खुदकुशी:मॉडल टाउन में दादा की 18 मरले कोठी के विवाद से तंग, कांग्रेस पार्षद पति पाठक ने किया सुसाइड

जालंधर2 महीने पहले
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अनूप पाठक - Dainik Bhaskar
अनूप पाठक
  • कोठी को लेकर इंदरजीत चौधरी व अमरीक संधू गुंडे भेजकर करते थे परेशान

वार्ड-51 की कांग्रेसी कौंसलर राधिका पाठक के 47 साल के पति अनुपम पाठक उर्फ अनूप पाठक ने पक्का स्थित घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। अनूप पाठक के बेटे करण पाठक का आरोप है कि मॉडल टाउन स्थित करीब 18 मरले की उनकी कोठी को लेकर इंदरजीत चौधरी, अमरीक संधू, रविंदर सिंह और उनके फैमिली मेंबर पिता अनूप पाठक को तंग कर रहे थे। उनसे दुखी होकर पिता ने यह कदम उठाया है। हिंदी में लिखे 4 पेज के सुसाइड नोट में भी उक्त लोगों को सुसाइड के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

इस संबंध में थाना-4 के एसएचओ राजेश शर्मा ने कहा कि इंदरजीत, अमरीक सिंह और रविंदर सिंह को केस में नामजद कर उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए मजबूर) करने का केस दर्ज किया गया है। आरोपी पक्ष अमृतसर के रहने वाले बताए गए हैं। अनूप पाठक के शव का बुधवार को सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पुलिस के मुताबिक सुसाइड नोट हैंड राइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा जाएगा ताकि लिखावट की पहचान हो सके। उधर, पति की मौत के बाद राधिका पाठक अपनी सुधबुध खो बैठी।

दरवाजा बंद था, बेटे ने धक्का मार खोला, पंखे से फंदा लगा चुके थे पिता

27 साल के करण पाठक वासी पक्का बाग ने बताया कि वह शाम करीब 3:45 पर ट्रस्ट के दफ्तर में बैठा था, तभी मां राधिका की कॉल आई कि डैडी फोन नहीं उठा रहे। यह सुनकर वह सीधे घर पहुंच गया। कमरा अंदर से बंद था और बार-बार डैडी को आवाज लगाई, मगर कोई जवाब नहीं आया। दरवाजे को धक्का मारकर अंदर गया तो देखा कि डैडी का शव फंदे से लटक रहा था। फंदा पंखे से लगाया गया था। वह मदद के लिए चिल्लाया तो पड़ोसी आ गए। चाकू से फंदा काटकर डैडी को नीचे उतारा। उन्हें तुरंत पटेल अस्पताल ले गए, मगर उनकी सांसें थम चुकी थीं। अनूप पाठक की मौत की खबर मिलते ही विधायक रजिंदर बेरी और कांग्रेसी नेता जिम्मी कालिया वहां पहुंच गए। अनूप पाठक के जेब से 4 पेज का सुसाइड मिला। इसके बाद फैमिली ने पुलिस बुलाई। सुसाइड नोट में पाठक ने लिखा- मैंने एक हिसाब बनाया था और एक कागज पर सबके नाम और पैसे लिखवाए थे, मगर कागज घर में रख कर भूल गए हैं।

6 माह पहले पत्नी ने अपनी किडनी दे बचाई थी जान

पुलिस थाना डिवीजन नंबर 3 के सामने पाठक टैंट हाउस चलाने वाले अनूप पाठक कांग्रेसी नेता थे। उनकी पत्नी ने कांग्रेस पार्टी की सीट से चुनाव लड़ा था तो जीत गई थीं। 6 महीने पहले अनूप किडनी रोग से पीड़ित हो गए तो उनकी पत्नी राधिका पाठक ने किडनी देकर उनकी जान बचाई थी। वे एक महीना पहले फिर से सक्रिय हुए थे और उनके वार्ड में पेंडिंग कामकाज पत्नी संग मिलकर करवाने शुरू किए थे। मंगलवार को वे कमरे में थे तो दरवाजा अंदर से बंद था। बाद में फंदे से लटकती उनकी बॉडी मिली। बेटे करण ने बताया कि पिता को काफी परेशान किया जा रहा था।

सुसाइड नोट

कमिश्नर साहब ! मेरे घर गुंडे भेजे, सिर पर रिवॉल्वर तानी

पाठक ने सुसाइड नोट में कहा- कमिश्नर साहब, मेरी मौत का कारण इंद्रजीत चौधरी, अमरीक संधू और उनका परिवार है। मेरे परिवार को दो-तीन साल से मारने की धमकियां मिल रही थीं, पर मैं इन बातों को इग्नोर कर रहा था। आज मेरे घर दो अज्ञात लोग आए। मेरे सिर पर रिवॉल्वर तानी। मेरे पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दी। मैंने पूछा कि आप कौन हो तो उनमें से एक ने मेरी वीडियो कॉल पर अमरीक संधू से बात करवा दी। अमरीक ने मुझे और मेरे परिवार को खत्म करने की बात कहीं। मैं डर गया था। संधू ने कहा कि मॉडल टाउन मकान का केस हाईकोर्ट में लगाया है, उससे पीछे हट जा। मैंने उसे कहा कि जगह उनके दादा की है। उन्होंने मेरे नाम की है। इंदरजीत ने उसकी एक महिला से बात करवाई तो बोली- एक बार बच गए हो। तुम पर गोली चली थी, मगर अब नहीं बचोगे। वे लोग टाइम देकर चले गए। इंदरजीत और अमरीक पॉवरफुल लोग हैं। उसे डरवाया गया कि अफसर और जज उनके जानने वाले हैं। कुछ सरकारी और 5-6 आदमी, जिन्होंने मुझे से लाखों रुपए से समझौते के सरकारी कागज पर तहसील के अंदर से ढूंढ लिए हैं।

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