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कोरोना संक्रमित घटे, खानापूर्ति बढ़ी:ये कैसी व्यवस्था: बस स्टैंड, सेवा केंद्र, डीसी दफ्तर में सैंपलिंग, मरीजों के कॉन्टेक्ट वाले ढूंढे नहीं जा रहे

जालंधर8 महीने पहले
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  • 228656 की सैंपलिंग, 200854 की रिपोर्ट निगेटिव

जिले में कोरोनावायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या में गिरावट आने के बाद अब जिले के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में दाखिल मरीजों की संख्या भी काफी कम हो गई है। बुधवार को जिले में 763 एक्टिव मरीज रहे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चाहे संक्रमितों की गिनती कम हुई है, लेकिन ज्यादातर वही केस सामने आ रहे हैं, जिनमें कोरोना के लक्षण हैं।

अधिकतर लोगों में कोरोना की एंटी बॉडी बन चुकी है। सेहत विभाग ने अपना आंकड़ा दुरुस्त करने के लिए बस स्टैंड, सेवा केंद्र, डीसी दफ्तर में भी सैंपलिंग बढ़ा दी है लेकिन अव्यवस्था का आलम है कि मरीजों के काॅन्टेक्ट वाले लोग ढूंढे ही नहीं जा रहे हैं। दूसरी तरफ सेहत विभाग और जिला प्रशासन की जॉइंट टीमें संदिग्ध मरीजों की शहर के अलग-अलग हिस्सों में सैंपल ले रही हैं। पूल सैंपलिंग से कई लोग नाराज भी हो रहे हैं क्योंकि वे सैंपल देना ही नहीं चाहते।

जिले में रोज 5 हजार सैंपल करने का टारगेट

लोग खुद सैंपल देने नहीं आ रहे और डीसी ने रोज 5 हजार सैंपलिंग का टारगेट दे रखा है। ऐसे में जिले में 70 टीमों को दाना मंडी, सेवा केंद्र, ड्राइविंग ट्रैक, बस स्टैंड आदि पर सैंपल लेने पड़ रहे हैं। हालात यह हैं कि लोहियां के नशा छुड़ाओ केंद्र में आने वाले एक मरीज का सेहत विभाग ने 5 बार सैंपल ले लिया लेकिन दूसरी तरफ उन लोगों तक विभाग पहुंच ही नहीं रहा, जो संक्रमितों के संपर्क में रहे हैं।

तीन दिन में 100 से कम आए मरीज अधिकतर सीधे स्कैनिंग करवा रहे

जिले में पिछले 3 दिनों में कोरोनावायरस के मरीजों का आंकड़ा 100 से कम है जोकि राहत की बात भी है। लक्षण वाले मरीज खुद स्कैनिंग करवाकर प्राइवेट डॉक्टर से दवा ले रहे हैं लेकिन टेस्ट नहीं करवा रहे। विभाग के पास ऐसी कोई अथॉरिटी नहीं, जिसके तहत किसी भी स्कैनिंग सेंटर से संदिग्ध मरीज की जानकारी विभाग को देना लाजमी बनाया जाए। मरीज के इस व्यवहार और स्कैनिंग सेंटरों की लापरवाही पर सेहत विभाग भी ढील बरत रहा है।

महामारी के 6 महीने बीत जाने के बाद भी जिला सेहत विभाग की तरफ से एक भी स्कैनिंग सेंटर पर कोई इंस्पेक्शन नहीं की गई, जिससे पता चल सके कितने लोगों ने अपना चेस्ट का स्कैन और एक्सरे करवाया है। वहीं डिस्ट्रिक्ट फैमिली वेलफेयर अफसर डॉ. रमन गुप्ता कहते हैं कि अभी तक जिला प्रशासन और सरकार की तरफ से ऐसे कोई निर्देश नहीं है कि स्केनिंग सेंटर कोरोना के संदिग्ध मरीज की उनकी जानकारी भेजे।

61 से 80 साल के पांच बुजुर्गों की मौत, 44 नए संक्रमितों की पुष्टि

जिला सेहत विभाग की तरफ से बुधवार को कोरोनावायरस की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 44 नए मामले सामने आए हैं जबकि पांच मरीजों की मौत कोरोनावायरस के कारण हुई है। मरने वाले मरीजों में दो महिलाएं थीं, जिनकी उम्र 80 और 78 साल थी।

वहीं 3 पुरुषों की उम्र 61, 65 और 65 थी। पांच मरीजों में चार मरीजों को कोरोनावायरस के अलावा अन्य बीमारियां भी थी। सभी मरीज 10 से 15 दिन तक अस्पताल में इलाज के दौरान रहे है। वहीं, बुधवार को थाना-8 और बिशप हाउस के सदस्य को भी संक्रमण की पुष्टि हुई है।

इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर के रहने वाले व्यापारी को भी कोरोनावायरस की पुष्टि हुई है। अब तक जिले में 228656 लोगों की सैंपलिंग हो चुकी है जबकि 200854 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उधर, 7 दिन के बच्चे को डेंगू की पुष्टि हुई है। उसे प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।

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