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हरीश रावत की कैप्टन से मुलाकात खत्म, सिद्धू दिल्ली पहुंचे:रावत बोले- मंत्रियों की नाराजगी कैप्टन दूर करेंगे, व्यक्तिगत हमला करने वालों को संदेश- मैं पंजाब में सोनिया गांधी का चेहरा

जालंधर5 महीने पहले
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रावत और कैप्टन की 3 घंटे बैठक चली, जिसमें सरकार के तमाम बड़े अफसर भी रिकॉर्ड लेकर मौजूद रहे। - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
रावत और कैप्टन की 3 घंटे बैठक चली, जिसमें सरकार के तमाम बड़े अफसर भी रिकॉर्ड लेकर मौजूद रहे। - फाइल फोटो

प्रदेश कांग्रेस में मची कलह के बीच पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से बैठक खत्म हो गई है। इसके बाद हरीश रावत ने कहा कि मंत्रियों और विधायकों की नाराजगी कैप्टन को बता दी है, इसे वो ही दूर करेंगे। उनके अधिकारों पर सवाल उठा रहे सिद्धू खेमे के परगट सिंह और अन्य नेताओं को भी रावत ने सीधा संदेश देते हुए कहा कि वो पंजाब में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का चेहरा हैं।

इसी बीच बड़ी बात यह भी है कि चंडीगढ़ में रावत ने कैप्टन से मुलाकात की तो पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू दिल्ली पहुंच गए हैं। वहां वो किससे मुलाकात करने जा रहे हैं, यह स्पष्ट नहीं हो सका लेकिन खुद रावत ने इसकी पुष्टि की। हरीश रावत ने कहा कि हाईकमान के 18 सूत्रीय एजेंडे पर कैप्टन से बात हुई है। जिसमें मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि इन सभी मुद्दों पर काम हो रहा है। अब वो गुरुवार को पूरी रिपोर्ट बनाकर कांग्रेस हाईकमान यानी सोनिया गांधी को देंगे।

पढ़िए कैप्टन से हुई मुलाकात के बाद अलग-अलग मुद्दों पर क्या बोले हरीश रावत

  • बिजली समझौते : बिजली समझौते रद्द करने को लेकर इसमें कुछ कानूनी पहलू भी हैं। दो राज्यों के बीच हुए एग्रीमेंट को केंद्र ने मंजूरी दी है और इसी आधार पर आगे एग्रीमेंट हुए हैं। उन्होंने कैप्टन से कहा है कि कंपनियों पर दबाव डालकर आम लोगों को राहत जरूर दिलाई जाए। आम लोगों को पंजाब सरकार चुनाव से पहले ही सस्ती बिजली दे। रावत ने उम्मीद जताई कि जल्द ही पंजाब के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
  • कृषि सुधार कानून : हरीश रावत ने कहा कि इसको लेकर कैप्टन से चर्चा हुई है। उनसे कहा गया है कि वो दोबारा गवर्नर से मिलें और इस मामले पर जोर डालें, ताकि इसके जरिए हम किसानों को भरोसा दिला सकें कि पूरा देश उनके साथ है।
  • नशा : हरीश रावत ने कहा कि नशे को लेकर पंजाब सरकार ने शानदार काम किया है। हालांकि एक व्यक्ति मामला हाईकोर्ट में होने की वजह से बच रहा है। कैप्टन से कहा गया है कि वो हाईकोर्ट के आगे मामला रखें और इस लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाएं। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन नवजोत सिद्धू अक्सर अकाली नेता बिक्रम मजीठिया के खिलाफ मामला उठाते रहे हैं।
  • बस परमिट : रावत ने कहा कि पंजाब में बस परमिटों को लेकर भी कैप्टन से बात हुई है। उन्हें इस पर भी कार्रवाई के लिए कहा गया है।
  • लीडरशिप : हरीश रावत ने कहा कि हमारी पार्टी का एक प्रोसीजर है, उसी हिसाब से यहां लीडरशिप का चयन होता है।

