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  • With 10% Increase From The Lok Sabha Election, The List Of Expenditure In The Vis Election Released, The Candidate Will Be Able To Spend Only Rs.12 On Tea, Rs.13 On Paneer Pakoda, Rs.10, Mathi And Rs.12.5 On Mineral Water.

चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव-2022 के लिए खर्च फिक्स किया:लोस चुनाव से 10%बढ़ोतरी के साथ विस चुनाव में खर्च की लिस्ट जारी, कैंडिडेट 12 रुपए चाय, 13 रुपए पनीर पकौड़ा, ‌10 रुपए मट्‌ठी और मिनरल वाटर पर ‌12.5 रुपए ही खर्च कर सकेंगे

जालंधर2 महीने पहलेलेखक: वारिस मलिक
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चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव-2022 के लिए कैंडिडेट के लिए चाय, तंबू, सिरोपा और सिंगर तक का खर्च फिक्स किया। - Dainik Bhaskar
चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव-2022 के लिए कैंडिडेट के लिए चाय, तंबू, सिरोपा और सिंगर तक का खर्च फिक्स किया।

चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव-2022 के लिए कैंडिडेट चाय, तंबू, सिरोपा और सिंगर से लेकर किस सामान पर कितना खर्च कर सकेगा इसकी लिस्ट जारी कर दी है। 2019 के लोकसभा चुनावों में तय रेट में 10 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ लिस्ट जारी की गई है। इससे लेकर बुधवार को जालंधर प्रशासकीय कांप्लेक्स में 4 जिलों जालंधर-होशियारपुर-कपूरथला व नवांशहर के डीसी सहित इलेक्शन तहसीलदारों की मौजदूगी में सभी पार्टियों को नुमाइंदों के साथ रेट लिस्ट पर विचार चर्चा की गई थी।

वीरवार को भी एडीसी जनरल अमरजीत बैंस व इलेक्शन तहसीलदार सुखदेव सिंह के साथ सभी पार्टी के नुमाइंदों की मौजूदगी में विचार चर्चा के बाद फाइनल की गई है। चुनावों को लेकर जिला स्तर पर भी चुनाव विभाग पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। चुनाव आयोग की तरफ से अलग-अलग तरह की 201 चीजों की रेट लिस्ट फाइनल की है।

जालंधर समेत 4 जिलों के डीसी व इलेक्शन तहसीलदारों की मौजदूगी 201 सामान की लिस्ट फाइनल

वोटर्स और अपने वर्करों को खुश करने के लिए प्रत्याशी खर्च करते हैं लाखों, इससे लगेगी लगाम
उम्मीदवारों को प्रति दिन होने वाले खर्च का पूरा हिसाब दिखाना होगा। गौर है कि कई बार विधानसभा और लोकसभा चुनावों में अलग-अलग पार्टियों के उम्मीदवारों द्वारा चुनाव प्रचार में तय सीमा से अधिक खर्च करने के मामले सामने आते रहे हैं। हर पार्टी के उम्मीदवार की तरफ से अपने वर्करों को खुश करने के लिए लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं।

इसलिए चुनाव आयोग प्रचार के दौरान खर्च की जाने वाली राशि के लिए रेट लिस्ट जारी करता है। ताकि खर्च पर लगाम कसी जाए। लेकिन उम्मीदवार इसमें से भी कोई न कोई रास्ता निकाल लेते हैं। जिससे खर्च ज्यादा होने के बाद भी उन्हें चुनाव अयोग नोटिस ना कर पाए।

प्रमुख सामान का रेट लिस्ट/प्रति दिन के हिसाब से (रुपए में)

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