्टर कहां हैं लेकिन अस्पताल वाले कहते रहे कि डॉक्टर के बारे में उन्हें भी पता नहीं है। अस्पताल प्रबंधन के सीनियर डॉक्टर के मरीज को अटैंड न करने के मामले में मरीज के रिश्तेदारों ने कहा कि उक्त सीनियर डॉक्टर ने मरीज को दो दिन अटैंड किया और गुरुवार को भी मरीज को देखा। इसके बाद रात को बताया गया कि मरीज की मौत हो गई है।