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  • Swearing in Of New Ministers Of Punjab Today, At 4.30 Pm 15 MLAs Will Take Oath As Ministers, 6 New Faces In The Cabinet For The First Time, The Ceremony Will Be Held In Chandigarh

पंजाब का नया मंत्रिमंडल:पहली बार मंत्री बने 6 विधायक, कैप्टन की सरकार में मंत्री रहे 9 पुराने चेहरे भी चन्नी की टीम में

जालंधर2 महीने पहले

पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी ने रविवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। इसमें 6 विधायक पहली बार मंत्री बने, तो वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में मंत्री रहे 9 पुराने चेहरों को मंत्रिमंडल में बनाए रखा गया है। हालांकि, कैप्टन के करीबी 6 मंत्रियों की छुट्‌टी कर दी गई है। पंजाब सरकार में रविवार को 15 मंत्री शामिल हुए। मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी और दो डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा और ओपी सोनी पहले ही शपथ ले चुके हैं।

पहले कैप्टन कैबिनेट में शामिल रहे ब्रह्म मोहिंदरा, मनप्रीत बादल, तृप्त राजिंदर बाजवा, अरुणा चौधरी, सुख सरकारिया, राणा गुरजीत, रजिया सुल्ताना, विजयेंद्र सिंगला, भारत भूषण आशु ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद पहली बार मंत्री बन रहे रणदीप नाभा, राजकुमार वेरका, संगत सिंह गिलजियां, परगट सिंह, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, गुरकीरत कोटली ने शपथ ली।

इससे पहले अंतिम समय में फैसला हुआ था कि कुलजीत नागरा को मंत्री नहीं बनाया जाएगा। उनकी जगह अमलोह से विधायक काका रणदीप नाभा को मंत्री बना दिया गया। नागरा वर्किंग प्रधान हैं, इसलिए उन्हें संगठन में काम करना होगा।

विरोध के बावजूद मंत्री बने राणा
पंजाब के दोआबा क्षेत्र के नेता व विधायक दागी कहकर राणा गुरजीत का विरोध कर रहे थे। इसके बावजूद उनका नाम नहीं काटा गया। राणा गुरजीत 2017 में कैप्टन सरकार की कैबिनेट में थे। तब उन पर रेत खनन में भूमिका के आरोप लगे थे। फिर राहुल गांधी की मंजूरी के बाद कैप्टन ने राणा का इस्तीफा लिया था। अब वह चन्नी सरकार में फिर मंत्री बन गए हैं।

राणा गुरजीत की वापसी को लेकर कांग्रेस पर सवाल
चन्नी कैबिनेट में सबसे चौंकाने वाला नाम कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत का है। राणा 2017 में भी कैप्टन अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में शामिल थे। करीब 10 महीने बाद उन्हें हटना पड़ा। उन पर रेत खनन में भूमिका के आरोप थे। उस वक्त कैप्टन ने उनका बचाव किया था। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने इस्तीफा देने की बात कही थी। राहुल से मिलने के बाद ही कैप्टन को उनका इस्तीफा मंजूर करना पड़ा।

अब राहुल गांधी की अगुवाई में चले मंथन में राणा की वापसी को लेकर कांग्रेस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आम आदमी पार्टी के विपक्षी दल नेता हरपाल चीमा ने भी राणा गुरजीत को लेकर कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा कि जिस नेता पर भ्रष्टाचार के आरोप थे, उसे कैबिनेट मंत्री बनाकर कांग्रेस क्या संदेश देना चाहती है।

अब सिद्धू और चन्नी पर मुद्दे हल करने का दबाव
बगावत के बाद एंटी कैप्टन खेमा अमरिंदर सिंह को कुर्सी से हटाने में कामयाब रहा। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री पद तक नवजोत सिंह सिद्धू और चरणजीत चन्नी के साथ मंथन किया। अब इन्हें नई टीम दे दी गई है। अब दोनों पर ही आगे मुद्दे हल करने का दबाव रहेगा। अब पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में करीब 3 महीने का वक्त बचा है। ऐसे में कांग्रेस का CM व मंत्री बदलना सियासी दांव रह जाएगा या फिर पार्टी को कुछ फायदा होगा, यह इन दोनों की परफॉर्मेंस पर निर्भर करेगा।

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