पंजाब कांग्रेस में कलह:सिद्धू से मिलने पटियाला जा सकते हैं CM चन्नी, आज रात को ही दोनों के बीच हो सकती है मीटिंग

जालंधर2 महीने पहले

PPCC अध्यक्ष नवजोत सिद्धू के इस्तीफे के बाद पंजाब की कांग्रेस सरकार में DGP और AG को हटाने पर मंथन शुरू हो गया है। बुधवार देर शाम CM चन्नी ने AG एपीएस देओल और DGP आईपीएस सहोता से मीटिंग की। इस मीटिंग में किन मुद्दों पर चर्चा हुई इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि मीटिंग से निकलने के बाद देओल ने कहा कि उनसे कोई इस्तीफा नहीं मांगा गया है। गौरतलब है कि इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू बुधवार दोपहर DGP के तौर पर सहोता और AG के तौर पर देओल की नियुक्त पर सवाल उठाए थे। इधर CM चन्नी चंडीगढ़ से पटियाला के लिए निकाल सकते हैं। आज रात को ही सिद्धू के साथ वो मीटिंग कर सकते हैं।

हरीश चौधरी दे रहे पल-पल की खबर

राजस्थान कांग्रेस के मंत्री हरीश चौधरी पंजाब प्रकरण की पल-पल की सूचना हाईकमान को दे रहे हैं। वहीं प्रियंका गांधी के करीबी आचार्य प्रमोद ने भी इस्तीफे को लेकर नवजोत सिद्धू पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया कि पंजाब में पार्टी की साख दांव पर लगी है और ऐसे माहौल में सिद्धू का इस्तीफा पार्टी हाईकमान के विश्वास के साथ एक बड़ा धोखा है।

चौधरी सुबह 9 बजे चंडीगढ़ पहुंच गए थे। उनका नवजोत सिद्धू और CM चन्नी से मुलाकात का कार्यक्रम था। हालांकि मुलाकात हुई या नहीं, इस पूरे कार्यक्रम को गोपनीय रखा गया। हाईकमान पंजाब में सीधे किसी से बात नहीं कर रहा है। हरीश चौधरी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और पल-पल की जानकारी आलाकमान तक पहुंचा रहे हैं।

सिद्धू के इस्तीफे से बने हालात पर CM चन्नी ने बुलाई मीटिंग

नवजोत सिद्धू के इस्तीफे के बाद अब CM चरणजीत सिंह चन्नी ने अहम मीटिंग बुलाई है। जिसमें डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा और मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा शामिल हैं। यह दोनों वही नेता हैं, जिन्होंने पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के तख्तापलट की अगुवाई की। कैप्टन के विरोध के बावजूद सिद्धू को प्रधान बनाने में भी इनकी अहम भूमिका रही। इसके अलावा डिप्टी सीएम ओपी सोनी और मंत्री भारत भूषण आशु के साथ चीफ सेक्रेटरी अनिरुद्ध तिवारी समेत वरिष्ठ अफसर इस मीटिंग में मौजूद हैं।

माना जा रहा है कि इस बैठक में पंजाब में पैदा हुए सियासी हालातों को लेकर चर्चा होगी। पुलिस महानिदेशक (DGP) और एडवोकेट जनरल (AG) की नियुक्ति पर नवजोत सिद्धू को सरकार की तरफ से क्या जवाब दिया जाए?, इस बारे में भी चर्चा होगी। इससे पहले CM चन्नी सिद्धू को नसीहत दे चुके हैं कि वो मिलें और बैठकर बात करें। अपने ऐतराज के बारे में उनसे चर्चा करें, फिर उन पर फैसला लिया जाएगा।

सिद्धू के पक्ष में आए केजरीवाल; बोले- दागी मंत्री और अफसर हटाए जाएं,

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी पंजाब कांग्रेस में चल रही कलह में कूद पड़े हैं। पंजाब पहुंचते ही केजरीवाल ने नवजोत सिद्धू का पक्ष लिया। उन्होंने कहा कि दागी मंत्री और अफसरों को हटाया जाए। नए मुख्यमंत्री को संदेश देते हुए कहा केजरीवाल ने कहा कि बरगाड़ी कांड की रिपोर्ट पर 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सकता है। साथ ही सरकार बेरोजगारी भत्ता और युवाओं के लिए नौकरी देने और किसानों के लोन माफ करे।

चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर पहुंचे केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ही पंजाब को स्थिर, ईमानदार सरकार दे सकती है। चार माह बाद चुनाव हो रहे हैं, उनकी पार्टी ऐसा CM फेस देगी जिस पर सभी को गर्व होगा।

