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कोरोना अस्पताल बनाया गया:जिले में 6 कोरोना संक्रमितों की मौत, 436 नए केस आए बधानी व्हाइट हॉस्पिटल में फिर बनेगा कोरोना केयर सेंटर

पठानकोटएक महीने पहले
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  • सीएचसी बधानी में बनाया 25 बेड का कोरोना अस्पताल

जिले में कोरोना के केसों की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को जिले में कोरोना के 436 पॉजिटिव केस सामने आए हैं, जबकि 6 लोगों की मौत हो गई। पिछले दो दिन से लगातार जिले में कोरोना पॉजिटिव केस 400 के पार आ रहे हैं। वीरवार को 507 केस पॉजिटिव आए थे। उधर, केंद्र सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार ने देश में एक तरफ तीसरी लहर आने के दावे के बाद भविष्य को देखकर सेहत विभाग की ओर से व्हाइट अस्पताल व मेडिकल काॅलेज (चिंतपूर्णी मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल) में पहली लहर की तरह फिर से कोरोना का आइसोलेशन सेंटर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। सिविल सर्जन डाॅ. हरविंद्र सिंह पुष्टि करते हुए कहा कि सरकारी स्तर पर इस पर बातचीत चल रही है। सीएचसी बुंगल बधानी में कल 25 बेड के आइसोलेशन वार्ड शुरू कर दिया जाएगा।

जिले में 12 हजार के पार केस, 2273 एक्टिव

सिविल सर्जन डाॅ. हरविंद्र सिंह ने बताया कि जिले में शुक्रवार को 436 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, 5 लोगों की मौत भी कोरोना से हुई है, जबकि 210 लोगों ने रिकवर भी किया गया है। अब तक जिले में 12 हजार 33 पॉजिटिव केस मिल चुके हैं, जबकि 9 हजार 506 लोगों ने रिकवर किया है। अभी भी 2273 एक्टिव केस चल रहे हैं, जबकि 254 लोगों की मौत हुई है।

ऑक्सीजन ब्लैक और डंप होने संबंधी 94939-30001 पर करें शिकायत

डीसी संयम अग्रवाल ने जिले में ऑक्सीजन की आपूर्ति को मॉनिटर करने के लिए एसडीएम गुरसिमरन सिंह ढिल्लों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। एसडीएम ने ऑक्सीजन की ब्लैक मार्केटिंग और अवैध रूप से डंप करने वालों की शिकायत करने के लिए एसडीएम कार्यालय नंबर 94939-30001 जारी किया है। वहीं, एसडीएम ने खाली या भरे ऑक्सीजन सिलेंडर प्रशासन को मुहैया कराने की अपील की, ताकि ऑक्सीजन की शार्टेज की समस्या को दूर किया जा सके। कठिन दौर गुजरने के बाद सिलेंडर लोगों को वापस किए जाएंगे। एसडीएम ने भरे व खाली ऑक्सीजन सिलेंडरों को ब्लैक करने व डंप करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

सिविल में 90, मिलिट्री में 23 व प्राइवेट अस्पतालों में 285 बेड आरक्षित

उधर, जिले में लेवल-2 के सिविल अस्पताल में 90, मिलिट्री अस्पताल में 23, प्राइवेट अस्पतालों में 285, लेवल-3 के बिना वेंटिलेटर के 32 और वेंटिलेटर के साथ 27 बेड आरक्षित किए गए हैं। पॉजिटिव केस बढ़ने के साथ ही बेड की शॉर्टेज भी शुरू हो गई है। जिले में लेवल-2 के 82 बेड और लेवल-3 के 26 बेड ही खाली बचे हैं। कई प्राइवेट अस्पतालों में लेवल-2 के बेड फुल चल रहे हैं, जिसके चलते उन्होंने नए मरीज भर्ती करने के मना कर दिया है और कोरोना मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेज रहे हैं, जबकि कई अस्पतालों में बेड लेने के लिए लोगों को सिफारिशें तक करवानी पड़ रही हैं। सिविल सर्जन ने कहा कि कल बधानी सीएचसी में 25 बेड का टेक शिफ्ट अस्पताल शुरू कर दिया जाएगा। चिंतपूर्णी अस्पताल में पिछली बार की तरह कोरोना केयर सेंटर बनाने को लेकर बातचीत चल रही है, वहां पर पूरा सेटअप भी है और बेड की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। जहां पर सैकड़ों मरीज रखे जा सकते हैं और स्टाफ भी एक जगह तैनात किया जा सकता है।

कर्फ्यू के चलते कंडवाल बैरियर पर सख्ती बढ़ी

नंगलभूर कोरोना कर्फ्यू का असर नूरपुर उपमंडल में भी देखने को मिला। उपमंडल के प्रमुख बाजार जसूर और नूरपुर में जरूरी वस्तुओं की दुकानें तो खुली रहीं, लेकिन ग्राहक न के बराबर ही थे। हालांकि केवल वही वाहन सड़क पर दिखे जो या तो किसी आपातकाल में जा रहे थे या फिर जरूरी वस्तुओं की सप्लाई कर रहे थे। कंडवाल बैरियर पर आने-जाने वाले का ई-पास और कोविड रिपोर्ट जांची जा रही है। कंडवाल चौकी प्रभारी मोहिंदर शर्मा ने बताया कि मेडिकल इमरजेंसी, ई-पास और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई करने वाले वाहनों को जाने दिया का रहा है। बिना ई-पास और बिना जरूरी दस्तावेजों के जो लोग प्रदेश में आना चाहते हैं, उन्हें वापस भेजा जा रहा है।

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