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पंजाब चुनाव में BJP का कोई विजन नहीं:उद्योगपतियों ने गजेंद्र शेखावत से उद्योगों पर सवाल पूछा तो क्रिकेट की कहानी सुना कर चल दिए

जालंधर7 महीने पहले
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जालंधर में उद्योगपितयों को संबोधित करते हुए गजेंद्र सिंह शेखावत। - Dainik Bhaskar
जालंधर में उद्योगपितयों को संबोधित करते हुए गजेंद्र सिंह शेखावत।

पंजाब भाजपा ने चुनाव के मद्देनजर शनिवार शाम को उद्योपतियों के साथ एक बैठक की। शहर के आलीशान होटल में रखी गई इस बैठक में पंजाब भाजपा के चुनाव प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत अपने साथ केंद्रीय मंत्री सोमप्रकाश व अन्य पदाधिकारियों को लेकर देरी से ही सही पर दल-बल के साथ पहुंचे। बैठक में वन टू वन उद्योगपतियों से उनकी समस्याओं को सुना गया।

बैठक में अधिकतर उद्योगपतियों ने जीएसटी पर सवाल उठाए और इंडस्ट्री की समस्याओं से केंद्रीय मंत्रियों को अवगत करवाया। इसी दौरान कुछ उद्योगपतियों, जिनमें फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रीज के प्रधान नरेंद्र सग्गू भी शामिल थे, ने अपनी समस्याएं भाजपा की लीडरशिप के आगे रखते हुए सवाल किया कि वह आगामी चुनाव के दृष्टिगत अपनी पार्टी का विजन स्पष्ट करें। बताएं कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार आती है तो वह पंजाब की घाटे में चल रही, डूब रही इंडस्ट्री को किस प्रकार उबारेंगे। उनके पास कर्ज में डूबे उद्योगपतियों को फिर से खड़ा करने के लिए क्या पॉलिसी है।

उद्योगपतियों की समस्याओं और उनसे कैसे पार पाया जा सकता है। यह सुनने के बाद मंच से उद्योगपतियों के सारे सवालों के जवाब देने के लिए भाजपा के पंजाब चुनाव प्रभारी गजेंद्र सिंह उठे और अपने स्वभाव के अनुसार जो मुद्दे, सवाल उद्योगपतियों ने उठाए उनके सीधे-सीधे जवाब देने की बजाए इधर-उधर की बातें और क्रिकेट की कहानी सुना कर चल दिए। 10-15 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने 7 से 8 मिनट क्रिकेट की कहानी सुनाने में गुजार दिए। इस दौरान वह मुद्दे से भी भटक गए। कई सवालों के तो जवाब, जिनमें भाजपा के उद्योग को लेकर विजन का भी सवाल था, बीच में ही छूट गए। इनका उद्योगपतियों को कोई जवाब नहीं मिला।

पंजाब सरकार ने बढ़ाया जीएसटी

उद्योगपतियों ने कपड़े की तरह फुटवियर पर भी टैक्स घटाने का मुद्दा रखा। कारोबारी अशोक मागू व कुछ अन्य फुटवियर उद्योगपतियों ने कहा कि हवाई चप्पल से लेकर शूज बनाने वाले फुटवियर निर्माताओं को पहले 5 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर केंद्र सरकार ने सीधे 12 प्रतिशत कर दिया है। इससे इंडस्ट्री काफी प्रभावित हुई है। इसके जवाब में गजेंद्र शेखावत ने साफ पल्ला झाड़ लिया और कहा कि यह केंद्र सरकार का मसला ही नहीं है। क्योंकि जीएसटी राज्यों को मिलाकर बनाई गई कौंसिल तय करती है। केंद्र का तो इस कौंसिल में मात्र 33 प्रतिशत हिस्सा है। शेष 77 प्रतिशत फैसला करने का अधिकार राज्यों के पास हैं। फुटवियर पर जो जीएसटी बढ़ा है, इसमें पंजाब सरकार की भूमिका सबसे बड़ी है। पंजाब सरकार ने ही इंडस्ट्री को यह झटका दिया है।

बैठक में मौजूद उद्योगपति।
बैठक में मौजूद उद्योगपति।

बीच में ही छूट गया ई-वीजा का मुद्दा

उद्योगपतियों की समस्याओं को सुनने और उन पर भाजपा के विजन को लेकर रखी गई बैठक में उद्योगों को मिलने वाली आर्थिक सहायता और विदेशों में ज्यादा काम करने के लिए बार-बार वीजा लेने की समस्या का मुद्दा भी उठा। हैंड टूल इंडस्ट्री के अजय गोस्वामी ने कहा कि सरकार ने हैंड टूल इंडस्ट्री को मिलने वाली सब्सिडी कम कर दी है। उद्योगपतियों को काम के सिलसिले में विदेशों में जाना पड़ता है। इसके लिए एक्सपोर्ट कंपनियों के मालिकों को ई-वीजा की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए।

अजय गोस्वामी के पहले सवाल का तो जवाब ही नहीं मिला, लेकिन ई-वीजा वाला मुद्दा बीच में ही भटक गया। गजेंद्र शेखावत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बांधते हुए बात को अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू हवाई अड्डों की तरफ मोड़कर ले गए। बताने लगे कि अमृतसर में सरकार शीघ्र ही अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें बढ़ाने जा रही है। भारत में मोदी सरकार की वजह से रेलवे के फर्स्ट क्लास एसी में यात्रा करने वाले यात्रियों से ज्यादा हवाई जहाज में लोग यात्रा कर रहे हैं। उद्योग नगर के प्रधान तेजिंदर सिंह ने कहा कि पहाड़ी राज्यों को पैकेज मिले, हमें कुछ नहीं मिला। इंडस्ट्री दूसरे राज्यों को शिफ्ट हो रही है, इसका भी उद्योगपतियों को कोई जवाब नहीं मिला। यह सारे सवाल क्रिकेट की कॉमेंट्री में ही गौण हो गए।

विजन दिया नहीं संकल्प करवा लिया

बैठक के दौरान उद्योगों को कोई विजन दिए बगैर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अधिकांश विषय जो रखे गए हैं, वे राज्य से संबंधित हैं। इसके लिए सभी को संकल्प करके जाना होगा कि उन्हें भाजपा जैसी एक ऐसी सरकार चाहिए, जो आपके मसले हल कर सके। मोदी के आने से कई परिवर्तन हुए हैं। विश्व पटल पर भारत का नाम चमका है। भारतीय जनता पार्टी ने व्यवस्थाएं बदली हैं। पंजाब में नेगिटिव ग्रोथ है। इंडस्ट्री बाहर जा रही है। आज की तारीख में ज्यादा ग्रोथ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हो रही है। पंजाब 1980 में देश का एक नंबर खुशहाल प्रदेश था। आज चित्रण है नशाखोरी, रेत माफिया, शराब माफिया। अब आपको ही इसे बदलना है। पंजाब में अब बदलाव का अवसर है। हर तरफ परिवर्तन का दौर चल रहा है और इतिहास गवाह है कि जिसने भी इसकी अवहेलना की है, वहां रक्त बहा है।