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मंत्री पद की चर्चा से परगट सिंह के सुर बदले:ड्रग्स और बेअदबी पर बोले- कुछ चीजें कोर्ट में, जो संभव होगा करेंगे; पहले चिटि्ठयां लिखकर कैप्टन पर कार्रवाई का डालते थे दबाव

जालंधर9 महीने पहले
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जिन मुद्दों पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की कुर्सी गई, उन पर अब सिद्धू खेमे की बहानेबाजी शुरू हो गई है। नई सरकार में मंत्री पद पर मुहर लगने के बाद परगट सिंह के सुर बदल गए हैं। पंजाब में ड्रग्स तस्करों पर कार्रवाई और बेअदबी के मुद्दे पर इंसाफ के सवाल पर परगट ने कहा कि कुछ चीजें कोर्ट में हैं। वह भी हमें देखना होगा। जो भी संभव होगा, वह करेंगे। परगट ने इतना जरूर कहा कि यह सब जनता के सामने होगा। हम क्या कर रहे हैं? इसके बारे में सार्वजनिक जानकारी देते रहेंगे। इससे पहले सिद्धू खेमा कहता रहा कि पहली कैबिनेट में ही ड्रग्स, बेअदबी और बिजली समझौते के मुद्दे पर फैसला कर देंगे।

पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू के करीबी परगट सिंह वही विधायक हैं, जिन्होंने कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। करीब ढाई साल से परगट सिंह लगातार कैप्टन को चिट्‌ठी लिखते रहे। हर बार वह पंजाब में बड़े ड्रग्स तस्करों पर कार्रवाई न होने और बेअदबी मामलों में इंसाफ न मिलने का मुद्दा उठाते रहे। उनकी चिटि्ठयों में भी यही बात प्रमुखता से रहती थी कि इन पर कार्रवाई की जाए। तब कैप्टन भी यही बात कहते रहे कि मामला कोर्ट में है। इसलिए न्यायिक प्रक्रिया के हिसाब से कार्रवाई होगी। हालांकि इन मुद्दों को हाईकमान का 18 सूत्रीय फॉर्मूला बनाकर कैप्टन की विदाई की योजना तैयार कर दी गई।

कैप्टन के OSD पर धमकाने का भी लगाया था आरोप
नवजोत सिद्धू के सक्रिय होने से पहले परगट सिंह कैप्टन के बड़े विरोधी रहे। उन्होंने कैप्टन के खिलाफ खूब बयानबाजी की। यहां तक कह दिया कि कैप्टन की अगुवाई में हम अगला चुनाव नहीं जीत सकते। कैप्टन के विरोध में परगट का खेमा काफी मजबूत होता चला गया। इसके बाद अचानक एक दिन परगट ने यह कहकर चौंका दिया कि कैप्टन के OSD संदीप संधू ने उन्हें फोन पर ठोकने की धमकी दी है। इसको लेकर कैप्टन ग्रुप का कोई पक्ष नहीं आया, लेकिन बदनामी खूब हुई।

2017 में कैप्टन के नाम पर वोट पड़ी, लेकिन काम नहीं हुए
परगट सिंह ने कहा कि यह सही है कि पिछले चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कांग्रेस को वोट मिले। हालांकि इसके बाद पंजाब के मुद्दे हल नहीं हुए। हम फैसला लेंगे और उन्हें लागू भी करेंगे। हमारे पास 90 दिन हैं, लेकिन बतौर खिलाड़ी हमें आखिरी 10 मिनट ही पसंद होते हैं। हम काम करेंगे और उन्हें लेकर चुनाव में जनता के बीच जाएंगे। मुद्दे बहुत हैं इसलिए सभी मंत्रियों को सातों दिन चौबीसों घंटे काम करना पड़ेगा। कैप्टन के सिद्धू को हराने के बयान पर परगट ने कहा कि हमें ऐसे बयान नहीं देने चाहिएं। सबको पंजाब का हित देखना चाहिए।

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