कांग्रेस की कलह में कूदे केजरीवाल:सिद्धू का पक्ष लेते हुए बोले- दागी मंत्रियों और अफसरों को हटाए चन्नी सरकार, AAP ही दूर करेगी पंजाब की राजनीतिक अस्थिरता

CM चन्नी बोले- सिद्धू पार्टी के मुखिया, ऐतराज हैं तो मिलकर बात करें
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मुद्दे न हल करने के मामले में इस्तीफा देने वाले नवजोत सिंह सिद्धू को इशारों-इशारों में जवाब दिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि पार्टी प्रधान परिवार का मुखिया होता है। मुखिया को परिवार में अपनी बात मजबूती से रखकर उसे आगे बढ़ाना होता है। उन्हें कोई ऐतराज है तो आएं और बात करें। उनकी सरकार लगातार काम कर रही है, जो भी मसले हैं मिल बैठकर हल हो जाएंगे।

सिद्धू को CM चन्नी की नसीहत:पार्टी प्रधान परिवार का मुखिया; कोई एतराज है तो आओ, बैठकर बात करें लेकिन मुद्दों से पीछे नहीं हटूंगा

हाईकमान ने नहीं भेजा किसी को मनाने
इससे पहले नवजोत सिद्धू के अचानक इस्तीफा देने से कांग्रेस हाईकमान नाराज नजर आ रहा है। उन्हें मनाने के लिए किसी नेता को दिल्ली से नहीं भेजा गया। CM चरणजीत चन्नी को ही यह जिम्मेदारी सौंप दी गई। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सिद्धू पर हमले शुरू कर दिए हैं। सांसद मनीष तिवारी के बाद अब पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अश्वनी कुमार ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सिद्धू के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि अब स्थिति को सही करने में हम समय नहीं गंवा सकते। हमें तुरंत पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का नया प्रधान नियुक्त कर देना चाहिए। यह सलाह ऐसे वक्त में आई है जबकि सिद्धू का इस्तीफा अभी कांग्रेस हाईकमान ने मंजूर नहीं किया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अश्वनी कुमार का ट्वीट।
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अश्वनी कुमार का ट्वीट।

उधर, CM ने कैबिनेट मंत्री परगट सिंह और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की कमेटी बना दी है। यह दोनों ही मंत्री सिद्धू के करीबी हैं। यह कमेटी सिद्धू से उनकी नाराजगी और उसे सुलझाने के बारे में बात करेगी। इससे पहले भी यह दोनों नेता 2 बार सिद्धू को मिल चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान ने यह भी कह दिया है कि अगर सिद्धू नहीं माने तो नया प्रधान चुन लिया जाए।

इस वक्त CM चरणजीत चन्नी की चंडीगढ़ में कैबिनेट की मीटिंग चल रही है। उसके बाद वह प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। उसमें सिद्धू और उनके इस्तीफे से पैदा हुए हालात के बारे में वह प्रतिक्रिया दे सकते हैं। इसके अलावा कैबिनेट की मीटिंग में हाईकमान के दिए 18 सूत्रीय फॉर्मूले से जुड़े बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। जिससे सीधे तौर पर मसले हल न होने का आरोप लगा रहे सिद्धू को जवाब दिया जाएगा।

पंजाब कैबिनेट की बैठक में रजिया सुल्ताना गैर हाजिर
नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद उनके समर्थन में मंत्री पद छोड़ने वाली रजिया सुल्ताना बुधवार को पंजाब कैबिनेट की बैठक में भी शामिल नहीं हुईं। उन्होंने मंगलवार देर शाम को ही कैबिनेट पद से इस्तीफा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को भेज दिया था। इसके अलावा नवजोत सिद्धू के सबसे नजदीकी रहे परगट सिंह कैबिनेट की बैठक में पहुंचे तो सभी चौंक गए।

सांसद मनीष तिवारी ने बोला सिद्धू पर हमला
पंजाब कांग्रेस प्रधान से इस्तीफा देने वाले नवजोत सिद्धू पर सांसद मनीष तिवारी ने हमला बोला है। बिना नाम लिए तिवारी ने कहा कि पंजाब उनके हाथों में दे दिया गया, जिन्हें वहां की समझ ही नहीं है। पंजाब पाकिस्तान का सीमा से लगा राज्य है। इसे सही तरीके से हैंडल नहीं किया गया। तिवारी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। सिद्धू का नाम लिए बिना तिवारी ने कहा कि पंजाब के हालात देख इस वक्त अगर कोई सबसे ज्यादा खुश होगा तो वह पाकिस्तान है। उन्होंने कहा कि पंजाब में इस वक्त राजनीतिक स्थिरता की जरूरत है।

