पंजाब में हिंदू वर्सेज सिख हुई 'लालसिंह चड्‌ढा':हिंदू संगठनों ने शो रुकवाया तो आमिर के समर्थन में उतरे सिख; बोले- फिल्म बंद नहीं होगी

जालंधर3 महीने पहले

बॉलीवुड एक्टर आमिर खान की फिल्म 'लालसिंह चड्‌ढा' की वजह से पंजाब में हिंदू और सिख संगठन आमने-सामने आ गए हैं। हिंदू संगठन जहां हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप लगाकर आमिर खान और उनकी फिल्म का विरोध कर रहे हैं वहीं सिख संगठन बॉलीवुड स्टार के हक में उतर आए।

सिख संगठनों का कहना है कि 'लालसिंह चड्‌ढा' फिल्म एक सिख कैरेक्टर पर आधारित है और हिंदुओं को इसका विरोध करने का हक नहीं है। दो प्रमुख समुदायों से जुड़े संगठनों के इस तरह आमने-सामने आ जाने से जालंधर शहर में माहौल तनावपूर्ण हो गया।

आमिर खान की फिल्म 'लालसिंह चड्‌ढा' गुरुवार को रिलीज हुई। जालंधर में यह फिल्म एमबीडी मॉल स्थित PVR सिनेमा में लगी। गुरुवार दोपहर लगभग डेढ़ बजे फिल्म का शो शुरू होते ही शिवसेना और दूसरे हिंदू संगठनों के सदस्य मॉल के बाहर जमा हो गए।माहौल तनावपूर्ण होता देखकर मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। कई घंटे के हंगामे के बाद अंतत: PVR मैनेजमेंट ने 'लालसिंह चड्‌ढा' के शो बंद करने का आश्वासन दे दिया। इसके बाद हिंदू संगठनों के नेता वहां से चले गए।

घटनाक्रम ने मोड़ तब ले लिया जब हिंदू नेताओं के मॉल से निकलते ही सिख तालमेल कमेटी के पदाधिकारी वहां पहुंच गए। पुलिस के रोकने के बावजूद यह लोग मॉल में घुस गए और PVR प्रबंधकों से कहा कि फिल्म के शो रुकने नहीं चाहिए। अब वह देखेंगे कि कौन आकर फिल्म रुकवाता है।

सिख संगठनों के आश्वासन के बाद जालंधर में फिल्म के शो जारी हैं।

जालंधर में एमबीडी मॉल के बाहर इकट्ठा हुए सिख तालमेल कमेटी के पदाधिकारी
जालंधर में एमबीडी मॉल के बाहर इकट्ठा हुए सिख तालमेल कमेटी के पदाधिकारी

हिंदू संगठनों ने घेरा MBD मॉल

गुरुवार सुबह PVR सिनेमा में आमिर खान की फिल्म ‘लालसिंह चड्ढा’ का पहला शो शुरू होते ही शिवसेना हिंद के प्रधान इशांत शर्मा, शिवसेना टकसाली से सुनील कुमार बंटी, शिवसेना तांगड़ी के प्रधान विनय, शिवसेना बालठाकरे के प्रधान रोहित जोशी, बजरंग दल के प्रधान इंद्रजीत झा, श्रीराम भगत सेना के धर्मेंद्र मिश्रा अपने कार्यकर्ताओं के साथ MBD मॉल के बाहर पहुंच गए।

कहा- टिकट के पैसे हम रिफंड कर देंगे

हिंदू संगठनों के प्रदर्शन शुरू करते ही पुलिस ने MBD मॉल के बाहर फोर्स बढ़ा दी। पुलिस के रोकने के बावजूद प्रदर्शनकारी मॉल में घुसकर PVR सिनेमा तक पहुंच गए। PVR मैनेजमेंट ने उनसे कहा कि शो शुरू हो चुका है और अंदर दर्शक बैठे हैं। इस पर हिंदू नेताओं ने कहा कि अंदर बैठे दर्शकों को उनकी टिकट के पैसे वह अपने पास से दे देंगे मगर आमिर खान की फिल्म नहीं चलेगी।

विरोध बढ़ने पर PVR ने हटाई फिल्म

विरोध बढ़ता देखकर PVR मैनेजमेंट ने कहा कि वह फिल्म का शो बंद करने को तैयार हैं। इस पर हिंदू संगठनों के नेता और कार्यकर्ता मॉल के बाहर आ गए। थोड़ी देर बाद PVR के एक मैनेजर ने उनके पास आकर बताया कि फिल्म हटा दी गई है। यह सुनकर हिंदू संगठनों के नेता और कार्यकर्ता वहां से चले गए।

