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  • The Driver Had Taken 10 Friends To Amritsar In A Luggage carrying Vehicle, The Accident Happened When The Highway Collided With The Bridge, The Police Also Imposed The Motor Vehicle Act In The Crime

जालंधर में ट्रांसपोर्टर के जख्मी बेटे ने दम ताेड़ा:सामान ढोने वाली गाड़ी में 10 दोस्तों को अमृतसर ले गया था ड्राइवर, हाईवे के पुल से टकराने पर हुआ था हादसा, पुलिस ने जुर्म में मोटर व्हीकल एक्ट भी लगाया

जालंधर12 दिन पहले
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आरोपी ड्राइवर जख्मियों को अस्पताल छोड़ फरार हो गया । - प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
आरोपी ड्राइवर जख्मियों को अस्पताल छोड़ फरार हो गया । - प्रतीकात्मक फोटो

जालंधर के करतारपुर में हुए हादसे में लुधियाना के ट्रांसपोर्टर के बेटे की मौत हो गई। वहीं, उसका दोस्त गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि उसके बेटे ने दोस्तों के साथ अमृतसर स्थित दरबार साहिब में माथा टेकने जाने के लिए गाड़ी बुक कराई थी। ड्राइवर सवारी की जगह सामान ढोने वाली गाड़ी लेकर आ गया। अमृतसर से वापस लौटते वक्त तेज रफ्तार की वजह से गाड़ी हाईवे पर पुल से टकरा गई। इसके बाद ड्राइवर गाड़ी अस्पताल में छोड़ भाग निकला। पुलिस ने इस मामले में लापरवाही के साथ मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं के तहत भी केस दर्ज किया है।

रात को निकले थे घर से

लुधियाना में GNE कॉलेज के पीछे इशर नगर के रहने वाले हरमिंदर सिंह ने बताया कि वह लुधियाना में ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। उनका बेटा हरमनदीप सिंह घंटाघर चौक में फैशन किंग में नौकरी करता है। हरमनदीप ने दोस्तों के साथ मिलकर अमृतसर स्थित दरबार साहिब में माथा टेकने का प्रोग्राम बनाया था। इसके बाद उन्होंने एक मैक्सी ट्रक बोलेरो गाड़ी इसके लिए बुक कर ली। इसका ड्राइवर रॉकी सहोता निवासी जस्सियां रोड था। 17 जुलाई को रात 9 बजे वह करीब 10 दोस्तों के साथ अमृतसर के लिए चल पड़े।

सुबह आया हादसा होने का फोन

अगली सुबह करीब 7.30 बजे हरमनदीप सिंह के किसी साथी का फोन आया कि वह हरमिंदर साहिब से माथा टेककर लौट रहे थे। करतारपुर में हाईवे पर गुरु तेग बहादुर अस्पताल के सामने ड्राइवर रॉकी सहोता ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए पुल पर टक्कर मार दी। जिससे अंदर बैठे हरमनदीप सिंह व मनिंदर सिंह के सिर व शरीर के दूसरे हिस्से में चोटें लगी हैं। वह जख्मियों को उसी गाड़ी में डालकर मकसूदां स्थित सेक्रेड हार्ट अस्पताल लेकर आ गए।

लुधियाना से जालंधर पहुंचे, बेटे की मौत के बाद दर्ज कराई पुलिस को शिकायत

इसके बाद वह तुरंत लुधियाना से जालंधर पहुंचे। उनका बेटा हरमनदीप बेसुध हालत में था। पुलिस उनके बयान लेने आई लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें अनफिट करार दिया था। वहां 20 जुलाई की रात करीब 10 बजे हरमनदीप की मौत हो गई। दूसरा लड़का मनिंदर अभी भी बेसुध पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह हादसा रॉकी सहोता की लापरवाही की वजह से हुआ है। उसने तेज स्पीड से गाड़ी चलाई। इसके बाद वह हमदर्दी दिखाने के बजाय गाड़ी अस्पताल में छोड़ भाग गया। उन्हें अब पता चला कि यह गाड़ी सवारी नहीं बल्कि सामान ढोने वाली है।

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