इस्तीफे के बाद सिद्धू ने DGP और AG की नियुक्ति को लेकर जताई नाराजगी
पंजाब कांग्रेस पद से इस्तीफे के बाद नवजोत सिद्धू ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। सिद्धू ने कहा कि 6 साल पहले जिन्होंने बादलों को क्लीन चिट दी उन्हें इंसाफ का जिम्मा सौंपा गया है। इसमें सीधे तौर पर नए कार्यकारी DGP इकबाल प्रीत सहोता को निशाना बनाया गया है। जिन्होंने ब्लैंकेट बेल दी, वह एडवोकेट जनरल हैं। इसमें पूर्व DGP सुमेध सिंह सैनी के वकील रह चुके एडवोकेट एपीएस देयोल को टारगेट किया है। सिद्धू ने कहा कि उन्होंने हाईकमान को न गुमराह किया और न होने देंगे। इन लोगों को लाकर सिस्टम नहीं बदला जा सकता। जिन लोगों ने ड्रग तस्करों को सुरक्षा कवच दिया उन्हें पहरेदार नहीं बनाया जा सकता। सीधे तौर पर नए मंत्रियों को लेकर यह बात कही गई। सिद्धू ने कहा, "मैं अडूंगा और लडूंगा। कोई पद जाता है तो जाए।"

इससे पहले पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के बीच कांग्रेस हाईकमान ने नवजोत सिद्धू का इस्तीफा फिलहाल नामंजूर कर दिया है और उन्हें मनाने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच सिद्धू के पटियाला स्थित घर में हलचल बढ़ी हुई है। सिद्धू के यहां से चंडीगढ़ जाने की बात कही जा रही है। वहां वह किन नेताओं से मिलेंगे, इसके बारे में स्थिति साफ नहीं है। कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी को सिद्धू को मनाने का जिम्मा सौंपा है। चन्नी ने आज सुबह भी मंत्री परगट सिंह और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पटियाला भेजा था। वहां दोनों मंत्रियों की सिद्धू के साथ बैठक हुई। इसके बाद दोनों मंत्री चंडीगढ़ आ गए।

सिद्धू से नए मंत्री नाराज
चन्नी कैबिनेट की बैठक ऐसे वक्त पर हो रही है, जब सिद्धू के इस्तीफे की टाइमिंग से ज्यादातर मंत्री नाखुश हैं। मंगलवार को जिस वक्त नए मंत्री कामकाज संभाल रहे थे, उसी वक्त सिद्धू ने इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। इसके बाद देर रात तक CM चन्नी पंजाब सचिवालय में बैठे रहे। उन्होंने मंत्रियों के साथ बैठक भी की। हालांकि, उन्होंने कहा था कि सिद्धू से बात कर उनकी नाराजगी के बारे में जानकारी लेंगे।

सिद्धू के समर्थन में 3 इस्तीफे
सिद्धू ने मंगलवार दोपहर पंजाब कांग्रेस प्रधान पद से इस्तीफा दिया था। इसके कुछ देर बाद कोषाध्यक्ष गुलजार इंदर चहल ने भी इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सिद्धू के रणनीतिक सलाहकार पूर्व DGP मुहम्मद मुस्तफा की पत्नी और कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना ने भी मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। थोड़ी देर बाद महासचिव योगेंद्र ढींगरा ने भी इस्तीफा दे दिया। इसके बाद परगट सिंह के इस्तीफे की अफवाह उड़ी, लेकिन उन्होंने इसे खारिज कर दिया।

सिद्धू की नाराजगी की अहम वजह

  • कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाद सिद्धू को CM नहीं बनाया गया। उनकी सिफारिश पर एडवोकेट डीएस पटवालिया को एडवोकेट जनरल नहीं बनाया गया।
  • सिद्धू कैप्टन के कुछ करीबियों के अलावा राणा गुरजीत को कैबिनेट में लाने के विरोधी थे, लेकिन उनकी नहीं चली।
  • सिद्धू सिद्धार्थ चट्‌टोपाध्याय को DGP चाहते थे, लेकिन इकबालप्रीत सहोता को बनाया गया।
  • सिद्धू चाहते थे कि गृह विभाग CM के पास रहे, लेकिन हाईकमान ने वह रंधावा को दे दिया।
  • सिद्धू की न मंत्री पद बांटने में चली और न मंत्रालयों के बंटवारे में चली।
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