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कैप्टन की स्कीम पर सिद्धू ग्रुप का हमला:रोडवेज के हड़ताली कर्मचारियों ने घर घेरा तो MLA परगट सिंह ने किया महिलाओं के मुफ्त बस सफर का विरोध, बोले- बंद होना चाहिए ये सिस्टम

जालंधर4 महीने पहले

कुछ दिनों की खामोशी के बाद पंजाब कांग्रेस में कलह फिर उभरने लगी है। पहले नवजोत सिद्धू के करीबी अमरगढ़ के विधायक सुरजीत धीमान ने CM कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया और सोमवार को पंजाब कांग्रेस के संगठन महासचिव विधायक परगट सिंह ने मुफ्त बस सफर स्कीम पर कैप्टन सरकार को घेरा। परगट ने कहा कि महिलाओं को बसों में फ्री सफर की सुविधा देने से सरकारी व प्राइवेट ट्रांसपोर्ट पर असर पड़ रहा। अगर हम इसी तरह सफर फ्री करते जाएंगे तो फिर आने वाले समय में सरकार व सिस्टम कैसे चलाएंगे। परगट ने कहा कि अब यह फ्री वाला सिस्टम ही बंद होना चाहिए।

उधर रविवार को हड़ताल पर चल रहे पंजाब रोडवेज, पीआरटीसी व पनबस के कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों ने परगट सिंह के घर का घेराव किया और उसके अगले ही दिन, सोमवार को परगट की यह प्रतिक्रिया आई। कैप्टन सरकार की महिलाओं को मुफ्त बस सफर स्कीम को लेकर विरोधी तक महिला वोट बैंक को देखते हुए कुछ नहीं कह रहे। ऐसे में परगट के हमले से साफ तौर पर फिर कैप्टन व सिद्धू ग्रुप की आपसी कलह उभरकर सामने आई है। परगट का यह बयान तब आया है, जब कल कर्मचारियों की कैप्टन अमरिंदर सिंह से बैठक होने वाली है।

रविवार को विधायक परगट सिंह के घर के घेराव के बाद उन्हें मांगे बताते हड़ताली कर्मचारी।
रविवार को विधायक परगट सिंह के घर के घेराव के बाद उन्हें मांगे बताते हड़ताली कर्मचारी।

सरकारी बसों का चक्काजाम 8वें दिन भी जारी

कैप्टन सरकार से रेगुलर करने की मांग को लेकर पंजाब में कॉन्ट्रैक्ट बसकर्मी हड़ताल पर हैं। इसलिए 8वें दिन भी पंजाब में सरकारी बसों का चक्काजाम जारी रहेगा। हड़ताली कर्मचारियों के साथ कल यानी मंगलवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बैठक करने जा रहे हैं। जिसमें कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार फैसला ले सकती है। कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी यूनियन के जालंधर के प्रधान गुरप्रीत सिंह ने कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

मंगलवार को चक्काजाम खुलेगा या हाइवे जाम होगा

कॉन्ट्रैक्ट बस कर्मचारियों की यूनियन ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री से बैठक में अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो चक्काजाम नहीं खुलेगा। वो सरकारी बसें नहीं चलाएंगे। यही नहीं, इसके बाद कर्मचारी सीधे हाइवे जाम कर देंगे। अगर हाइवे जाम हुआ तो फिर आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

नोटिस भी जारी कर चुकी सरकार

कैप्टन सरकार हड़ताली बस कर्मियों को नोटिस भी जारी कर चुकी है। सरकार ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक उन्हें हड़ताल का अधिकार नहीं है। इसलिए वो चक्काजाम खत्म कर काम पर लौटें और बस चलाएं। अगर ऐसा न हुआ तो उनका कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया जाएगा। हालांकि यूनियन ने इस पर कड़ा रुख दिखाते हुए कहा है कि वो सरकार की इस दमनकारी नीति से डरने वाले नहीं हैं।

8 हजार कर्मचारी हड़ताल पर, 2 हजार बसों का चक्का जाम

पंजाब में पीआरटीसी, पनबस व पंजाब रोडवेज के 8 हजार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिस वजह से पंजाब के करीब 29 डिपुओं की 2 हजार बसों के चक्के जाम हैं। सभी बसें इन डिपुओं में खड़ी कर कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इस वजह से लोग प्राइवेट बसों पर निर्भर होकर रह गए हैं।

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