हिंदू नेताओं के जाते ही पहुंचे सिख संगठन

उधर हिंदू नेताओं के जाते ही सिख तालमेल कमेटी के पदाधिकारी अपने कार्यकर्ताओं के साथ MBD मॉल पहुंच गए। सिख तालमेल कमेटी के पदाधिकारी हरपाल सिंह चड्ढा, गुरविंदर सिंह नागी, तेजिंदर सिंह परदेशी, हरप्रीत सिंह, विक्की खालसा, सन्नी ओबराय, गुरविंदर सिंह सिद्धू, हरपाल सिंह पाली, तेजिंदर सिंह, लखबीर सिंह लक्की और गुरजीत सिंह सतनामिया ने आरोप लगाया कि शिवसेना के नेता माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

सिख तालमेल कमेटी के नेताओं का कहना था कि वह आमिर खान का प्रचार करने या उसकी उपलब्धियां गिनाने नहीं आए। उनके आने की वजह ये है कि आमिर खान ने एक सिख पर फिल्म बनाई है। यदि कोई इसका विरोध करेगा तो वह उसका मुकाबला करने के लिए खड़े हैं।

2016 में ही करते PK का विरोध

हरपाल सिंह चड्‌ढा ने कहा कि आमिर की इस फिल्म को एसजीपीसी और अन्य सिख संगठनों ने खुद देखकर मंजूरी दी है। जब सिख संगठनों को कोई दिक्कत नहीं है तो फिर शिवसेना वाले कौन होते हैं विरोध करने वाले। अगर हिंदू संगठन आमिर से नाराज हैं तो उन्हें 2016 में आई PK फिल्म का उसी समय विरोध करना चाहिए था।

हरपाल सिंह और गुरविंदर सिंह नागी ने कहा कि आमिर खान की फिल्में संदेश देने वाली होती हैं। इन पर अव्यवस्थाओं पर कटाक्ष होता है। आमिर जिस किरदार को निभाते हैं, उसमें पूरी तरह डूब जाते हैं। लालसिंह चड्ढा के लिए भी उन्होंने नकली दाढ़ी की बजाय खुद के केश बढ़ाए और पूरा सिखी बाणा धारण करने के बाद किरदार निभाया।

जालंधर की एमबीडी मॉल के बाहर तैनात पुलिस।
जालंधर की एमबीडी मॉल के बाहर तैनात पुलिस।

चेतावनी- पूरे पंजाब में कहीं भी फिल्म रोक कर दिखाओ
सिख तालमेल कमेटी ने फिल्म का विरोध करने वाले शिवसेना नेताओं को चेतावनी दी कि वह जालंधर ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब में कहीं भी फिल्म रोककर दिखाएं। ऐसे लोग कहीं भी खलल डालने पहुंच जाते हैं। इनकी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दूसरी तरफ शिवसेना के नेताओं ने कहा कि वह फिल्म का विरोध नहीं कर रहे। वह सिर्फ आमिर खान का विरोध कर रहे हैं और इसकी वजह 2016 में आई पीके फिल्म में आमिर खान द्वारा हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया जाना है। हिंदू संगठनों ने उसी समय तय कर लिया था कि वह हर जगह आमिर खान का विरोध करेंगे।

हो सकता था टकराव

यह पूरा विवाद तकरीबन साढ़े तीन घंटे चला। MBD मॉल के बाहर पहुंचे सिख तालमेल कमेटी के कार्यकर्ताओं ने शिवसेना के खिलाफ नारे लगाए। यदि हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता वहां मौजूद होते तो दोनों में टकराव हो सकता था।

SGPC मेंबरों ने आमिर के साथ देखी थी फिल्म

‘लालसिंह चड्ढा’ के रिलीज होने से पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और उसकी रिसर्च कमेटी के मेंबरों ने आमिर खान के साथ बैठकर इस फिल्म को देखा था। फिल्म अप्रूव कराने के लिए आमिर खान खुद 3 अगस्त को जालंधर आए थे। जालंधर के एक मॉल में ‘लालसिंह चड्ढा’ के विशेष शो की व्यवस्था की गई थी।

आमिर ने SGPC मेंबरों के साथ बैठक में फिल्म को लेकर चल रहे विवाद पर बात भी की थी। उन्होंने SGPC को बताया कि फिल्म में किसी भी तरह से सिख धर्म पर कोई टिप्पणी नहीं की गई।

SGPC ने दी थी क्लीन चिट

SGPC की रिसर्च टीम के इंचार्ज जगतेश्वर सिंह, प्रिंसिपल मनजीत कौर और पूर्व सचिव सिमरजीत सिंह ने फिल्म देखकर उसे क्लीन चिट दी थी। उस समय SGPC की ओर से आमिर खान को सिरोपा और किरपाण देकर सम्मानित भी किया गया। फिल्म देखने के बाद एसजीपीसी की पूर्व प्रधान बीबी जगीर कौर ने कहा था कि इसमें सिख धर्म को लेकर कुछ भी गलत नहीं दिखाया गया।