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लोगों ने किया विरोध:40 साल पहले कौंसिल की जहां थी लिमिट वहीं निगम बना रहा एंट्री गेट

पठानकोट24 दिन पहले
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भाजपा पंजाब प्रधान अश्वनी शर्मा । - Dainik Bhaskar
भाजपा पंजाब प्रधान अश्वनी शर्मा ।
  • 4 किमी आगे निकला शहर, बीच में गेट बनाने का क्या मतलब
  • लोगों के विरोध जताने पर निगम ने पुलिस फोर्स बुलाकर काम शुरू करवाया, 80 लाख में बनाया जा रहा एंट्री गेट

शहर के एपीके रोड पर श्री रामशरणम कालोनी के सामने जहां पर नगर कौंसिल की हद खत्म होती थी, वहां तक इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने 40 साल पहले डिवाइर रोड बनाया था, अब जब शहर नगर निगम बन गया और उसकी हद 4 किमी आगे मामून तक जा चुकी है, तो उसी जगह नगर निगम 80 लाख खर्च कर शहर का प्रवेश द्वारा (एंट्री गेट) बना रहा है। हालांकि कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि गेट पर इतने पैसे खर्च ही किए जाने हैं तो इसे सिंबल चौक या चक्की पुल जैसे शहर की एंट्री पर बनाया जाना चाहिए। कुछ लोगों ने तो नगर निगम में इसके खिलाफ शिकायत भी दी है।

शहरवासियों की सलाह

सिंबल चौक या चक्की पुल हैं शहर के एंट्री प्वाइंट, वहां बनाया जाए गेट

कहा जा रहा है कि शहर के बीच की बजाय शहर की एंट्री पर या तो सिंबल चौक या चक्की पुल के पास इंट्री गेट बनना चाहिए। अगर यहां गेट बना तो वन जागरुकता पार्क, कई हास्पिटल, बैंक, बिल्डिंस तथा शनि मंदिर के आस-पास विकसित एरिया गेट के बाहर ही रहेंगे। पहले से बनी पठानकोट सीनियर सिटिजंस एसोसिएशन के प्रधान एसपी गुप्ता की तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग के गेट के ठीक सामने एंट्री गेट की नींव डाल दी गई जिससे बिल्डिंग का रास्ता ब्लाक हो रहा है जिसका विरोध होने पर निगम ने मौके पर पुलिस फोर्स बुलाकर काम शुरू कराया।

26 फीट ऊंचा और 71 फीट चौड़ा होगा गेट

निगम अधिकारियों का कहना है कि गेट में नीचे कंक्रीट और ऊपर स्टील स्ट्रक्चर होगा। उसमें अलग-अलग थीम की लाइटिंग तथा कैमरे होंगे। इंट्री गेट 26 फीट ऊंचा तथा 71 फीट चौड़ा होगा। रोड के पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 3 करोड़ खर्च होंगे। रोड पर हार्टीकल्चर होगा तथा सोलर लाइट्स लगेंगी।

एक चौक भी होगा डेवलप

एक चौक भी डेवलप होगा जिस पर आईलप पठानकोट लाइटिंग के साथ लिखा होगा। एपीके रोड को बनाकर उस पर ब्लिंकर्स लगा दिए गए हैं।

एंट्री गेट बनने पर सवाल क्यों?

  • श्री राम शरणम कालोनी से आगे शनि मंदिर और सिंबल चौक तक बड़े अस्पताल, शोरूम समेत बड़ी मार्केट विकसित हो गई है और म्यूनिसिपल लिमिट तो मामून चौक तक है।
  • 40 साल पहले ट्रस्ट ने रोड डिवाइडर बना रामशरणम कालोनी तक कमेटी लिमिट निर्धारित की थी जबकि अब निगम बनने के बाद शहर की सीमा 4 किमी आगे मामून तक हो गई है।
  1. सिंबल चौक को गीता चौक नामकरण का प्रस्ताव नगर निगम की मीटिंग में रखा गया था और सड़क बनने को 2 नींव पत्थर एक विधायक अमित विज के नाम का और एक पूर्व विधायक अशोक शर्मा के नाम का लगा है क्योंकि वही एंट्री प्वाइंट है।

जनता के पैसे की बर्बादी है : अश्वनी

भाजपा पंजाब प्रधान अश्वनी शर्मा का कहना है कि उस जगह एंट्री गेट बनाना जनता के पैसे की बर्बादी है क्योंकि डिवाइडर से सिंबल चौक तक रोड को 4 लेन करने का प्रोजेक्ट हमारे विधायक रहते 2016 में पीडब्ल्यूडी ने तैयार किया था।

एक्सपर्ट व्यू

पूर्व जिला टाउन प्लानर मदनलाल कौशल कहते हैं कि एपीके रोड इधर डिवाइडर से सिंबल चौक और उधर गुरदासपुर रोड से सरना तक 4 लेन बनेगा। साइट सेलेक्ट कमेटी को देखना चाहिए कि रामशरणम के पास एंट्री गेट फिजिबल नहीं है।

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