छा गया जालंधरी:वरुण ने किया पहला गोल; अंतिम 2 मिनट में 2 गोल, चैंपियन अर्जेंटीना धराशायी

जालंधर4 महीने पहलेलेखक: वारिस मलिक
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वरुण पहला गोल करने के बाद। - Dainik Bhaskar
वरुण पहला गोल करने के बाद।
  • मुझे यकीन था ओलिंपिक भी खेलूंगा और गोल भी करूंगा

भारतीय हॉकी टीम के लिए पहला गोल कर विरोधी टीम पर प्रेशर बनाने वाले मिट्ठापुर के वरुण (डिफेंडर) ने भास्कर को बताया, मुझे यकीन था कि मैं ओलिंपिक खेलूंगा व गोल करूंगा। वरुण ने कहा अब पूरा फोकस मेडल के लिए है।
एफआईएच के नियमों में बदलाव के बाद वरुण की एंट्री : ओलिंपिक से पहले जब हॉकी इंडिया की तरफ से 16 सदस्यीय टीम का एलान किया गया तो उसमें वरुण को मौका नहीं मिला था। लेकिन इसके बाद एफआईएच ने नियम बदल दिए। पहले 16 प्लेइंग इलेवन खिलाड़ी होते थे और तीन खिलाड़ी विकल्प के रूप में होते थे जो ओलिंपियन नहीं कहलाते थे।

नियम बदलने के बाद ये तीनों टीम का हिस्सा हो गए। इसी दौरान टीम के एक खिलाड़ी को रेस्ट कराने के बाद वरुण को मौका मिला। वहीं वरुण के पिता ब्रह्मानंद और मां शकुंतला ने कहा, मुझे खुशी है कि बेटे ने गोल करके टीम को जीत दिलाई। अब मेडल की कामना है।

भारत को अटैकिंग हॉकी खेलने का फायदा मिला
अर्जेंटीना के खिलाफ हमें अटैकिंग खेलने का फायदा मिला। हमने शुरू से आक्रामक रुख अपनाया और अर्जेंटीना डिफेंसिव दिखा और गलतियां कर बैठा। इससे गाेल करने के माैके मिले लेकिन हम गाेल में नहीं बदल सके। हाफ टाइम के बाद हमारे डिफेंस ने कई गलतियां कीं। वो तो हमारा गोलकीपर मुस्तैद था और गोल नहीं हुआ नहीं मुश्किल हो जाती। तब हमारी टीम अपनी डी से बाहर थी और पीआर श्रीजेश डी के अंदर अर्जेंटीना के फाॅरवर्ड मतीश एलेजेंड्राे के साथ अकेले थे, एलेजेंड्राे गाेल नहीं कर सके। वे ग्रीन कार्ड का समय पूरा कर लौटे थे।

(वरुण ने भास्कर को बताया)

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