20 माह बाद भी विशाल के हत्यारे अनट्रेस:सीबीआई जांच की मांग, हाईकोर्ट ने सरकार व पुलिस से 17 नवंबर तक इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट पेश करने के दिए आदेश

पठानकोटएक महीने पहले
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विशाल - Dainik Bhaskar
विशाल

भोआ हलके में तारागढ़ भाजपा के पूर्व मंडल प्रधान थुड़ू राम काटल के 25 वर्षीय बेटे विशाल काटल की 40 लाख की फिरौती के लिए हत्या किए जाने के मामले की परिवार की ओर से सीबीआई जांच कराने की मांग पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और पठानकोट पुलिस को नोटिस जारी किया है और पुलिस को 17 नवंबर तक इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश किए हैं। परिवार का आरोप है कि पिछले ढाई साल से पुलिस उन्हें भगा रही है और अपनी ड्यूटी नहीं कर रही है।

बता दें कि 25 वर्षीय बेटे विशाल काटल को 17 जनवरी 2020 को किडनैप कर 40 लाख की फिरौती मांगी गई थी और बाद में उसकी हत्या कर लाश कथलौर सेंक्चुअरी में फेंक दी गई थी। फिरौती मांगने का 8 मिनट का आडियो भी तारागढ़ पुलिस को मिला था जिसमें आज तक पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी।

किडनैपर विशाल के भाई विनय को फोन कर फिरौती मांगते हुए साफ कह रहा है कि उसके बाप के कारण उसकी पत्नी और एक बेटा मर गया और उसके बच्चे सड़क पर आ गए। डोगरी में बात करने वाले किडनैपर को यह भी पता था कि विशाल की मां सुदेश ने कुछ महीने पहले जमीन बेची है और उनके पास पैसा होगा।

वह यह भी बताता है कि उसने विशाल के घर के बाहर कई दिनों तक रेकी की और आखिर परमानंद के पास से उसे चिट्टे के नशे की हालत में उठा लिया और अब परिवार उसको जिंदा चाहता है तो उसे 40 लाख रुपये पहुंचाए।

भाजपा के पूर्व मंडल प्रधान थुड़ू राम काटल के बेटे विशाल काटल की 40 लाख की फिरौती के लिए कर दी गई थी हत्या

विशाल के बड़े भाई विनय काटल का आरोप हत्यारे खुलेआम घूम रहे, पुलिस पकड़ नहीं रही
मामले की जांच के लिए एसपी (डी) प्रभजोत सिंह विर्क की निगरानी में एसआईटी गठित की गई थी, टीम में एक डीएसपी और तारागढ़ एसएचओ शामिल किए गए, लेकिन हत्यारों को पुलिस ट्रेस नहीं कर सकी है। इस बीच विशाल के बड़े भाई विनय काटल ने हाईकोर्ट में मामले की सीबीआई और क्राइम ब्रांच से इंडिपेंडेंट जांच की मांग को लेकर याचिका दायर की है, जिस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुदीप अहलूवालिया ने सुनवाई के बाद नोटिस जारी किया है। विनय का आरोप है कि पुलिस ठीक से काम नहीं कर रही है। हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं जोकि उसके जीवन और स्वतंत्रता के लिए खतरा हो सकते हैं।

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