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जालंधर में लोगों को ठग रहे ट्रैवल एजेंट:पुलिस-प्रशासन की नाक नीचे चल रहीं फ्रॉड की दुकानें, पुलिस के पास शिकायतें पेंडिंग

जालंधर5 महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो

पंजाब के जालंधर शहर में बड़ी-बड़ी आलीशान ठगी की दुकानें बनाकर ट्रैवल एजेंट रोज लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठग रहे हैं। ठगी पुलिस और प्रशासन की नाक नीचे हो रही है और बाकायदा इनकी शिकायतें भी हो रही हैं, लेकिन उन शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। शायद ही शहर में कोई दिन गुज़रता हो, जिस दिन लोग किसी न किसी ट्रैवल एजेंट के दफ्तर में हंगामा न करते हों।

ट्रैवल एजेंटों के दफ्तरों में हंगामे के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंचती है, लेकिन वह तब पहुंचती है, जब ट्रैवल एजेंट दफ्तर छोड़ कर चोर दरवाजे से भाग चुके होते हैं। मौके पर आकर भी पुलिस ठोस कार्रवाई करने की बजाय बस एक ही काम करती है, पीड़ितों को समझा बुझा कर घर भेजने का। इसके बाद मामला ठंडा पड़ जाता है और अगले दिन फिर से ठगी की दुकान खुल जाती है औऱ धंधा चालू हो जाता है।

हालांकि पिछले दिनों जिला प्रशासन ने कुछ एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस रद्द भी किए थे। सभी दुकान और मकान मालिकों को हिदायत भी दी थी कि सिर्फ रजिस्टर्ड एजेंटों को ही अपने परिसर किराए पर दें, लेकिन अभी तक धरातल पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। अब भी किराए के भवनों में ठगी की दुकानें पूर्व की भांति चल रही हैं। कई एजेंट ठगी के बाद दुकान को ताला लगाकर चले जाते हैं।

इसके बाद खून पसीने से कमाए अपने पैसों को वापस पाने के लिए लोग दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर होते हैं। बेशक प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए थे, लेकिन अभी तक शायद ही प्रशासन ने कहीं किसी मकान या दुकान मालिक पर कार्रवाई की हो, जिसने अपना परिसर ठगी की दुकान चलाने वाले ट्रैवल एजेंट को दिया है। प्रशासन बस आदेश जारी करके अपना काम कर देता है, अमल करना न करना लोगों पर छोड़ देता है।

लाइसेंस कंसल्टेंसी का धंधा चल रहा कुछ और

सरकार ने विदेश जाने के इच्छुक लोगों की सुविधा के लिए एजेंटों को जो लाइसेंस जारी कर रखे हैं, वह सिर्फ कंसल्टेंसी के हैं, लेकिन इन लाइसेंसों की आड़ में धंधा कुछ औऱ ही चल रहा है। जितने भी लोगों ने कसंल्टेंसी का लाइसेंस ले रखा है, उन्होंने सरकार की यह शर्त मानकर लाइसेंस हासिल किया है कि वह लोगों को परामर्श देंगे। उन्हें सिर्फ गाइड करेंगे कि विदेश जाने के लिए किन-किन दस्तावेजों की जरूरत होती है और क्या-क्या शर्ते हैं।

लेकिन लाइसेंस होल्डर इसकी आड़ में लोगों को विदेश भेजने का सौदा कर रहे हैं। लाइसेंस की सारी शर्तों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। कसंल्टेंसी का लाइसेंस लेने वाले व्यक्ति के लिए शिक्षा से लेकर कंसल्टेंसी के तजुर्बे तक की भी शर्तें हैं, लेकिन बहुत सारे लाइसेंस होल्डर एजेंट ऐसे हैं, जो इन शर्तों को पूरा ही नहीं करते हैं। दफ्तरों में मिलीभगत के चलते इन्होंने अपने लाइसेंस बना रखे हैं। जिला प्रशासन का इन पर कोई चैक नहीं है।

सीपी से लेकर डीसी दफ्तर तक शिकायतें, सब पेंडिंग

जालंधर शहर में विदेश भेजने के नाम पर ठगी की दुकानें चलाने वाले नौसरबाजों के खिलाफ लोगों ने कई शिकायतें सीपी से लेकर डीसी तक को दी, लेकिन वे सब पेंडिंग पड़ी हैं। कई शिकायतें सीपी ऑफिस से मार्क होकर थानों में भी गई हैंं, लेकिन उन पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिन शिकायतों पर कार्रवाई हुई है और मामले दर्ज हुए हैं, वह एजेंट खुलेआम घूम रहे हैं। इससे कहीं न कहीं भ्रष्टाचार की बू आती है। इसमें ऐसा अहसास होता है कि कहीं न कहीं यह ठगी का धंधा आपसी मिलीभगत से ही चल रहा है। बता दें कि यह ठगी का धंधा हजारों लाखों में नहीं, बल्कि करोड़ों में है।

जाली वीजा पर भी कोई कार्रवाई नहीं

बहुत सारे मामलों में एजेंटों ने लोगों को कनाडा समेत अन्य देशों के जाली वीजा थमा कर ठगी की है। लोगों ने जाली वीजा संबंधी दस्तावेज पुलिस को भी दिए हैं, लेकिन फिर भी इन एजेंटों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। जाली वीजा जैसे संगीन मामलों में भी पुलिस और प्रशासन मौन धारण किए हुए हैं।