हड़ताल के कारण बसों के पहिए थमे:जालंधर में वर्करों का धरना; लोगों को आवाजाही में हो रही परेशान, देना पड़ा रहा ज्यादा किराया

जालंधर2 महीने पहले
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सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी करते रोडवेज कर्मी। - Dainik Bhaskar
सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी करते रोडवेज कर्मी।

पंजाब में पनबस और पीआरटीसी यूनियन की हड़ताल सोमवार देर रात शुरू हो गई थी, जिस वजह से जालंधर में मंगलवार को लोग बसों के लिए परेशान होते दिखे। मंगलवार सुबह जालंधर में रोडवेज के डिपो-1 में पुलिस सुरक्षा के बीच पंजाब रोडवेज पनबस काॅन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने चन्नी सरकार व परिवहन िवभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दूसरी ओर सरकारी बसें न चलने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बस स्टैंड पर बसों के लिए परेशान होते लोग।
बस स्टैंड पर बसों के लिए परेशान होते लोग।

बस स्टैंड में यात्री बसों के बारे में जानकारी लेते हुए नजर आए। वह आसपास बसों के कंडक्टरों से पूछ रहे थे कि हिमाचल या अन्य राज्यों के लिए सरकारी बस कहां से िमलेगी। अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सीधी बस न मिलने से यात्रियों को अलग-अलग बसों में यात्रा करते हुए किराया भी ज्यादा देना पड़ा और बार-बार उतरने चढ़ने की परेशानी भी उठानी पड़ी। सरकारी बसों के पहिए जाम होने से निजी बस वालों ने खूब चांदी कूटी।

निजी बसें खचाखच भरी हुई थीं। कई यात्रियों को बैठने के लिए सीट न मिलने पर खड़े-खड़े सफर करना पड़ा। गुरदीप सिंह बोले- बैठक में सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं, मांगें तो अब भी पेंडिंग हैं। जालंधर डिपो में संघर्ष कर रहे कर्मचारियों के प्रधान गुरदीप सिंह ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। सरकार को कम आम जनता को ज्यादा परेशानी के सवाल पर प्रधान ने कहा कि परेशान हम भी हैं।

बसें नहीं चलने पर अपनी परेशानी बताते यात्री।
बसें नहीं चलने पर अपनी परेशानी बताते यात्री।

उन्होंने बताया कि बैठक में सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं। एक दिसंबर को परिवहन मंत्री राजा वंड़िंग के साथ बैठक हुई थी। मांगों को लेकर सहमति बनी थी। मंत्री ने भरोसा दिलाया था कि उनकी मांगें जल्द मान ली जाएंगी। इसके चलते उन्होंने हड़ताल स्थगित कर दी और एक हफ्ते का समय दिया गया। जब नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो मजबूरन संघर्ष का रास्ता अपनाया गया।

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