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  • This Effect In Punjab; More Than 1 Lakh People Are Not Getting The Second Dose Of The Vaccine, Said Even If You Get It Written, You Will Not Get It Done

विदेश में कोवैक्सीन को डब्ल्यूएचओ की मंजूरी नहीं:पंजाब में ये असर; 1 लाख से अधिक लोग कोवैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लगवा रहे, बोले- चाहे लिखवा लो, नहीं लगवाएंगे

जालंधरएक महीने पहलेलेखक: प्रभमीत सिंह
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  • सेहत विभाग बोला- डब्ल्यूएचओ ने कोवैक्सीन को खारिज नहीं किया है, क्योंकि अभी विदेशों में ट्रायल चल रहे हैं, लोग वैक्सीन की दूसरी डोज जरूर लगवाएं

मौजूदा समय में सूबे में कोवैक्सीन को लेकर नई चिंता की स्थिति बन गई है। पंजाब में 1 लाख से अधिक लोगों को कोवैक्सीन की पहली डोज तो लग चुकी है लेकिन ये लोग दूसरी डोज लगवाने नहीं आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि डब्ल्यूएचओ द्वारा कोवैक्सीन विदेशों में मान्य नहीं है, इसलिए विदेश यात्रा नहीं कर पाएंगे। वैक्सीनेशन ड्राइव के तहत राज्य में कुल 59 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। सेहत विभाग के अफसरों ने भी लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए आग्रह किया है ताकि तीसरी लहर से बचा जा सके।

सेहत विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सूबे में 15 जून तक एक लाख से अधिक लोग हैं, जो दूसरी डोज नहीं लगवाने आ रहे हैं। हालांकि, सेहत विभाग के अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि डब्ल्यूएचओ की तरफ से कोवैक्सीन को खारिज नहीं किया गया है। क्योंकि वैक्सीन के अभी विदेशों में ट्रायल चल रहे हैं। इसके अलावा पीएम मोदी द्वारा भी कोवैक्सीन लगवाई गई है। हालांकि, जिला स्तर की बात करें तो एक महीना पहले लोग वैक्सीनेशन सेंटरों पर कोवैक्सीन की ही डोज लगवाना चाह रहे थे। लेकिन अब जब विदेशों में कोवैक्सीन को मंजूरी नहीं मिली है तो धारणा बदल गई है। लोग बोल रहे- चाहे लिखकर ले लो, कोवैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लगवाएंगे।

शहर के मुकाबले गांवों के ज्यादा लोग... क्योंकि, इनमें विदेश जाने वालों की संख्या अधिक...
सेहत विभाग की रिपोर्ट के अनुसार दोआबा रीजन के अलावा राज्य में 9 जिलों में जहां कोवैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने वालों की संख्या 5 हजार से 14 हजार के बीच है। लोग वैक्सीन के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। स्टाफ का कहना है कि मौजूदा समय में उनके पास सेंटरों में जिन लोगों ने विदेश जाना है वे फार्म लेने के लिए आ रहे हैं। यह लोग शहर के कम और देहात के क्षेत्रों के ज्यादा हैं। कोवैक्सीन डोज के भी ज्यादा लाभपात्री देहात के ही रहने वाले है।

सेहत विभाग चंडीगढ़ के अफसरों के सामने भी यह मामला आ चुका है कि कोवैक्सीन की पहली डोज लगवाने के बाद अब 42 दिनों बाद कोवैक्सीन की दूसरी डोज के लिए 1 लाख 9 हजार 999 लोगों को दूसरी डोज पेंडिंग है। जालंधर के जिला टीकाकरण अफसर डॉ. राकेश कुमार चोपड़ा का कहना है कि जिन लोगों की डोज पेंडिंग है उन्हें फोन कर बुला रहे हैं लेकिन 50% लोग नहीं आ रहे। जबकि कई लोग सेंटरों पर आकर खुद लिखकर दे रहे हैं कि कोवैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लगवानी है। क्योंकि कोवैक्सीन को डब्ल्यूएचओ नहीं मानता।

तर्क.... 6 महीने बाद में कोविशील्ड लगवा लेंगे
कोवैक्सीन की दूसरी डोज को लेकर पैदा हुए भ्रम के बीच में कई लोगों का कहना है वे खुद अगले 6 महीनों तक वैक्सीन की डोज नहीं लगवाएंगे। इसके बाद पोर्टल पर दोबारा से नई रजिस्ट्रेशन करवाकर वे कोविशील्ड की वैक्सीन लगवा लेंगे। वहीं, डॉ. राकेश कुमार चोपड़ा ने कहा, केंद्र की गाइडलाइंस के अनुसार जिस व्यक्ति ने जिस कंपनी की वैक्सीन लगवाई है वे दूसरी डोज भी वही वैक्सीन की ही लगवाएगा। अन्य किसी कंपनी की वैक्सीन लगवा खिलवाड़ न करें।
कोवैक्सीन की मंजूरी के लिए डब्ल्यूएचओ से बात की जा रही है: डॉ. भास्कर
स्टेट स्पोक्सपर्सन डॉ. राजेश भास्कर का कहना है कि कोवैक्सीन की मंजूरी के लिए बात चल रही है। जोकि जल्द मिल जाएगी। डॉ. भास्कर का कहना है कि हर कंट्री में नहीं बल्कि कुछ ही कंट्री में कोवैक्सीन को मंजूरी नहीं मिली है। लोगों को अपनी दूसरी डोज को मिस नहीं करना चाहिए। वैक्सीन को जल्द मंजूरी मिल जाएगी। वहीं, डॉक्टर भास्कर का कहना है कि वैक्सीन की जिस भी व्यक्ति ने पहली डोज लगवाई है उसी वहीं वैक्सीन की दूसरी डोज जरूरी है।​​​​​​​

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