1000 मुलाजिम हड़ताल पर:80 रूटों पर नहीं चलीं डिपो की बसें, सिविल में 5 इलेक्टिव सर्जरी टलीं, इमरजेंसी में भी मरीजों को इंजेक्शन लगाने वाला कोई नहीं

पठानकोट2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • डीसी, एसडीएम, तहसील ऑफिस और एनआरएचएम के बाद अब पनबसकर्मी और नर्सों का भी हड़ताल

डीसी, एसडीएम और तहसील ऑफिस सहित एनआरएचएम कर्मियों के बाद अब पनबसकर्मी तथा सेहत विभाग का नर्सिंग स्टाफ भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। मंगलवार को डीसी, एसडीएम और तहसील ऑफिस के 102 क्लर्क, 80 पटवारी और कानूनगो, 2 तहसीलदार, 4 नायब तहसीलदार और 1 जिला माल अफसर की हड़ताल जारी रही। जबकि नशा छुड़ाओ केंद्र के 15 और एनआरएचएम के अधीन साढ़े 400 मुलाजिम हड़ताल पर रहने की वजह से ग्रामीण एरिया में बने 87 हेल्थ वेलनेस सेंटर बंद पड़े हैं। उनके साथ 300 पनबस कर्मी और सेहत विभाग में ठेके और रेगूलर तैनात 100 नर्सिंग स्टाफ भी हड़ताल पर चली गईं।

हड़ताल के चलते चडीगढ़, जालंधर और अमृतसर के रूटों पर डिपो की 80 बसें नहीं चलीं वहीं नर्सों की हड़ताल के चलते पांच इलेक्टिव सर्जरी रुकी, दिनभर मरीज परेशान रहे। पंजाब रोडवेज प्रबंधन ने हड़ताल का गैर कानूनी करार देकर ड्यूटी पर नहीं लौटने पर पनबसकर्मियों के साथ कांट्रैक्ट को रद्द करने की भी चेतावनी दी है। उधर, लाेग दिनभर बसों के लिए परेशान होते रहे। डीसी ऑफिस में भी काम न होने से खाली हाथ लोग लौटने को मजबूर हुए। पंजाब राज जिला (डीसी) दफ्तर कर्मचारी यूनियन के चेयरमैन हीरा सिंह, प्रधान जगदीप काटल, जनरल सेक्रेटरी गुरदीप कुमार सफरी, उप प्रधान विपनदीप, वित्त सचिव सुरजीत सिंह काटल, कैशियर हरप्रीत सिंह, हीरा लाल, मुनीष कुमार, जिला कोआर्डिनेटर मुनीष शर्मा, चेतन महाजन ने कहा कि आज सभी मुलाजिम सामूहिक छुट्टी पर रहे और स्टेट बॉडी की ओर से पूरे प्रदेश में मीटिंग की जा रही है और मीटिंग के बाद हड़ताल को लेकर लिए जाने वाला फैसला लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है, लेकिन उसे झुकने पर मजबूर किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...