आधा शहर रहा अंधेरे में / आंधी-बारिश से तारें-खंभे, ट्रांसफार्मर और पेड़ गिरे, कई इलाकों में 18 घंटे बिजली गुल

अलावलपुर में बिजली की तारों पर टूटकर गिरा पेड़ और उसमें से निकलते राहगीर। अलावलपुर में बिजली की तारों पर टूटकर गिरा पेड़ और उसमें से निकलते राहगीर।
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अलावलपुर में बिजली की तारों पर टूटकर गिरा पेड़ और उसमें से निकलते राहगीर।अलावलपुर में बिजली की तारों पर टूटकर गिरा पेड़ और उसमें से निकलते राहगीर।

  • अलावलपुर वाया धोगड़ी रोड रही बंद, दोपहर बाद सुचारू हो सकी बिजली सप्लाई
  • लोगों में रोष- 1912 हेल्पलाइन नंबर मिलता नहीं और अफसरों को फोन करो तो वे उठाते नहीं

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 08:39 AM IST

जालंधर. आंधी और तेज बारिश के कारण रविवार देर रात गुल हुई लाइट 18 घंटे बाद यानी सोमवार शाम तक बहाल हो पाई। इस कारण आधे शहर को रात भर अंधेरे में रहना पड़ा। शहर के हालात ऐसे हो चुके हैं कि आंधी आती है तो जंपर, फीडर और केबल जवाब दे जाते हैं। उन्हें ठीक करने में कर्मचारियों का अगला पूरा दिन निकल जाता है। रविवार को आई आंधी के कारण पावरकॉम की विभिन्न डिवीजनों में 3523 शिकायतें दर्ज की गईं, जिन्हें दूर करने में अगले दिन भी कर्मचारी जुटे रहे।

बड़िंग डिवीजन के अधीन आते गांव सुभाना में रविवार रात लाइट बंद होने के बाद सोमवार देर शाम को बहाल की गई। पांच हजार आबादी वाला गांव 18 घंटे बिना लाइट के रहा। वहीं पठानकोट डिवीजन के अधीन आते अमर गार्डन में भी 18 घंटे बाद लाइट आई। कैंट डिवीजन के अधीन आते रामामंडी, दकोहा, बड़िंग और गांव सुभाना में सारी रात लाइट बंद रही, जो सोमवार देर शाम बहाल हो सकी।
उधर, अलावलपुर में कई जगह बिजली के खंभे और पेड़ टूट गए।  पेड़ गिरने से अलावलपुर वाया धोगड़ी जालंधर सड़क पर कई घंटों तक आवाजाही और बिजली बाधित रही। मोहल्ला सुंदर नगर में सड़क किनारे लगा सफेदे का पेड़ उखड़ गया, जो बिजली की हाई वोल्टेज तारों पर गिर गया। इससे बिजली के खंभे टूट गए और मोहल्ले और आसपास के इलाकों में बिजली सप्लाई ठप हो गई। इसी तरह में बस स्टैंड के पास हाई वोल्टेज तारों वाले खंभे टूट गए।

शिकायतें

  • पठानकोट डिवीजन 
  • 853 शिकायतें
  • 800 हल हुईं
  • मकसूदां डिवीजन 
  • 811 शिकायतें
  • 650 हल हुईं
  • कैंट डिवीजन 
  • 1722 शिकायतें
  • 1000 हल हुईं
  • मॉडल टाउन 
  • 137 शिकायतें
  • 98 हल हुईं

पब्लिक स्पीक, पावरकॉम स्टाफ बढ़ाए ताकि काम जल्दी हो

अमर गार्डन नजदीक काली माता मंदिर निवासी दीपक ने बताया कि रविवार 10 बजे लाइट बंद हो गई थी। आंधी और बरसात के कारण मौसम ठीक होने से रात तो निकल गई, लेकिन सुबह गर्मी से बुरा हाल हो गया। शिकायत लिखवाने के बावजूद सोमवार देर शाम तक लाइट ठीक नहीं हुई। लाइट कब आएगी, उसके लिए पहले 1912 नंबर पर कॉल की और फिर जेई और एसडीओ को फोन कर जानकारी मांगी।

सिर्फ एसडीओ ने फोन उठाया और कहा कि लाइट जल्द आएगी। रात 10 बजे बंद हुई लाइट अगले दिन शाम 6 बजे बहाल की गई। भगत सिंह चौक निवासी सुरिंदर ने बताया कि पठानकोट चौक डिवीजन में कार्यरत कर्मचारी फोन तक नहीं उठाते। सरकार स्टाफ भर्ती करे ताकि फाल्ट जल्द ठीक किए जा सकें।

3 डिवीजनों में ज्यादा परेशानी
आंधी और बारिश के बाद हर बार पावरकॉम की 3 डिवीजनों पठानकोट-टांडा रोड, मकसूदां और बड़िंग डिवीजन में सबसे अधिक परेशानी आती है। मकसूदां डिवीजन में जितने भी इलाके हैं, ‌वहां पेड़ गिरने के बाद लाइट बंद हो जाती है। लाइट ठीक करने में 5 से 6 घंटे लग जाते हैं।

कर्मचारियों का दर्द : लोगों में सब्र नहीं
पावरकॉम कर्मचारियों का कहना है कि रात को जैसे ही लाइट बंद हुई, सभी कर्मचारी लाइट ठीक करने निकल पड़े। हमें सीरियल वाइस ही कंप्लेंट हल करनी होती हैं। जिस जगह का नंबर अंत में होता है या फॉल्ट ठीक करने में समय लग जाता है तो वहां के लोग लड़ने लग जाते हैं। एसडीओ मदन लाल ने कहा कि फॉल्ट ज्यादा थे, इसलिए ठीक करने में समय लगा।

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