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आयुष्मान कार्ड बनाने में फर्जीवाड़ा:1500 लेकर बनाते थे जाली आयुष्मान कार्ड, बाप-बेटा अरेस्ट, आरोपियों से 161 कार्ड और प्रिंटर, लैपटाॅप व अन्य सामान बरामद

जालंधर6 महीने पहले
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पुलिस की गिरफ्त में जाली आयुष्मान कार्ड बनाने के आरोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस की गिरफ्त में जाली आयुष्मान कार्ड बनाने के आरोपी।

जरूरतमंद लाेगाें के मुफ्त इलाज के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही आयुष्मान भारत सरबत सेहत बीमा याेजना के कार्ड काे भी कई लाेगाें ने कमाई का जरिया बना लिया है। पुलिस की स्पेशल आपरेशन यूनिट ने ऐसे गिराेह के दाे लाेग पकड़े हैं जाे 1500 रुपए तक लेकर लाेगाें के फर्जी सेहत बीमा कार्ड बना रहे थे। आराेपी अब तक सैकड़ाें कार्ड बना चुके हैं। पुलिस ने 161 कार्ड बरामद किए हैं। साइबर सैल आराेपियाें का लैपटाॅप खंगाल पता लगाएगा कि अब तक कितने और किसने फर्जी कार्ड बनवाया। स्पेशल आपरेशन यूनिट ने दोनाें आरोपियों को सिविल अस्पताल से गिरफ्तार किया। आरोपी अमृतसर के गोपाल नगर के रहने वाले हैं। सतपाल पुत्र सुरजीत सिंह और अनमोल के खिलाफ थाना-4 में 420, 465, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने कार्ड बनाने वाले प्रिंटर, नकली बीमा कार्ड, एक लैपटॉप और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन का रिमांड पर लिया है।

कार्ड बनवाने में कई पार्षद, बड़े नेता शामिल...आरोपियों ने धड़ाधड़ कार्ड बनवाने शुरू किए तो बात कई लोगों तक पहुंची। जुगाड़ के चक्कर में वोट बैंक बढ़ाने के लिए कई पार्षदों, नेताओं और अफसरों ने भी कार्ड बनवाए। आरोपी कार्ड तैयार कर दो-तीन दिन में दे देते थे। डेमो कार्ड में बेसिक डिटेल चेंज कर हू-ब-हू असली जैसे कार्ड तैयार करते थे।

2 दिन का रिमांड, वाेटाें के चक्कर में नेताओं ने भी बनवाए चहेताें के कार्ड

शुरुआत 50 रुपए से की, बाद में 1500 लेने लगे

पुलिस ने सिविल अस्पताल के पास रेड कर दो लाेगों काे अरेस्ट किया। आरोपियों के पास से 63 आयुष्मान कार्ड बरामद किए। सभी कार्ड अलग-अलग नाम से बनाए गए थे और कई कार्डों पर नाम नहीं लिखे थे। जब पुलिस को शक हुआ तो आरोपियों को पुलिस एसओयू हेडक्वार्टर ले आई। आरोपियों ने माना कि सभी कार्ड जाली हैं। थाना-4 में पहले आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया। पहले कार्ड बनाने के 50 रुपए लेते थे। फिर 1500 रुपए तक लेने लगे।

फर्जीवाड़े में शुरू करवाया 21 साल के बेटे का करियर
आरापी अब तक सैकड़ों कार्ड बनवा चुके हैं। 45 साल के सतपाल ने कहा कि अपने 21 साल के बेटे अनमोल के साथ सारा फर्जीवाड़ा कर रहा था। बेटे ने 2019 में 12वीं कंप्लीट की थी। आरोपी ने बेटे को 12वीं के बाद कंप्यूटर कोर्स करवाया और बीमा याेजना कार्ड बनाने की एजेंसी ली। अजनाला में ऑफिस बना फर्जी कार्ड बनाए। पुलिस ने लैपटॉप और दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

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