जलियांवाला बाग पर राहुल का बचाव
जलियांवाला बाग के रेनोवेशन को लेकर राहुल गांधी के उठाए सवालों का हरीश रावत ने बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने बुनियादी सवाल उठाए हैं ताकि इन एतिहासिक स्मारकों का सही संदेश लोगों के बीच जाए। उन्होंने कहा कि कैप्टन को किस तरह से सवाल पूछा गया और उनके जवाब को किस लिहाज से लिया जा रहा है, यह भी देखने वाली बात है। कैप्टन ने रेनोवेशन की सराहना की थी।

पहले सिद्धू और फिर उनके खेमे के नेताओं से की थी बैठक
मंगलवार को हरीश रावत ने चंडीगढ़ में पार्टी प्रधान नवजोत सिद्धू से मुलाकात की थी। जिसके बाद उन्होंने सिद्धू की तारीफ में कसीदे पढ़े थे। बुधवार को पहले पंजाब भवन में उनसे अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, बरिंदरमीत पहाड़ा समेत कुछ विधायक मिले। इसके बाद सिद्धू के रणनीतिक सलाहकार पूर्व डीजीपी मुहम्मद मुस्तफा ने भी मुलाकात की। मुस्तफा ने कहा कि उन्होंने हरीश रावत को कुछ सुझाव दिए हैं, जिनसे यह पूरा मसला सुलझ जाएगा। वहीं, राजा वड़िंग ने कुछ नहीं कहा जबकि पहाड़ा ने सिर्फ इतना कहा कि इस मुद्दे से पार्टी को नुकसान हो सकता है, इसे जल्दी सुलझाना होगा। पहाड़ा सिद्धू खेमे के साथ ही चल रहे हैं।

रावत ने की थी सिद्धू की तारीफ
हरीश रावत ने मंगलवार को सिद्धू से बैठक के बाद कहा कि वह संगठन के पहले ऐसे प्रधान हैं, जिन्होंने पार्टी के सभी संगठनों से बैठक की। उनकी मुश्किलें सुनीं और सुलझाने की कोशिश की। उन्होंने कैप्टन सरकार से तालमेल की जिम्मेदारी भी सिद्धू पर छोड़ दी है।

मंगलवार को चंडीगढ़ में नवजोत सिद्धू व अन्य नेताओं से बैठक करते हरीश रावत।
मंगलवार को चंडीगढ़ में नवजोत सिद्धू व अन्य नेताओं से बैठक करते हरीश रावत।

सुलझने के बजाय उलझती जा रही कलह
पंजाब विधानसभा चुनाव में अब थोड़ा ही समय बचा है। ऐसे में नवजोत सिद्धू को प्रधान बनाने से पंजाब कांग्रेस की कलह सुलझने की बजाय उलझती जा रही है। पार्टी पंजाब में दो गुटों में बंट चुकी है। एक गुट पूरी तरह कैप्टन के साथ है और दूसरा सिद्धू के। सिद्धू गुट के मंत्री व विधायक कैप्टन को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाने की मांग तक कर चुके है। वहीं, कैप्टन गुट डिनर पर 58 विधायकों व 8 सांसदों को इकट्‌ठा करके ताकत दिखा चुके हैं। इसके बाद अब रावत संगठन व सरकार में तालमेल बिठाने के लिए आए हैं।

कांग्रेस कलह का फायदा उठा रहा अकाली दल
पंजाब में संगठन व सरकार के बीच मची कलह का फायदा अकाली दल उठा रहा है। अकाली प्रधान सुखबीर बादल 100 दिन की पंजाब यात्रा पर निकल चुके हैं। इस दौरान किसानों के विरोध के बावजूद सुखबीर बादल लगातार लोगों से मिल रहे हैं। इसके उलट पंजाब कांग्रेस नवजोत सिद्धू व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पावर गेम में उलझी हुई है। कैप्टन से बागी हुए मंत्री सुखजिंदर रंधावा भी सवाल उठा चुके हैं कि अकाली दल लोगों के बीच में जा रहा है और हम अपने घरों में बैठे हैं। ऐसे में पार्टी अगला चुनाव कैसे जीतेगी।

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