उम्मीदवारों को राहत:यूजीसी ने चौथी बार बढ़ाई डेडलाइन, 30 जून तक जमा होगी थिसिस

जालंधर7 महीने पहले
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  • कोविड के कारण यूजीसी की ओर उम्मीदवारों को राहत देते हुए थीसिस जमा करवाने की तारीख अब चौथी बार बढ़ाई गई

पीएचडी और एमफिल कर रहे विद्यार्थियों को राहत देते हुए यूजीसी ने स्टूडेंट्स के लिए थीसिस जमा करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर से बढ़ा कर 30 जून 2022 तक कर दी है। अब विश्वविद्यालय एमफिल और पीएचडी छात्रों को अपने शोध प्रबंध जमा करने के लिए 31 दिसंबर 2021 के बाद आगे छह महीने यानी 30 जून 2022 तक समय दे सकते हैं। यूजीसी की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक थीसिस जमा करने की अवधि को जून तक किए जाने का ऐलान ऐसे छात्रों पर लागू होगा। जिनके शोध प्रबंध जमा कराने की तारीख 30 जून या उससे पहले है। वहीं फैलोशिप का कार्यकाल पांच साल तक रहेगा।

कोविड के कारण यूजीसी ने उम्मीदवारों को दी राहत

कोविड के कारण यूजीसी की ओर उम्मीदवारों को राहत देते हुए थीसिस जमा करवाने की तारीख अब चौथी बार बढ़ाई गई है। इससे पहले यूजीसी ने लास्ट डेट 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ाई गई थी, लेकिन बाद में फिर से तारीख बढ़ा कर 30 जून की गई और फिर 31 दिसंबर 2021 कर दी गई, रिसर्च स्कॉलर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए 3 दिसंबर 2020 को आधिकारिक वेबसाइट पर एक नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस में कहा गया था कि कोविड-19 के कारण, पिछले कई माह से विश्वविद्यालय बंद हैं। इस वजह से, स्टूडेंट्स प्रयोगशाला में अपने अनुसंधान / प्रयोगों का संचालन करने में असमर्थ हैं।

लाइब्रेरी सेवाओं का भी लाभ नहीं ले पा रहे छात्र

स्टूडेंट्स लाइब्रेरी सेवाओं का भी लाभ प्राप्त नहीं कर पा रहे। ऐसे में, रिसर्च स्कॉलर्स के हितों को ध्यान में रख टर्मिनल एमफिल / पीएचडी स्टूडेंट्स को, जिन्हें 31 दिसंबर 2020 तक थीसिस सबमिट करनी थी, उनके लिए 6 माह (30 जून 2021 तक) का विस्तार प्रदान किया जा रहा है। इसके बाद, 16 मार्च को नोटिस जारी करते हुए अंतिम तिथि को 31 दिसंबर, तक बढ़ा दिया गया था। अब नई घोषणा के साथ, उन सभी उम्मीदवारों को एमफिल/पीएचडी थीसिस जमा करने के लिए के जून अंत तक का समय दिया गया है, जिनकी समय सीमा 31 दिसंबर से पहले निर्धारित की गई थी। अब विद्यार्थी 30 जून तक थिसिस जमा करवा सकते है।

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