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  • The Daily Cases Are Getting Better Than The Patients Coming, The Active Cases Have Reduced From 80 Thousand To 55 Thousand, The Result 35% Of The Beds In Hospitals Are Empty

सूबे में कोरोना के ये आंकड़े राहतभरे:रोजाना आने वाले मरीजों से ज्यादा हो रहे ठीक, एक्टिव केस 80 हजार से घटकर 55 हजार हुए, नतीजा- अस्पतालों में 35 फीसदी बेड खाली

जालंधर6 महीने पहले
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तस्वीर बठिंडा की है। - Dainik Bhaskar
तस्वीर बठिंडा की है।
  • क्योंकि, पॉजिटिव केस कम हुए, मौतें घटीं, रिकवरी दर बढ़ी

सूबे में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामले तेजी से कम हो रहे हैं। 12 मई 2021 को एक्टिव केस 80000 तक पहुंच गए थे, लेकिन पिछले 8 दिन में इनकी संख्या कम होकर 55 हजार रह गई है। इसकी मुख्य वजह ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा होना बना है। पिछले 8 दिन में 46112 नए संक्रमितों के मुकाबले 64679 मरीज ठीक हुए। इसका असर यह है कि सूबे के अस्पतालों पर मरीजों का बोझ कम हो रहा है। 22 जिलों से जुटाए आंकड़ों की मानें तो करीब 15826 बेड लेवल-2 और लेवल-3 के मरीजों के लिए बनाए गए थे। इनमें से करीब 35% बेड अब खाली हैं। लेवल-2 के 12670 बेड्स में 4582 बेड खाली हैं जबकि गंभीर संक्रमित मरीजों के लिए बनाए गए लेवल-3 के 3156 बेड्स में से 24% खाली हैं। सूबे में रिकवरी दर भी सुधर कर 86.9% हो गई है। जो 10 दिन पहले 80 फीसदी थी। तस्वीर का दूसरा पहलू यह है कि 10,489 बेड अभी भी मरीजों से भरे हैं। पंजाब सरकार के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अभी भी 6743 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। लेवल-3 में 1011 मरीज हैं। राहत की बात यह है कि करीब 9000 तक मिलने वाले पॉजिटिव केस अब कम होकर 5345 तक रह गए हैं। सूबे की एक्टिव दर 13% से कम होकर 10.7% तक पहुंच गई है।

रिकवरी दर बढ़ी

सूबे में पिछले 8 दिन में नए केसों के मुकाबले ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा रही है। रिकवरी दर भी सुधर कर 86.9% हो गई है। जो 10 दिन पहले 80 फीसदी थी।

मौतें कम हुईं

पिछले 10 दिन में दो बार 24 घंटे में सर्वाधिक मौतें हुईं। 229 का सर्वोच्च छूने के बाद अब यह आंकड़ा घट गया है। हालांकि, पंजाब में 2.5% के साथ मृत्युदर देश में सबसे ज्यादा है।

आठ दिन में नए केसों के मुकाबले ज्यादा रिकवरी
आठ दिन में नए केसों के मुकाबले ज्यादा रिकवरी

चिंता... 9 जिलों गुरदासपुर, मोगा, संगरूर, मानसा, फाजिल्का, मुक्तसर, बरनाला, कपूरथला और फतेहगढ़ साहिब में लेवल-3 के रोगियों के लिए बेड ही नहीं हैं।

प्रमुख जिलों के मुख्य अस्पतालों के हालात
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