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जिलों में अभी नहीं हो रही सब्जियों की पैदावार:मंडी में सब्जियों की आवक कम, हिमाचल से आ रही गोभी, टमाटर, शिमला मिर्च

जालंधर8 दिन पहले
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मकसूदां सब्जी मंडी में लगी सब्जी की फड़ी। - Dainik Bhaskar
मकसूदां सब्जी मंडी में लगी सब्जी की फड़ी।

सूबे के अलग अलग जिलों में अभी सब्जियों की पैदावार नहीं हो रही तो दूसरी तरफ, हिमाचल से आ रही सब्जियों की आमद मकसूदां सब्जी मंडी में बरसात के कारण कम हो गई है। इस वजह से सब्जियों के रेटों में मामूली इजाफा हुआ है। लेकिन अगले हफ्ते तक सब्जियों की आमद तेज हो जाएगी और इसके बाद रेटों में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। गोभी, टमाटर, शिमला मिर्च, मूली और बंद गोभी शिमला (हिमाचल) से आ रही है और सूबे के अन्य जिलों से अरबी, घिया, भिंडी और हलवा कद्दू मार्केट में अ रहा है। आलू गोदामों में स्टोर होने के कारण महंगा नहीं है। भरपूर बारिश होने के कारण पर्वतीय इलाकों में बीजी फसल खराब हो गई है।

आढ़ती पुराने दाम के हिसाब से बेच रहे माल

मकसूदां सब्जी मंडी में सब्जियों की आमद जैसे ही घटी तो रिटेल सब्जी विक्रेताओं ने रेट बढ़ा दिए। लेकिन आढ़ती अभी भी पुराने रेट के हिसाब से माल बेच रहे हैं। रिटेलर महंगे दाम पर सब्जियां बेचकर चांदी बटौर रहे हैं। आढ़तियों का कहना है कि लोकल सब्जियों की आमद काफी कम है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते पंजाब की फसल भी मंडी में पहुंचनी शुरू हो जाएगी। बरसात के कारण सभी सब्जियां काफी बढ़िया हुई हैं।

यूजर चार्जेज माफ होने पर भी रेट नहीं कर रहे कम
पंजाब मंडी बोर्ड ने पंजाब सरकार के आदेश के बाद 7 महीने तक मंडी में बैठे 700 के करीब सब्जी विक्रेताओं के यूजर चार्जेस माफ कर दिए हैं यानी एक फड़ी वाले का महीने का तीन हजार रुपए किराया माफ हुआ है। इसके बावजूद सब्जी विक्रेता रेट कम नहीं कर रहे व पहले से ज्यादा रेट वसूल रहे हैं। उन्हें पता है कि अब किराया तो लगना नहीं है। लागत मूल्य से अधिक पैसे वसूल कर खूब कमाई की जा रही है।

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