पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

धर्म:माघ कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी आज, सुबह 6:27 से लेकर 8 फरवरी को सुबह 4:47 तक रहेगा एकादशी का समय

जालंधर23 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

पंचांग के अनुसार माघ कृष्ण पक्ष की एकादशी व्रत 7 फरवरी को मनाया जा रहा है। इस भगवान विष्णु को ये तिथि बेहद प्रिय है। उन्हें प्रसन्न करने के लिए भक्त इस दिन उपवास करते है। विद्वानों ने बताया कि एकादशी तिथी की अहमियत बहुत अधिक है। हर महीने 2 एकादशी पड़ती है। कुल मिलाकर साल भर में 24 एकादशी पड़ती है।

इस शुभ दिन पर भक्त व्रत रखने या पूरी श्रद्धा से पूजा अर्चना करते है। शिव दुर्गा मंदिर बस्ती पीरदाद के पुजारी गौतम भार्गव ने बताया कि 7 फरवरी को सुबह 6 बजकर 27 मिनट से लेकर 8 फरवरी को सुबह 4 बजकर 47 मिनट तक एकादशी रहेगी।

उन्होंने बताया कि इस एकादशी पर तांबे के लोटे में तिलभर दान करने से कई यज्ञों का फल मिल जाता है। जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान, कन्यादान, गौ-दान, हजारों वर्षों की तपस्या, स्वर्ण दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है। एकादशी करने वालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवार वालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं। इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है। उन्होंने बताया कि षटतिला एकादशी को तिल मिश्रित जल से स्नान कर भगवान विष्णु का पूजन करके विष्णु हवन व पाठ करना चाहिए।

तिल मिश्रित जल से स्नान कर भगवान विष्णु का पूजन करें

पूजा विधि...एकादशी पर सूर्योदय से पहले नहाकर साफ कपड़े पहने और भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने बैठकर व्रत का संकल्प लें । व्रत करने वाले को दिनभर अन्न नहीं खाना चाहिए। एक समय फलाहार कर सकते है। इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा किसी ब्राह्मण से करवाएं। भगवान विष्णु की मूर्ति को पंचामृत से नहलाएं। ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। भगवान विष्णु को फूल, फल और तिल का नैवेद्य लगाएं और दीपक जलाएं। इसके बाद व्रत की कथा सुनें। दूसरे दिन यानी द्वादशी पर ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान देकर आशीर्वाद प्राप्त करें।

भोजन में तिल का उपयोग

तिल आँवला आदि मिलाकर बना उबटन लगाएं।

तिल से बनी मिठाइयां खाई जाती है।

जल में तिल डालकर स्नान करें।

जल में तिल डाल के पानी पीना चाहिए।

भोजन में तिल का उपयोग करना।

तिल या तिल से बनी चीजों का दान करना चाहिए।

तिल मिलाकर हवन-यज्ञ करने से लक्ष्मी कृपा होती है और हमारे पित्तर देव प्रसन्न होते हैं।

एकादशी के दिन चावल का सेवन प्रतिबंधित माना जाता है। इसलिए नहीं करना चाहिए।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज जीवन में कोई अप्रत्याशित बदलाव आएगा। उसे स्वीकारना आपके लिए भाग्योदय दायक रहेगा। परिवार से संबंधित किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर विचार विमर्श में आपकी सलाह को विशेष सहमति दी जाएगी। नेगेटिव-...

    और पढ़ें