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लगातार बढ़ रहा काेराेना:भयावहता देखिए... 24 घंटे में 4 ने दम तोड़ा, स्वस्थ बच्चे को जन्म देने वाली संक्रमित मां की एक दिन बाद मौत

जालंधर5 महीने पहले
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लोग सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं कर रहे जिस कारण कोरोना के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। - Dainik Bhaskar
लोग सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं कर रहे जिस कारण कोरोना के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं।

9 महीने तक मां ने जिस बच्चे को गर्भ में पाल जन्म दिया, काेराेना के प्रकोप कारण उसका चेहरा भी नहीं देख पाई। मंगलवार को जौहल अस्पताल में दाखिल लिद्दड़ा की रहने वाली 29 साल की महिला की काेराेना से मौत हो गई। डॉ. बीएस जौहल ने बताया महिला को अस्पताल में जब दाखिल किया गया तो वह कोरोना पॉजिटिव थी। सिजेरियन किया लेकिन चेस्ट में इंफेक्शन ज्यादा था। मंगलवार सुबह महिला ने दम ताेड़ दिया। इसके अलावा शहर में मंगलवार को शहर के प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में कुल 4 मरीजों की मौत हुई।

सभी मरीज शूगर और बीपी से पीड़ित थे और आईसीयू में दाखिल थे। जिले में कुल संक्रमिताें की संख्या बढ़कर 34751 हाे गई है। वैक्सीनेशन ड्राइव के तहत मंगलवार को 7527 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। मंगलवार को सेहत विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 45 साल से अधिक उम्र के 3768, 60 साल से अधिक 2964 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। इसके साथ ही जिले में मंगलवार तक कोरोना की वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या 2 लाख 15 हजार से अधिक हो गई है।

पॉश एरिया, सोसायटी और भीड़ वाले इलाकों से पॉजिटिव मिल रहे

सेहत विभाग की मंगलवार की रिपोर्ट के अनुसार कोरोनावायरस के 446 नए मामले सामने आए हैं। 55 मरीज जिले से बाहर के हैं। इनकी कुल संक्रमित मरीजों के आंकड़ों में गिनती नहीं हुई। वहीं, मंगलवार को शहर के हर एरिया से संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है चाहे वह बस्तियात का एरिया हो या गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू हो या नकोदर रोड स्थित एलडेको ग्रीन का एरिया हो। मंगलवार को सबसे अधिक मरीज बस्ती दानिशमंदा, बस्ती शेख और दयाल नगर से कोरोना के नए संक्रमित मामले सामने आए हैं। इसके अलावा मिलाप चौक से 4, जीटीबी नगर से 3 और एनआईटी से चार नए संक्रमित मिले हैं।

हमारी लापरवाही का नतीजा

प्राइवेट अस्पतालों में इमरजेंसी सिजेरियन, हार्ट का ही इलाज

संक्रमित बढ़ने के कारण शहर के 50 फीसदी अस्पतालों में कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज चल रहा है। मौजूदा समय जिन अस्पतालों में कोरोना वायरस के मरीज दाखिल हैं, वहां आम लोग भी जाने से कतरा रहे हैं। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि आईसीयू में अगर 5 से अधिक मरीज दाखिल होते हैं तो अस्पताल में हार्ट की भी सर्जरी नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा सरकार ने पहले से इलेक्टिव सर्जरी पर रोक लगाई हुई है। इस कारण मरीज भी अस्पताल में कम ही आ रहे हैं। इन दिनों प्राइवेट अस्पतालों का भी ज्यादा फोकस कोरोना की रोकथाम करने में है क्योंकि नए स्ट्रेन के मामले तेजी से बढ़े हैं।

ओपीडी 50 % तक घटी, मरीजों को महीने की दवा ले घर पर रहने की सलाह

ग्लोबल अस्पताल के डॉ. नवजोत दहिया ने कहा कि सर्जरी या इलाज से पहले मरीज का कोविड-19 का टेस्ट करवाते हैं। वहीं, केयरमेक्स अस्पताल के डॉ. रमन चावला ने कहा कि ओपीडी में 50 फीसदी तक कमी आई है। रेगुलर मरीजों को 10 दिन की बजाए 1 महीने की दवा दे रहे हैं ताकि वह घर पर ही रहें। जौहल अस्पताल के आई सर्जन डॉ. बेदी ने कहा कि 15 दिन में 2 मरीजों के आपरेशन किए हैं। आपरेशन न करने पर मरीज की आंखों की रोशनी जा सकती थी।

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